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फसल

बसंत कालीन गन्ने की टॉप 3 किस्में: कम लागत में 600 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक दे सकती हैं जबरदस्त उपज

बसंत कालीन गन्ने की टॉप 3 किस्में: कम लागत में 600 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक दे सकती हैं जबरदस्त उपज

600 क्विंटल तक उपज देने वाली गन्ने की 3 बेहतरीन किस्मेंआज के समय में देश के किसान ऐसी फसलों की तलाश में रहते हैं, जिनसे कम लागत में अधिक मुनाफा प्राप्त किया जा सके। इसी क्रम में गन्ने की खेती किसानों के लिए एक भरोसेमंद और लाभकारी विकल्प बनकर उभरती है। गन्ने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी मांग पूरे वर्ष बनी रहती है, क्योंकि इससे चीनी, गुड़, शक्कर, एथेनॉल जैसे कई महत्वपूर्ण उत्पाद तैयार किए जाते हैं। यही कारण है कि बाजार में गन्ने का भाव अपेक्षाकृत स्थिर रहता है। यदि किसान...
गेहूं की बुआई को लेकर भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान की महत्वपूर्ण सलाह

गेहूं की बुआई को लेकर भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान की महत्वपूर्ण सलाह

रबी मौसम में गेहूं एक अत्यंत महत्वपूर्ण फसल है और इस समय गेहूं की बुआई का उपयुक्त दौर चल रहा है। किसानों की आय बढ़ाने और कम लागत में अधिक उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल ने कुछ आवश्यक सुझाव दिए हैं। संस्थान के अनुसार इस समय तापमान और वातावरण बुवाई के लिए एकदम अनुकूल है। इसलिए किसान बुआई का समय न चूकें और अपने क्षेत्र के अनुसार उपयुक्त किस्मों का चयन करें। संस्थान ने विशेष रूप से यह सलाह दी है कि किसान बीज केवल विश्वसनीय और प्रमाणित स्रोतों से...
ककोड़ा की खेती कैसे करें : जानें खेती का सही तरीका, होगा अधिक मुनाफा

ककोड़ा की खेती कैसे करें : जानें खेती का सही तरीका, होगा अधिक मुनाफा

ककोड़ा की खेती कैसे करें ककोड़ा, जिसे विभिन्न क्षेत्रों में खेख्सा भी कहा जाता है, कद्दू वर्गीय एक बहुवर्षीय लता है। यह पौधा भारत के जंगलों, पहाड़ी इलाकों और शुष्क क्षेत्रों में स्वाभाविक रूप से पाया जाता है। इसकी खासियत यह है कि यह बिना विशेष देखभाल और प्रबंधन के भी अच्छी उपज देता है। यही कारण है कि इसे अर्ध-पारंपरिक और वाणिज्यिक खेती, दोनों के लिए उपयुक्त माना जाता है। kakoda ki kheti, किसानो के लिए आय का अच्छा स्त्रोत हो सकती है। इस फसल का एक और विशेष गुण यह है कि इसके मादा पौधों से लगातार 8–10 वर्षों...