फसल

पूसा बासमती 1882: सूखे में भी बेहतरीन उत्पादन देने वाली भारत की पहली सूखा-सहिष्णु बासमती किस्म

पूसा बासमती 1882: सूखे में भी बेहतरीन उत्पादन देने वाली भारत की पहली सूखा-सहिष्णु बासमती किस्म

देश में बदलते मौसम, अनियमित मानसून और लगातार गिरते भूजल स्तर ने धान उत्पादक किसानों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। विशेष रूप से बासमती धान की खेती करने वाले किसान पानी की कमी के कारण उत्पादन में गिरावट और आर्थिक नुकसान का सामना कर रहे हैं। ऐसे कठिन समय में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), पूसा द्वारा विकसित पूसा बासमती 1882 किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है। यह भारत की पहली मास-व्युत्पन्न (MAS-Derived) सूखा-सहिष्णु बासमती धान की किस्म है, जिसे खासतौर पर उन क्षेत्रों के लिए विकसित किया गया है, जहां बासमती धान...
सरकार से किसानों को बड़ी राहत - बिना फार्मर रजिस्ट्रेशन के बेच सकेंगे गेहूं

सरकार से किसानों को बड़ी राहत - बिना फार्मर रजिस्ट्रेशन के बेच सकेंगे गेहूं

बिना फार्मर रजिस्ट्रेशन के भी बेच सकेंगे गेहूंमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया है कि अब किसान बिना फार्मर रजिस्ट्रेशन के भी सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेच सकेंगे। यह फैसला खास तौर पर उन किसानों के लिए फायदेमंद है जिन्हें रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में परेशानी हो रही थी।किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?इस निर्णय के बाद किसान पहले की तरह सीधे सरकारी खरीद केंद्रों पर अपना गेहूं बेच पाएंगे। इससे उन्हें अनावश्यक कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और समय की बचत भी होगी। साथ ही, किसानों...
मूंग की खेती कैसे करें: उन्नत तकनीक और किस्मों की पूरी जानकारी

मूंग की खेती कैसे करें: उन्नत तकनीक और किस्मों की पूरी जानकारी

मूंग एक महत्वपूर्ण दलहनी फसल है, जिसे भारत में जायद (गर्मी) और खरीफ दोनों मौसमों में सफलतापूर्वक उगाया जाता है। यह कम समय में तैयार होने वाली फसल है, जिससे किसान जल्दी मुनाफा कमा सकते हैं। पोषण की दृष्टि से मूंग काफी समृद्ध होती है, क्योंकि इसमें लगभग 24–26% प्रोटीन, 55–60% कार्बोहाइड्रेट और थोड़ी मात्रा में वसा पाई जाती है। इसके अलावा, यह फसल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाती है। मूंग की जड़ों में उपस्थित ग्रंथियां वायुमंडल की नाइट्रोजन को स्थिर कर मिट्टी में मिलाती हैं, जिससे अगली फसल को लाभ मिलता है।...
यूपी गेहूं किसानों को राहत: सरकार ने गेहूं के एमएसपी में 160 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि

यूपी गेहूं किसानों को राहत: सरकार ने गेहूं के एमएसपी में 160 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि

गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धिमुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक हुई। इसमें 37 में से 35 प्रस्तावों को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली। सरकार ने किसानों को बड़ी सौगात देते हुए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 160 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का ऐलान किया। इससे किसानों में खुशी की लहर है। आइए जानते हैं, कि सरकार के इस फैसले पर किसानों की क्या प्रतिक्रिया सामने आई है। किसानों में ख़ुशी का माहौल उत्तर प्रदेश में इस बार गेहूं के दाम बढ़ने से किसानों के बीच खुशी...
बसंत कालीन गन्ने की टॉप 3 किस्में: कम लागत में 600 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक दे सकती हैं जबरदस्त उपज

बसंत कालीन गन्ने की टॉप 3 किस्में: कम लागत में 600 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक दे सकती हैं जबरदस्त उपज

600 क्विंटल तक उपज देने वाली गन्ने की 3 बेहतरीन किस्मेंआज के समय में देश के किसान ऐसी फसलों की तलाश में रहते हैं, जिनसे कम लागत में अधिक मुनाफा प्राप्त किया जा सके। इसी क्रम में गन्ने की खेती किसानों के लिए एक भरोसेमंद और लाभकारी विकल्प बनकर उभरती है। गन्ने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी मांग पूरे वर्ष बनी रहती है, क्योंकि इससे चीनी, गुड़, शक्कर, एथेनॉल जैसे कई महत्वपूर्ण उत्पाद तैयार किए जाते हैं। यही कारण है कि बाजार में गन्ने का भाव अपेक्षाकृत स्थिर रहता है। यदि किसान...