मशरूम उत्पादन हेतु तीन बेहतरीन तकनीकों के बारे में जानें

By: Merikheti
Published on: 31-Jan-2024

किसान भाइयों यदि आप भी मशरूम की पैदावार से शानदार कमाई करना चाहते हैं, तो मशरूम उगाने की ये तीन शानदार तकनीक आपके लिए अत्यंत सहयोगी साबित हो सकती हैं। हम जिन तकनीक की बात कर रहे हैं, वह शेल्फ तकनीक, पॉलीथीन बैग तकनीक और ट्रे तकनीक हैं। इस लेख में आगे हम इन्हीं तकनीकों पर चर्चा करेंगे। 

भारत के कृषकों के लिए मशरूम एक नकदी फसल है, जो उन्होंने कम लागत में बेहतरीन मुनाफा कमाकर प्रदान करती है। इन दिनों देश-विदेश के बाजार में मशरूम की मांग सर्वाधिक है, जिसके चलते बाजार में इनकी कीमत में भी अच्छी खासी वृद्धि देखने को मिल रही है। ऐसे में कृषक अपने खेत में यदि मशरूम की खेती करते हैं, तो वह अच्छा-खासा मोटा मुनाफा हांसिल कर सकते हैं। इसी कड़ी में आज हम कृषकों के लिए मशरूम की तीन बेहतरीन तकनीकों की जानकारी लेकर आए हैं, जिसकी सहायता से मशरूम की उपज काफी ज्यादा होगी।

मशरूम उत्पादन हेतु तीन बेहतरीन तकनीक निम्नलिखित हैं

मशरूम उगाने की शेल्फ तकनीक

मशरूम उगाने की इस शानदार तकनीक में किसान को सशक्त लकड़ी के एक से डेढ़ इंच मोटे तख्ते से एक शैल्फ निर्मित होता है, जिन्हें लोहे की कोणों वाली फ्रेमों से जोड़कर रखना पड़ता है। ध्यान रहे, कि मशरूम उत्पादन के लिए जिन फट्टे का उपयोग किया जा रहा है। वह काफी शानदार लकड़ी के होने अत्यंत जरूरी हैं, जिससे कि वह खाद व अन्य सामग्री का वजन सुगमता से उठा सकें। शेल्फ की चौड़ाई लगभग 3 फीट और साथ ही शैल्फों के मध्य का फासला डेढ़ फुट तक होना चाहिए। इस प्रकार से किसान मशरूम की शैल्फों को एक दूसरे के ऊपर लगभग पांच मंजिल तक मशरूम को उत्पादित किया जा सकता है। 

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मशरूम उगाने की पॉलीथीन बैग तकनीक 

मशरूम उगाने की पॉलीथीन बैग तकनीक कृषकों के द्वारा सर्वाधिक अपनाई जाती है। इस तकनीक में कृषकों को ज्यादा परिश्रम करने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती है। यह तकनीक एक कमरे में सहजता से की जा सकती है। पॉलीथीन बैग तकनीक में 25 इंच लंबाई और 23 इंच चौड़ाई वाले 200 गेज माप के पॉलीथीन के लिफाफों की ऊंचाई 14 से 15 इंच और मशरूम उत्पादन करने का 15 से 16 इंच का व्यास होता है। ताकि मशरूम का काफी बेहतर ढ़ंग से विकास हो सके। 

मशरूम उगाने की ट्रे तकनीक

मशरूम उगाने की यह तकनीक बेहद सुगम है। इसमें तकनीक की सहायता से कृषक मशरूम को एक जगह से दूसरी जगह पर सहजता से ले जा सकते हैं। क्योंकि इसमें मशरूम की पैदावार एक ट्रे के जरिए से की जाती है। मशरूम उगाने के लिए एक ट्रे का आकार 1/2 वर्ग मीटर और 6 इंच तक गहरी होता है। ताकि उसमें 28 से 32 किग्रा तक खाद सुगमता से आ पाऐ। 

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