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क्रॉप कटर की सम्पूर्ण जानकारी

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किसान भाइयों आप तो जानते ही हैं कि आजकल देश में तेजी से बढ़ रहे औद्योगीकरण और शहरीकरण से गांवों में खेती-किसानी के काम करने वाले मजदूरों का मिलना मुश्किल हो गया है। जो मजदूर मिलते भी हैं वे काफी अधिक मजदूरी लेते हैं। इससे छोटे किसान भाई अपने खेती के काम खुद ही करना पसंद करते हैं। लेकिन खेती के कुछ काम ऐसे भी होते हैं जिन्हें कोई भी किसान भाई अकेले नहीं कर सकता है। जैसे खेत की कटाई का काम सबसे बड़ा काम है। इसमें कई मजदूर लगाने होते हैं। लेकिन विज्ञान ने इसका भी विकल्प निकाल लिया है। खेत की कटाई के लिए क्रॉप कटर मशीन किसान भाइयों की मदद करने के लिए आ गयी है। इस कटर मशीन के अनेक फायदे हैं। आइए जानते हैं क्रॉप कटर व उनसे मिलने वाले लाभ के बारे में।

क्या है क्रॉप कटर मशीन

जहां पहले परंपरागत औजारों हसिया, दराती से फसलों की कटाई की जाती थी। लेकिन अब उसकी जगह क्रॉप कटर मशीन आ गयी है। इस मशीन के आने से विशेष कर छोटे किसान भाइयों को काफी राहत मिल गयी है। ये क्रॉप कटर मशीन क्या चीज है, जानते हैं:-

  1. टू स्ट्रोक व 4 स्ट्रोक की छोटे से इंजन में नये तरीके से डिजाइन किये गये फसलों के अनुसार अलग-अलग ब्लेडों को लगाकर उससे अनेक तरह की फसलों की कटाई की जाती है। इसे क्रॉप कटर मशीन कहते हैं।
  2. ये इंजन पेट्रोल से चलते हैं, वजन मे आठ से दस किलो के होते हैं। ऑपरेटर अपनें कंधे पर लटका कर आसानी से फसल की कटाई कर सकता है।
  3. इन इंजनों में मनचाहे अटैचमेंट लेकर अपनी जरूरत की कोई भी फसल, घास, चारा आदि कटाई कर सकते हैं।
  4. इस क्रॉप कटर से एक अकेला व्यक्ति घंटों का काम मिनटों में कर सकता है।
  5. हसिया, दराती की कटाई की अपेक्षा इस मशीन में चौथाई भी खर्च नहीं आता है और बहुत तेजी से ज्यादा काम हो जाता है।

 

क्रॉप कटर की सम्पूर्ण जानकारी

कटर मशीन से कौन-कौन सी फसलें काटी जा सकतीं हैं

कटर मशीन खेती के काम आने वाली बहुत अच्छी मशीन है। इससे छोटी काश्त वाले किसान भाई अपनी जरूरत की अनेक फसलों को बड़े आराम से अकेले ही काट सकते हैं। इस मशीन से जिन प्रमुख फसलों की कटाई होती है, उनमें से कुछ इस प्रकार हैं:-

  1. गेहूं
  2. जौं
  3. धान
  4. सरसों
  5. गन्ना
  6. मक्का

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कटर मशीन से कौन-कौन से अन्य काम भी लिये जा सकते हैं

खेती में फसल कटाई के अलावा कई और काम इस कटर मशीन से लिये जा सकते हैं। खेती के साथ बागवानी व बाग-बगीचे के काम में भी इस मशीन से कटाई व सफाई का काम किया जा सकता है।

  1. झाड़ी की कटाई
  2. घास की कटाई
  3. बागवानी में पौधों के बीच या आसपास की खरपतवार की कटाई
  4. बागों में पेड़ के किनारे की मिट्टी की गुड़ाई
  5. कुएं से सिंचाई
  6. गड्ढे या खेत में भरे पानी को निकालने का काम

