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आ गया 21वीं सदी का अनोखा ट्रैक्टर

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कृषि क्षेत्र में आजकल नए-नए प्रयोग हो रहे हैं. जिनकी वजह से किसान भाइयों की जिंदगी भी आसान बन रही है. आज हम खेतों में मशीनों के द्वारा बड़े से बड़े काम भी आसानी से कर सकते हैं. जो की आजकल आप देख रहे होंगे. इन्हीं में से एक यन्त्र है जिसका नाम ट्रेक्टर है. जिसकी सहायता से हम बड़े बड़े काम चुटकी बजा के करते हैं. अब ट्रैक्टर्स में भी नए-नए अविष्कार हो रहे हैं. अभी कुछ दिन पहले बैटरी से चलने वाला ट्रेक्टर आया था अब उससे भी एक कदम आगे बिना गियर और क्लच के और दोनों तरह के ईंधन से चलने वाला ट्रेक्टर भी बाजार में आ गया है. जो कि फुली एसी केबिन, 20 नए फीचर, इलेक्ट्रिक और डीजल दोनों से चलने वाला है.

1999 में जर्मनी में ईजाद हुए अत्याधुनिक तकनीकी वाले ट्रैक्टर अब भारत में भी तैयार होने लगे हैं। इनकी खूबी है की यह बिना बैटरी के भी चल सकते हैं और डीजल से भी चल सकते हैं। घर में बिजली की जरूरत हो तो थ्री फेस लाइट की 40 केवीए सप्लाई दे सकते हैं। यह पंपसेट को चलाने में भी कारगर हैं। इन्हें चलाने के लिए ना क्लच दबाने की आवश्यकता है न गियर बदलने की। फारवर्ड, न्यूट्रल और रिवर्स मोड में काम करने वाले यह ट्रैक्टर पुराने ट्रैक्टरों के मुकाबले 20 अत्याधुनिक तकनीकी वाले नए फीचर्स से लैस हैं। लग्जरी गाड़ियों की तरह बगैर पीछे मुड़े ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर के पीछे होने वाली गतिविधियों पर भी नजर रख सकता है और आगे की गतिविधियों पर भी। चारों टायर फ्री मोड में होने के कारण किसी भी एक टायर के सहारे इसे दलदल में से भी निकाला जा सकता है और गड्ढे में से भी निकाला जा सकता है।

आप सोच रहे होंगे ऐसा ट्रैक्टर कौन सा है और किस कंपनी ने लांच किया है। जी हां प्रोजेक्टो कंपनी ने इस तरह के पहले और अनूठे ट्रैक्टर को लांच किया है। 50 हॉर्स पावर के बेस मॉडल वाले इन ट्रैक्टरों को हाइब्रिड एग्रीकल्चर व्हीकल एच ए वी नाम दिया गया है। एचआईवी S1 एवं S2 मॉडल खासे चर्चा में हैं। कंपनी के एमडी अंकित त्यागी ने पीटीआई को ट्रैक्टर की खूबियों के विषय में बताया।

ट्रैक्टर की खूबियां

एचपी सीरीज के ट्रैक्टर बिना क्लच गियर के काम करते हैं। इनकी केबिन भी फुली एसी है। ट्रैक्टर पर ड्राइवर के बगल में ही एलईडी लगी है जिसमें ट्रैक्टर को बैक करने, मोड़ने की स्थितियों में पीछे की चीजें भी साफ दिख सकती हैं। यह देश का पहला हाईटेक ट्रैक्टर है। इको फ्रेंडली ट्रैक्टर 20 नई खूबियों वाले हैं।

तेल की खपत भी होगी कम

कंपनी का दावा है की इस तकनीकी के ट्रैक्टरों में 28 से 50 परसेंट तक तेल की खपत भी कम होगी। तेल की बढ़ती कीमतों एवं कृषि में घटते लाभ को बढ़ाने की दिशा में इस तकनीकी वाले ट्रैक्टर किसानों की माली हालत सुधारने में बेहद कारगर होंगे।

खेत और घर दोनों जगह बिजली

एचएवी तकनीक वाले ट्रैक्टरों का उपयोग घरेलू एवं सिंचाई के लिए चलने वाले पंपसेटों को विद्युत आपूर्ति देने में भी किया जा सकता है। 40 केवीए विद्युत आपूर्ति इन ट्रैक्टरों के माध्यम से 3 फेस में दी जा सकती है।

हर टायर में अलग पावर

गांव देहात की पगडंडियों पर जिप्सी की सवारी लोग भूले नहीं हैं। अगर पथरीली हो रेतीली हो या दलदल भरी हो उसके पहिए बेहद कम ही अटकते हैं। एचआईवी सीरीज के ट्रैक्टरों के चारों पहियों में अलग-अलग पावर दिए जाने के कारण इनकी खूबी भी बेमिसाल है। यह किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति से निपटने में खुद ही सक्षम हैं। फसने की स्थिति में उन्हें निकालने के लिए नल ऑर्डर की आवश्यकता होती है नहीं दूसरे ट्रैक्टर को बुलाने की आवश्यकता होती है। एचआईवी सीरीज के एस वन मॉडल की कीमत कंपनी ने 949000 रखी है वहीं s2 सीरीज की कीमत 11 लाख ₹99000 रखी है। कंपनी इन ट्रैक्टरों की 10 साल की वारंटी भी दे रही है।

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