मोदी सरकार महिला किसानों को इस योजना के तहत वार्षिक 12 हजार प्रदान करेगी

मोदी सरकार शीघ्र महिला कृषकों को काफी बड़ा तोहफा प्रदान कर सकती है। सूत्रों की मुताबिक, 1 फरवरी को प्रस्तुत होने वाले अंतरिम बजट में सरकार महिला कृषकों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की धनराशि दोगुनी करने की घोषणा कर सकती है। लोकसभा चुनाव से पूर्व मोदी सरकार महिला कृषकों को एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार महिला किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की धनराशि डबल कर सकती है। यानी कि महिला कृषकों के खाते में 6 की वजाय अब 12 हजार रुपये आऐंगे। PM kisan Yojana के अंतर्गत वर्तमान में लघु और सीमांत कृषकों को वार्षिक 6000 रुपये प्रदान किए जाते हैं, जो दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तों में कृषकों के खातों में पहुँच जाते हैं। ये एक तरह की आर्थिक सहायता है जो सरकार द्वारा छोटे किसानों की मदद के लिए दी जाती है।

सरकार द्वारा योजना से महिलाओं का समर्थन पाने की तैयारी

संपन्न हुए देश के 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश के चुनावी वादों पर जनता ने विश्वास जताते हुए भाजपा को अप्रत्याशित जीत दिलाई है। इसमें भाजपा को महिला कृषकों का समर्थन हांसिल करने में "लाडली बहना" और "लाडली लक्ष्मी योजना" की सफलता और एमपी के चुनाव में महिलाओं का भरपूर समर्थन दिलाया। इससे सबक लेकर केंद्रीय भाजपा सरकार अब देश की महिला किसानों का समर्थन प्राप्त करने के लिए उनकी सम्मान निधि को दोगुना करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। 

ये भी पढ़ें: अब किसान ऐप से कर सकेंगे किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की ई-केवाईसी प्रक्रिया


सरकार फरवरी में आने वाले बजट में ऐलान कर सकती है

कृषि मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को एक नवीन श्रेणी में लागू करने की तैयारी चल रही है। इसके तहत महिला कृषकों की सम्मान निधि को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया जा सकता है। इसकी घोषणा आने वाले अंतरिम बजट में हो सकती है, जो 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कृष‍ि मंत्रालय और वित्त मंत्रालय ने इसकी सारी तैयारी पूर्ण कर ली है। इस संबंध में समस्त राज्यों से लैंड होल्डिंग वाली जमीन की मालिक महिला कृषकों का विवरण भी मंगा लिया गया है। इसके विश्लेषण से सरकारी खजाने पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ समेत बाकी पहलुओं पर विचार कर लिया गया है। हालांकि, अब तक इस पर न तो मंत्रालय और न ही सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा की है।


 

क्या इससे प्रभावित होगा सरकारी बजट?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत 1.40 अरब आबादी में कृषकों की संख्या तकरीबन 26 करोड़ है। इसमें महिला किसानों की हिस्सेदारी तकरीबन 60 % फीसद है। वहीं, इनमें से भी केवल 13% फीसद महिला कृषकों के नाम पर खेती की जमीन है। मतलब कि महज 13 प्रतिशत महिला किसान ही लैंड होल्डिंग रखती हैं। अगर महिला किसानों की सम्मान निधि दोगुनी की जाए, तो केंद्र सरकार को 12 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार वहन करना पड़ेगा। केंद्र सरकार का समकुल अनुमानित बजट तकरीबन 550 अरब डॉलर होता है। इस हिसाब से 12 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बजट के ढांचे को ज्यादा प्रभावित नहीं करेगा।