कैसी होती है ये क्रॉप कटर मशीन

मोटर से चलने वाली यह मशीन गेहूं, जौं, सरसों व धन की फसलों को पकने पर 15 से 20 सेमी की ऊंचाई से काट सकती है। क्रॉप कटर काटने की मशीन में साइकिल के फ्राइव्हील के चक्के के समान कटर ब्लेड आगे लगाकर गेहूं, जौ आदि की फसलों की कटाई की जाती है, जिस ब्लेड में 40 से 120 तक दांत होते हैं। इसकी मोटर 50 सीसी पॉवर के आसपास की होती है। इस मशीन में एक बार में सवा लीटर तक पेट्रोल भरा जाता है। जो लगभग दो से ढाई घंटे तक चलता है।

मशीन के खास पुर्जे

  1. गोलाकार आरा ब्लेड
  2. विंडरोइंग सिस्टम
  3. सेफ्टी कवर
  4. कवर के साथ ड्राइव सॉफ्ट
  5. हैंडल
  6. ऑपरेटर के लिए हैंगिंग बैंड पेट्रोल टैंक
  7. स्टार्टर नॉब
  8. चोक लीवर
  9. एयर क्लीनर

कैसे चलती है यह मशीन

यह क्रॉप कटर मशीन 25 सेमी की ऊंचाई और 24 सेमी व्यास वाले ब्लेड को आधे बेलन के आकार की एक एल्यूमिनियम की शीट को काटने वाले ब्लेड के ऊपरी भाग पर फिट किया जाता है। उससे पौधों की कटाई की जाती है। फसलों को इकट्ठा करने और एक समान पंक्ति बनाने के लिए एक गार्ड भी लगा होता है।

कटर मशीन से किसान भाइयों को होने वाला लाभ

क्रॉप कटर मशीन से किसान भाइयों, खास कर छोटे किसान भाइयों को अधिक लाभ होता है। उन्हें मजदूर सम्बन्धी अनेक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है। कौन-कौन से लाभ मिलते हैं, उनमें से प्रमुख इस प्रकार हैं:-

  1. मजदूरों की तलाश नहीं करनी पड़ती है
  2. कटाई के समय महंगी मजदूरी नहीं देनी पड़ती है
  3. बिजली आदि का इंतजार नहीं कर पड़ता है
  4. फसल कटाई की लागत भी बहुत कम आती है। 75 प्रतिशत की बचत होती है
  5. मजदूरों की अपेक्षा फसल की कटाई भी बहुत साफ सफाई तरीके से होती है
  6. मजदूरों द्वारा कटाई के समय किया जाने वाला नुकसान नहीं होता है
  7. मजदूरों की निगरानी व उनकी सेवा-पानी भी नहीं करना पड़ता है
  8. एक रिसर्च के अनुसार इस मशीन से फसल की कटाई में प्रति हेक्टेयर के खेत में 16 घंटे का समय लगता है। इस कटाई में 1800 रुपये की लागत आती है। जबकि मजदूरों से कटाई कराने में एक एकड़ में 25 मजदूरों को एक दिन यानी 8 घंटे का समय लगता है। इसके लिए किसान भाई को कम से कम 7500 रुपये देने पड़ते हैं। इस तरह से मशीन से कटाई में प्रति एकड़ 5700 रुपये की बचत होती है।

किस फसल के लिए कौन सा ब्लेड किया जाता है इस्तेमाल

इस क्रॉप कटर मशीन में अलग-अलग फसलों के लिए अलग-अलग ब्लेड का इस्तेमाल करना होता है। जो इस प्रकार है:-

  1. मोटे तथा कड़े पौधे के लिए अधिक दांत वाले ब्लेड का उपयोग करना होता है।
  2. मुलायम व पतले पौधे के लिए कम दांत वाले ब्लेड का इस्तेमाल किया जाता है।
  3. गेहूं, मक्का, सरसों, जौं की फसलों की कटाई के लिए 80 से 120 दांतों वाले ब्लेड का इस्तेमाल किया जाता है।
  4. चारा काटने के लिए 60 दांतों वाले ब्लेड का प्रयोग किया जाता है।
  5. दो इंच की मोटाई वाले पौधों की कटाई के लिए 40 दांत वाले ब्लेड लगाने चाहिये।
  6. गन्ने की कटाई के लिए स्पेशल ब्लेड आता है, उसका उपयोग करना चाहिये।

