गहलोत सरकार १ नवंबर से करेगी इन फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीद, शीघ्र करें पंजीयन

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राजस्थान राज्य में समर्थन मूल्य पर 1 नवम्बर से मूंगफली, मूंग, सोयाबीन तथा 18 नवम्बर से उड़द की खरीद की शुरुआत होगी, जिसके ऑनलाइन पंजीयन की शुरुआत २७ अक्टूबर से हो जाएगी।

राजस्थान राज्य में रहने वाले किसानों के लिए हर्ष की बात है, गहलोत सरकार द्वारा कुछ फसलों की खरीद करने के लिए पंजीकरण की घोषणा की है। साथ ही सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना का कहना है कि, राज्य में राजफैड (Rajfed) माध्यम से समर्थन मूल्य पर मूंगफली, सोयाबीन की खरीद की जाएगी, इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण 27 अक्टूबर से प्रारम्भ होना तय किया गया है। उनका कहना है कि राज्य में खरीद के लिए कुल 879 खरीद केन्द्र स्थापित किये गये हैं। साथ ही, 1 नवम्बर से मूंग, उड़द एवं सोयाबीन की खरीद प्रारंभ हो जाएगी, जबकि मूंगफली की खरीद 18 नवम्बर से शुरू होगी।

सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना ने कहा है कि, सोयबीन के लिए 83, उड़द के लिए 166, मूंगफली के 267 एवं मूंग के लिए 363 खरीद केन्द्रों की व्यवस्था की गयी है। इनमें 460 ग्राम सेवा सहकारी समितियों एवं 419 केन्द्र क्रय-विक्रय सहकारी समितियों पर स्थापित हुए हैं। साथ ही आंजना का कहना है कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसलिए सुबह 9 बजे से सायं 7 बजे तक ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था ई-मित्र तथा खरीद केन्द्रों पर कराया जाना सुनिश्चित किया गया है।

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राजस्थान सरकार द्वारा कितनी खरीदी का लक्ष्य तय किया गया है ?

मंत्री उदय लाल आंजना का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य में समर्थन मूल्य पर उड़द का 62 हजार 508 मीट्रिक टन, सोयाबीन का 3 लाख 61 हजार 790 मीट्रिक टन, मूंगफली का 4 लाख 65 हजार 565 मीट्रिक टन, तथा मूंग की खरीद का लक्ष्य 3 लाख 2 हजार 745 मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उड़द का समर्थन मूल्य 6600, मूंग का समर्थन मूल्य 7755, तथा मूंगफली का 5850 प्रति क्विंटल एफएक्यू श्रेणी का एलान हुआ है।

किसानों को कौन सी बातों का रखना है सर्वाधिक ध्यान ?

सहकारिता मंत्री का कहना है कि किसानों को बैंक पासबुक की प्रति, जनआधार कार्ड नम्बर और खसरा गिरदावरी की प्रति, पंजीयन के दौरान फार्म में जोड़कर अपलोड करनी अति आवश्यक है। किसी भी किसान के माध्यम से बिना गिरदावरी स्वयं का पंजीयन करवाना, उसका पंजीयन समर्थन मूल्य पर खरीद के लिये स्वीकार नहीं किया जायेगा। साथ ही उनका कहना है कि ई-मित्र केन्द्र में भी समर्थन मूल्य योजना में किसानों का पंजीयन सही व संतोषजनक जाँच कर करें एवं तहसील से बाहर पंजीयन किसी भी स्तिथि में ना करें। इसके अतिरिक्त किसान एक जनआधार कार्ड में लिखित नाम जिसके नाम से गिरदावरी निर्धारित होगी, उसके नाम से एक पंजीयन हो पायेगा। साथ ही, किसान इस बात का खासकर ध्यान रखें कि जिस किसी भी तहसील में कृषि भूमि है, उसी तहसील के कार्यक्षेत्र सम्बंधित खरीद केन्द्र पर पैदावार को बेचने के लिए पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करें, अन्य किसी तहसील में पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जायेगा।

किसान सम्बंधित समस्याओं के लिए हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध होगा

आंजना ने कहा है कि किसानों को पंजीयन कराते वक्त यह ध्यान में रहे कि जनआधार कार्ड, पंजीकृत मोबाईल नम्बर से जुड़वालें, जिससे समय पर तुलाई सम्बंधित दिनांक की जानकारी प्राप्त हो सके। किसान अपने चालू बैंक खाते की सही संख्या दें, जिससे कि उनको ऑनलाइन भुगतान के समय किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही किसानों को आने वाली दिक्कतों के निराकरण के लिए 27 अक्टूबर से हेल्प लाइन नम्बर 1800-180-6001 प्रारंभ हो जायेगा।

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