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भारत में बिकने वाले 5 सबसे लोकप्रिय और अच्छे ट्रैक्टर कौन-कौन से हैं ?

भारत में बिकने वाले 5 सबसे लोकप्रिय और अच्छे ट्रैक्टर कौन-कौन से हैं ?

खेती से जुड़े अधिकांश कामों में ट्रैक्टर का उपयोग किया जाता है। कृषि यंत्रों में ट्रैक्टर सबसे अहम उपकरण है। वर्तमान में खेती और बागवानी के लिए ट्रैक्टर अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। क्योंकि, ट्रैक्टर की मदद से कम समय और श्रम में खेती-किसानी के कार्यों को समय से पूरा किया जा सकता है। वहीं, इसके कृषि में उपयोग से फसल के खर्चा में कमी आती है। ट्रैक्टर के साथ जोड़कर विभिन्न प्रकार के कृषि उपकरण जैसे- रोटावेटर, कल्टीवेटर, ट्रैक्टर ट्रेलर, हैरो, मल्चरआदि संचालित किए जाते हैं। ट्रैक्टर खेत की जुताई से...
ग्वार की आधुनिक खेती से जुड़े संपूर्ण प्रबंधन व बिंदुओं की अहम जानकारी

ग्वार की आधुनिक खेती से जुड़े संपूर्ण प्रबंधन व बिंदुओं की अहम जानकारी

आज के समय में किसानों को आधुनिकता और नवीन तकनीकों व लाभकारी फसलों का चयन करने की आवश्यकता है। किसानों की आर्थिक स्थिति में निरंतर गिरावट आने की एक वजह यह भी है कि किसान अभी भी परंपरागत फसलों का ही उत्पादन करता है। इस वजह से उनकी फसल भंडारण में सरप्लस में रहती है, जिसके चलते किसान को उसकी फसल का सही मूल्य नहीं मिल पाता है।  मेरीखेती द्वारा प्रसारित किए गए लेख और देश के गांव-गांव जाकर निःशुल्क आयोजित की जाने वाली मेरीखेती किसान पंचायत में भी निरंतर कृषकों को कृषि में आधुनिकता और शुद्धता को अपनाने के लिए...
मई-जून में करें फूलगोभी की खेती मिलेगा शानदार मुनाफा

मई-जून में करें फूलगोभी की खेती मिलेगा शानदार मुनाफा

गोभी वर्गीय सब्जियों में फूलगोभी का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। इसकी खेती विशेष तोर पर श्वेत, अविकसित व गठे हुए पुष्प पुंज की पैदावार के लिए की जाती है। इसका इस्तेमाल सलाद, बिरियानी, पकौडा, सब्जी, सूप और अचार इत्यादि निर्मित करने में किया जाता है। साथ ही, यह पाचन शक्ति को बढ़ाने में बेहद फायदेमंद है। यह प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन ‘ए’ तथा ‘सी’ का भी बेहतरीन माध्यम है।फूलगोभी की खेती के लिए उपयुक्त जलवायुफूलगोभी की सफल खेती के लिए ठंडी और आर्द्र जलवायु सबसे अच्छी होती है। दरअसल, अधिक ठंड और पाला का प्रकोप होने से फूलों को काफी...
महिंद्रा युवराज 215 एनएक्सटी (Mahindra Yuvraj 215 NXT) की विशेषताएं, फीचर्स और कीमत

महिंद्रा युवराज 215 एनएक्सटी (Mahindra Yuvraj 215 NXT) की विशेषताएं, फीचर्स और कीमत

भारतीय किसानों के बीच महिंद्रा ट्रैक्टर को काफी पसंद किया जाता है। ज्यादातर कृषक खेती के लिए महिंद्रा ट्रैक्टरों का इस्तेमाल करते हैं। महिंद्रा कंपनी के ट्रैक्टर शक्तिशाली इंजन और काफी बेहतरीन भार उठाने की क्षमता के साथ आते हैं। महिंद्रा ट्रैक्टर अग्रिम तकनीकी के साथ आते हैं। किसान भाई कृषि संबंधित कार्यों को न्यूनतम तेल खपत के साथ पूर्ण कर सकते हैं। अगर आप भी खेतीबाड़ी के लिए एक ताकतवर मिनी ट्रैक्टर खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए महिंद्रा युवराज 215 एनएक्सटी (Mahindra Yuvraj 215 NXT) ट्रैक्टर बहुत अच्छा विकल्प हो सकता है। महिंद्रा कंपनी के इस ट्रैक्टर...
महिंद्रा ने अपने 40 लाखवें ट्रैक्टर को बेचकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है

महिंद्रा ने अपने 40 लाखवें ट्रैक्टर को बेचकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है

दुनिया के सबसे बड़े ट्रैक्टर निर्माता ब्रांड महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने मार्च 2024 में निर्यात समेत 40 लाख ट्रैक्टरों की बिक्री कर एक मील का पत्थर प्राप्त किया है। बतादें, कि महिंद्रा ट्रैक्टर्स महिंद्रा ग्रुप (Mahindra Group) का एक भाग है। यह मील का पत्थर महिंद्रा युवो टेक प्लस (Mahindra Yuvo Tech Plus) के अनावरण से चिह्नित है, जिसे कंपनी की नई पीढ़ी युवो ट्रैक्टर प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। महिंद्रा की जहीराबाद फैसिलिटी, जो इसकी सबसे नई ट्रैक्टर सुविधा और महिंद्रा ट्रैक्टरों के लिए एक वैश्विक उत्पादन केंद्र है।महिंद्रा ने अपने 40 लाखवां ट्रैक्टर बेचने का उत्सव मनाया अमेरिकन कंपनी...
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ी संपूर्ण जानकारी

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ी संपूर्ण जानकारी

भारत एक कृषि प्रधान देश है। कृषि क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था में भी अपनी अहम भूमिका अदा करता है। इसलिए देश की रीढ़ की हड्डी किसान भाइयों की फसल के संबंध में अनिश्चितताओं को दूर करने के लिए नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट ने 13 जनवरी 2016 को पीएम फसल बीमा योजना को मंजूरी दी थी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसानों की फसल को प्राकृतिक आपदाओं के चलते होने वाली हानि को किसानों के प्रीमियम का भुगतान देकर एक सीमा तक कम कराने वाली योजना है।जानें कौन-सी फसल पर कितना प्रीमियम / किस्त  पीएम फसल बीमा योजना के लिए 8,800 करोड़...
शिमला मिर्च की खेती के लिए उपयुक्त मृदा एवं जलवायु, किस्में और बुवाई का समय

शिमला मिर्च की खेती के लिए उपयुक्त मृदा एवं जलवायु, किस्में और बुवाई का समय

शिमला मिर्च का सब्जी के रूप में सेवन करना बहुत सारे लोगों को काफी पसंद है। इसलिए सालभर शिमला मिर्च की मांग बनी रहती है। दरअसल, शिमला मिर्च मध्य क्षेत्रों की एक प्रमुख नकदी फसल है। इसकी पैदावार विशेष रूप से कांगड़ा, मंडी, कुल्लू व चम्बा, सोलन और सिरमौर में की जाती है। शिमला मिर्च की खेती के लिए बेहतर जल निकासी वाली मध्यम रेतीली दोमट मृदा वाली जमीन सबसे अच्छी होती है। मृदा का पीएच मान 5.5 से 6.8 तथा जैविक कार्बन 1% प्रतिशत से ज्यादा होनी चाहिए। मृदा में पीएच स्तर, जैविक कार्बन, गौण पोषक तत्व (एनपीके), सूक्ष्म...