इस राज्य सरकार ने दलहन-तिलहन खरीद के लिए पंजीयन सीमा में की 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी - Meri Kheti

इस राज्य सरकार ने दलहन-तिलहन खरीद के लिए पंजीयन सीमा में की 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

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इन दिनों रबी का सीजन चल रहा है, खेतों में रबी की फसलें लहलहा रही हैं और जल्द ही इनकी हार्वेस्टिंग शुरू हो जाएगी। इसको देखते हुए भारत के कई राज्यों की सरकारों ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। लगभग सभी राज्यों में रबी सीजन में उत्पादित होने वाली फसलों के पंजीयन शुरू कर दिए गए हैं, ताकि किसानों की फसलों को बेहद आसानी से खरीदा जा सके तथा उनके बैंक खातों में फसलों का भुगतान शीघ्र अतिशीघ्र किया जा सके।

इसी कड़ी में राजस्थान सरकार ने अपने राज्य में रबी फसलों का पंजीयन शुरू कर दिया है। इसके लिए सरकार ने हर जिले में पंजीयन केंद्र बनाए हैं, जहां किसान आसानी से जाकर अपनी फसल का पंजीयन करवा सकते हैं। इस बार राजस्थान सरकार का अनुमान है, कि पिछली बार की अपेक्षा दलहन और तिलहन का बम्पर उत्पादन होने वाला है। इसको देखते हुए राजस्थान सरकार ने दलहन और तिलहन के लिए खरीदी केंद्रों में पंजीयन सीमा बढ़ाने की स्वीकृति दी है। पूरे राज्य में दलहन और तिलहन की खरीदी में केंद्रों में 10 प्रतिशत पंजीयन की बढ़ोत्तरी की गई है। इसकी जानकारी राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने मीडिया को दी है।

सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि राजस्थान सरकार ने मूंग के 368 खरीद केन्द्रों पर, मूंगफली के 270 खरीद केन्द्रों पर, उड़द के 166 खरीद केन्द्रों पर तथा सोयाबीन के 83 खरीद केन्द्रों पर पंजीयन सीमा को बढ़ा दिया है। ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान बेहद आसानी से अपना पंजीयन करवा पाएं। सहकारिता मंत्री ने बताया कि सरकार के इस कदम से राज्य में 41 हजार 271 अतिरिक्त किसानों को लाभ मिलेगा।

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बकौल सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना, पंजीयन सीमा बढ़ाने से मूंग के 10 हजार 775 किसान, मूंगफली के 15 हजार 856 किसान, उडद के 2 हजार 158 किसान एवं सोयाबीन के 12 हजार 482 किसान और लाभान्वित हो सकेंगे। अगर अभी तक के रिकार्ड की बात करें तो न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी फसलें बेचने के लिए किसानों ने बंपर पंजीयन करवाए हैं। मूंग की फसल के लिए अब तक 67 हजार 409 किसान पंजीयन करवा चुके हैं। जबकि मूंगफली के लिए अभी तक 22 हजार 638 किसानों ने पंजीयन कराया है।

राज्य में अगर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की बात की जाए, तो इस साल अब तक मूंग की 50 हजार 389 मीट्रिक टन खरीदी की जा चुकी है। जिसे 26 हजार 583 किसानों से खरीदा गया है। साथ ही 638 मीट्रिक टन मूंगफली खरीदी जा चुकी है। खरीद के बाद अब तक 7 हजार 698 किसानों को उनके बैंक खातों में फसल का सीधा भुगतान किया जा चुका है। बाकी जिन किसानों की राशि बची है, उसका भुगतान जल्द से जल्द कर दिया जाएगा।

सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया है, कि इस साल सरकार ने 3.03 लाख मीट्रिक टन मूंग, 62 हजार 508 मीट्रिक टन उड़द, 4.66 लाख मीट्रिक टन मूंगफली तथा 3.62 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन खरीदने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि, राजस्थान सरकार ने प्रारंभ में खरीदी लक्ष्य का 90 प्रतिशत पंजीयन कराने का ही फैसला किया था। लेकिन अब सरकार ने अपना निर्णय बदलते हुए इसमें 10 फीसदी का इजाफा कर दिया है। ताकि लक्ष्य का 100 प्रतिशत खरीदी की जा सके।

सरकार के इस निर्णय से उन किसानों को बड़ा लाभ होने वाला है, जो अपनी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य में बेचने के लिए पंजीयन नहीं करवा पा रहे थे।

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