केसर की खेती ठंडी जलवायु में होती है, जिसमें तापमान 10°C से 25°C के बीच होता है।
केसर की खेती बलुआही-दोमट मिट्टी में अच्छी तरह से होती है।
केसर के बल्ब (कंद) को अक्टूबर-नवंबर में रोपा जाता है।
केसर की खेती के लिए कम पानी की आवश्यकता होती है। बल्बों को रोपने के बाद, उन्हें सिंचाई की आवश्यकता होती है, इसके बाद फूल आने के बाद और फिर कटाई के बाद।
केसर की खेती के लिए खाद की आवश्यकता नहीं होती है।
केसर की खेती में खरपतवार नियंत्रण महत्वपूर्ण है। खरपतवारों को हाथ से या रासायनिक खरपतवारनाशकों का उपयोग करके नियंत्रित किया जा सकता है।
केसर की खेती में कुछ कीटों और रोगों का प्रकोप हो सकता है। इनका नियंत्रण उचित कीटनाशकों और रोगनाशकों के उपयोग से किया जा सकता है।
केसर के फूलों को फूल आने के 2-3 दिनों के बाद कटा जाता है। फूलों को सुबह जल्दी काटा जाता है जब वे अभी भी बंद होते हैं।