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ग्रीष्मकालीन तोरई की खेती किसानों को कम समय में अच्छा लाभ दिला सकती है

ग्रीष्मकालीन तोरई की खेती किसानों को कम समय में अच्छा लाभ दिला सकती है

किसान भाई तोरई की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। महाराष्ट्र में किसान इसकी बड़े स्तर पर खेती करते हैं। तोरई की बाजारों में सदैव मांग बनी रहती है। यह एक बेल वाली कद्दूवर्गीय सब्जी है, जिसको बड़े खेतों के अतिरिक्त छोटी गृह वाटिका में भी उगाया जा सकता है। तोरई की खेती को कद्दूवर्गीय फसलों में शुमार किया जाता है, जो कि अत्यंत फायदेमंद खेती मानी जाती है। तोरई की खेती को व्यावसायिक फसल भी कहा जाता है। किसान भाई यदि इसकी वैज्ञानिक तरीके से खेती करें तो इसकी फसल से उनको अच्छी उपज हांसिल हो सकती है। परिणामस्वरूप...
प्रीत कंपनी के इस ट्रैक्टर की ताकत और भार उठाने की क्षमता जान होश उड़ जाएंगे

प्रीत कंपनी के इस ट्रैक्टर की ताकत और भार उठाने की क्षमता जान होश उड़ जाएंगे

कृषि क्षेत्र में ट्रैक्टर की विशेष भूमिका होती है। इसलिए आज हम आपको भारतीय किसानों के बीच प्रीत कंपनी के एक ऐसे ट्रैक्टर की जानकारी देंगे, जो कि शक्ति का ट्रांसफॉर्मर है। दरअसल, प्रीत कंपनी भारतीय बाजार में आधुनिक तकनीकी से शक्तिशाली और मजबूत ट्रैक्टर बनाने के लिए जानी जाती है। प्रीत कंपनी के ट्रैक्टर फ्यूल एफिशिएंट और शक्तिशाली इंजन के साथ आते हैं, जो कम से कम तेल खपत के साथ कृषि कार्यों को सरल बनाते हैं। प्रीत ट्रैक्टर किफायती होने के साथ-साथ जबरदस्त फीचर्स के साथ आते हैं। आप भी खेती के लिए आधुनिकता से परिपूर्ण शक्तिशाली ट्रैक्टर खरीदने की...
महिंद्रा का यह मिनी ट्रैक्टर अपनी खूबियों से जीत रहा किसानों का दिल

महिंद्रा का यह मिनी ट्रैक्टर अपनी खूबियों से जीत रहा किसानों का दिल

भारतीय किसानों के बीच महिंद्रा कंपनी के ट्रैक्टर पहली पंसद बने हुए हैं। बीते लंबे वक्त से महिंद्रा ट्रैक्टर कृषि क्षेत्र में बेहतरीन परफॉर्मेंस के साथ कार्यों को सुगम बना रहे हैं। कंपनी के जीवो सीरीज में आने वाले ट्रैक्टरों की विशेष मांग रहती है। जीवो ट्रैक्टर शक्तिशाली और फ्यूल एफिशिएंट तकनीक वाले इंजन के साथ आते हैं, जो कम से कम ईंधन की खपत करते हैं। अगर आप भी छोटी खेती के लिए मिनी ट्रैक्टर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए महिंद्रा जीवो 245 डीआई ट्रैक्टर काफी अच्छा विकल्प हो सकता है। यह महिंद्रा मिनी ट्रैक्टर...
ऑटोनेक्स्ट कंपनी इलेक्ट्रिक और स्वचालित ट्रैक्टर लांच करने जा रही है

ऑटोनेक्स्ट कंपनी इलेक्ट्रिक और स्वचालित ट्रैक्टर लांच करने जा रही है

किसान भाइयों को अपनी खेती के कार्यों को समय से पूरा करने के लिए कृषि उपकरणों की आवश्यकता होती है। ट्रैक्टर इन कृषि उपकरणों में से सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ट्रैक्टर को किसानों का सच्चा मित्र भी कहा जाता है। किसानों की लागत में कमी करने के लिए भारत के पहले इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर स्टार्ट-अप में से एक ऑटोनेक्स्ट ऑटोमेशन ने स्वदीप पिलारिसेट्टी के नेतृत्व में एचएनआई के एंजेल निवेश से सीड राउंड फंडिंग में 6.4 करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल की है, जो ऑटोनेक्स्ट ऑटोमेशन के बोर्ड सदस्यों में से एक है। फंडिंग राउंड का नेतृत्व कीरेत्सु फोरम,...
जानें स्वराज 960 एफई की विशेषताएं, फीचर्स और कीमत के बारे में

जानें स्वराज 960 एफई की विशेषताएं, फीचर्स और कीमत के बारे में

महिंद्रा की डिवीजन स्वराज कंपनी किसानों की जरूरतों के अनुरूप ट्रैक्टर बनाने को लेकर काफी विख्यात है। यह अपने ट्रैक्टर को किसानों की पसंद और उनके जेब की स्थिति को देखकर तैयार करती है। भारतीय बाजार में स्वराज ट्रैक्टर एक ईंधन-कुशल इंजन द्वारा संचालित है, जो उपयोग और अनुप्रयोगों में संगत और मजबूत है। स्वराज 960 एफई ट्रैक्टर में 2व्हील ड्राइव है, जो आपको सभी कार्यों को आसानी से पूरा करने में मदद करता है। इसके अलावा, इन ट्रैक्टरों को कपास, गन्ना, दाख की बारियां और बागों जैसे सभी प्रकार की फसल के लिए रखा जाता है। ट्रैक्टर का अत्यधिक...
जानिए हरे चारे की समस्या को दूर करने वाली ग्रीष्मकालीन फसलों के बारे में

जानिए हरे चारे की समस्या को दूर करने वाली ग्रीष्मकालीन फसलों के बारे में

पशुपालकों को हरा चारा सुनिश्चित करने के लिए काफी अधिक परिश्रम करना पड़ सकता है। भारतीय मौसम विगाग का कहना है, कि इस बार गर्मी अपने चरम स्तर पर पहुँचने की आशंका है। विगत दिनों तापमान में सामान्य से अधिक वृद्धि होने की वजह से पशुपालकों के हरे चारे की उपलब्धता में गिरावट आ रही है। क्योंकि, तापमान में वृद्धि होने के कारण खेतों में नमी की मात्रा में गिरावट देखने को मिल रही है। हरे चारे पर इसका प्रत्यक्ष तौर प्रभाव देखने को मिल रहा है। इस वजह से पशुपालकों को वक्त रहते ही हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित कर...
राज्य की बूंद बूंद सिंचाई योजना से लाभान्वित किसान फूलचंद की कहानी

राज्य की बूंद बूंद सिंचाई योजना से लाभान्वित किसान फूलचंद की कहानी

राजस्थान सूक्ष्म सिंचाई मिशन के अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा 5 हेक्टेयर तक के खेत में ड्रिप सिस्टम लगवाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर किसानों को 70% प्रतिशत की सब्सिडी मुहैय्या कराई जा रही है।पानी की मूल्य राजस्थान के किसान से बढ़कर कोई नहीं जानता है। भारत में अधिकतर कृषि का क्षेत्रफल आज भी बारिश की मेहरबानी पर ही निर्भर है। अब ऐसी स्थिति में राज्य सरकार का राजस्थान सूक्ष्म सिंचाई मिशन कृषक और कृषि दोनों के लिए ही लाभकारी कदम सिद्ध हो रहा है। यह मिशन किसान भाइयों के लिए वरदान के स्वरुप...