कैसे करें मशीन का मेंटीनेंस

1.मशीन चलाने से पहले कंपनी की गाइडलाइन के अनुसार इंजन ऑयल या टूटी ऑयल अवश्य डालें।

2.पहली बार मशीन को 20 घंटे तक चलाने के बाद इंजन ऑयल अवश्य बदलें।

3.मोटर की कंपनी द्वारा तय किये गये समय पर मोटर की सर्विस अवश्य करायें।

4.काम करने के बाद मशीन को सूखे कपड़े से साफ करें।

5.ईधन भरने के लिये फ्यूल कैप निकालने से पहले इंजन को अवश्य बंद कर दें। स्पार्किंग होने से आग लगने की आशंका रहती है।

6.एक घंटे तक लगातार मोटर चलाने के बाद मशीन को 15 मिनट के लिए बंद कर दें।

7.सही मेंटीनेंस करने से कटर मशीन पांच साल तक चलाई जा सकती है।

8.सही तरीके से मेंटीनेंस करने से मशीन की मरम्मत आदि में बहुत कम खर्चा आता है।

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किसान भाई मशीन चलाते समय क्या सावधानियां बरतें

  1. मशीन चलाते समय सुरक्षा के सभी उपकरणों को पहनना जरूरी होता है।
  2. पुराने घिसे हुए या क्षतिग्रस्त ब्लेड का उपयोग न करे, हानिकारक हो सकता है।
  3. मोटर में पेट्रोल भरते समय बीड़ी-सिगरेट न सुलगायें।
  4. कटर मशीन और उसके ब्लेडों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
  5. कटर मशीन को आपसी व्यवहार में किसी को भी न बांटें।
  6. किसी नौसिखिया से फसल की कटाई न करायें

अच्छी मशीन कौन सी होती है

किसान भाइयों आपने तो वो कहावत तो सुन ही रखी होगी कि सस्ता रोये बार-बार, महंगा रोये एक बार। यही हाल इन मशीनों का है। मशीन बनाने वाली कंपनियों ने किसानों के बजट की दुहाई देकर सस्ती मशीने बना रखीं हैं। ये मशीने दो स्ट्रोक की होती हैं। पहली बाद दाम देने में भले ही ये मशीने आपको सस्ती लगतीं हों लेकिन ये ऊपरी चमक-दमक वाली होती हैं। इस तरह की मशीनों मे अच्छी मशीनों की अपेक्षा 25 से 50 परसेंट तक पेट्रोल अधिक लगता है। इन मशीनों की बनावट ऐसी होती है कि इस्तेमाल करने वाले को इंजन का धुआ सीधे शरीर में जाता है और शोर अधिक करने से किसान भाइयों को ध्वनि प्रदूषण का शिकार होना पड़ता है। इसके अलावा ये मशीने कब खराब हो जायें कोई पता नहीं है। यह बात अलग है कि कंपनी इन मशीनों की एक साल की वारंटी देती है लेकिन फसल की कटाई के समय मशीन खराब हो जायेगी तो किसान का काम रुक जायेगा और मशीन कंपनी से कब ठीक होकर आयेगी तब क्या होगा कोई पता नहीं। क्योंकि मशीन बेचते समय सब मीठा बोलते हैं कम्पलेंट करने पर अनेक बहाने व बहस करते हैं।

किसान भाइयो आपको मोटर इंटरनेशल ब्रांड की कंपनी वाली लेनी चाहिये। साथ ही ब्लेड बहुत सारे न लेकर उन ब्लेडों को लें जिसकी आपका जरूरत हो। इस तरह के ब्लेडों के कई सेट भी ले सकते हैं।

मशीन की कीमत

क्रॉप कटर मशीन की कीमत अधिक नहीं होती है। वैसे यह मशीन 15 -16 हजार रुपये से  लेकर 32 हजार रुपये तक में मिल सकती है। लेकिन किसी ब्रांडेड कंपनी की मोटर सहित 25 हजार रुपये में अच्छी मशीन मिल सकती है। जिन किसान भाइयों को इससे भी अधिक अच्छी मशीन खरीदनी है तो कई कंपनियों की एडवांस तकनीक वाली मशीनें मिलती हैं जिनकी कीमत 40 हजार रुपये तक होती है।

 

 

 

 

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