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किसान बनें बीज कारोबारी

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आपको कई किसान मिल जाएंगे जो राष्ट्रीय बीज निगम या अन्य प्राईवेट कंपनियों के लिए किसी भी फसल को लगाते तो हैं लेकिन उसे बेचने के लिए मंडी या सरकारी लेबी का मुंह नहीं ताकते। बात यदि एनएससी की करें तो इसके लिए भी अनेक किसान बीज उगाते हैं और एमएसपी से अधिक कीमत पर अपनी फसल बेचते हैं। उन्हें उच्च गुणवत्ता का बीज मिलने के कारण उपज भी अच्छी मिलती है। बात साफ है कि गेहूं, धान, दालें जो भी लगाओ लेकिन इन्हें बीज के लिए लगाने की आदत बनाइये।

बीज उत्पादन में रोजगार की संभावनाएं
बीज उत्पादन में अपार संभावनाएं हैं। बीज सृष्टि से सृजन से अंत और पुनर रचना तक काम आने वाली सामग्री है। इसी लिए बीज की जरूरत हर समय रहेगी। आज भी देश में एक तिहाई किसान नया बीज नहीं लगाते। ज्यादातर किसान पुराना बीज का ही प्रयोग करते हैं। इससे उनकी उपज भी कम होती है।

हाइब्रिड बीज उत्पादन
देश में बाजरा, कपास, ज्वार, धान, सूरजमुखी एवं सब्जियों आदि के हाइब्रिड बीज अनेक सरकारी संस्थानों एवं प्राईवेट कंपनियों द्वारा तैयार किए जाते हैं। हाइब्रिड बीज का उत्पादन आन्ध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र तथा गुुजरात में मुुख्य तौर पर किया जाता है। अनेक प्राईवेट कंपनियां इन राज्यों में सालों से किसानों के साथ अनुबंध के आधार पर बीज तैयार कराती हैं। बीज उत्पादन से किसानों को माल बेचने की समस्या भी नहीं होती और उनकी माली हालत में भी खास सुधार हुआ है। हाइब्रिड बीज उत्पादन के लिए सरकारी संस्थानों, कृषि विश्वविधालयों में संपर्क किया जा सकता है। इसकी ट्रेनिंग एवं नर और मादा लाइन का बीज यहां से प्राप्त किया जा सकता है। देश के हर राज्य में कृषि विश्वविद्याल हैं। जो किसान इस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं अपने नजदीकी कृषि विश्वविद्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

खुुले परागण वाली किस्मों का बीज उत्पादन
राष्ट्रीय बीज निगम, राज्य बीज निगम, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद आदि के संस्थान प्रगतिशील किसानों से बीज उत्पादन कराते हैं। इसके लिए उन्हें आधारीय बीज दिया जाता है और इससे प्रमाणित एवं सत्यापित बीज उत्पादन किया जाता है। सरकारी संस्थान ही किसानों से बाजार से काफी ज्यादा कीमत पर खरीदकर अगले साल बीज के लिए खरीद लेत हैं।

फूलों का बीज उत्पादन
पुष्पों के बीज उत्पादन में बेहद अच्छी संभावनाएं हैं। इसके बीजों की बेहद अच्छी कीमत मिलती है। गेंदा, विन्का, साल्विया, गैलार्डिया, गजनिया, एलायसम, कोरियाप्सिस, आइपोमिया, सूरजमुखी आदि अनेक पुष्पों का बीज तैयार किया जा सकता है। पुष्पों का बीज उत्पादन किसी कंपनी के लिए अनुबंध के आधार पर किया जाना ठीक रहता है। किसान अपने स्तर पर बाजार नहीं तलाश सकते।

बीज उत्पादन का तरीका
बीज उत्पादन सीखने के लिए सबसे पहले किसी कंपनी या सरकारी बीज निगम आदि के लिए बीज बनाने का काम किया जाना ठीक रहता है। राष्ट्रीय बीज निगम किसानों से हर राज्य व प्रदेश में तकरीबन अधिकांश फसलों का बीज उत्पादन कराती है। प्रारंभ में इनके लिए बीज उत्पादन करने से किसानों को पता चल जाता है कि फसल की तरह ही बीज उत्पादन में किन किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है। अधिक जाकनारी के लिए अपने जिले के जिला कृषि अधिकारी, उप कृषि निदेशक एवं बीज प्रमाणीकरण संस्था के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। बीज उत्पादन की जानकारी के लिए जिले के कृषि विज्ञान केन्द्र पर भी जानकारी की जा सकती है। किसी भी फसल को सामान्य तरीके से लगाने और बीज के लिए लगाने से मुनाफे में कमसे कम 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़त हो जाती है।

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