भूमि की तैयारी

बलुई दोमट या दोमट मिट्टी तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त होती है। अच्छी जल निकास सुनिश्चित करने के लिए खेत की गहरी जुताई करें। खेत में मौजूद खरपतवार और अवशेषों को साफ कर दें।

बुवाई

बीजों को उपचारित करके (fungus से बचाव के लिए) और कतारों में बोएं। कतारों के बीच 30-45 सेंटीमीटर और पौधों के बीच 10-15 सेंटीमीटर का अंतर रखें।

खाद डालना

बुवाई के 30-40 दिन बाद, प्रति हेक्टेयर 25 किलोग्राम यूरिया का शीर्ष-पल्लेवन (top dressing) करें। मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए जैविक खाद, जैसे वर्मीकम्पोस्ट या हरी खाद का उपयोग करें।

सिंचाई

तिल एक सूखा सहनशील फसल है, लेकिन अत्यधिक सूखे से पैदावार कम हो सकती है। मिट्टी की नमी के आधार पर सिंचाई करें। आमतौर पर, 10-15 दिनों के अंतराल पर हल्की सिंचाई पर्याप्त होती है।