जब किसान 45 एचपी श्रेणी में ट्रैक्टर खरीदने का विचार करते हैं, तो आयशर 485 और महिंद्रा 575 डीआई दोनों ही नाम सबसे पहले सामने आते हैं। दोनों ट्रैक्टर भारतीय खेतों की परिस्थितियों के अनुसार बनाए गए हैं, लेकिन इनके उपयोग, ताकत और सुविधाओं में स्पष्ट अंतर देखने को मिलता है। आइए बिना किसी टेबल के सरल शब्दों में समझते हैं कि दोनों में क्या फर्क है और कौन-सा ट्रैक्टर आपके लिए बेहतर रहेगा।
आयशर 485 में 2945 सीसी का 3-सिलेंडर एयर कूल्ड इंजन मिलता है, जो 2150 आरपीएम पर 45 एचपी की पावर जनरेट करता है। यह इंजन कम ईंधन खपत के लिए जाना जाता है और सामान्य खेती के कार्यों में अच्छा प्रदर्शन देता है।
वहीं दूसरी ओर, महिंद्रा 575 डीआई में 2730 सीसी का 4-सिलेंडर इंजन दिया गया है, जो 1900 आरपीएम पर 45 एचपी की ताकत देता है। अतिरिक्त सिलेंडर की वजह से यह ट्रैक्टर भारी कामों में ज्यादा स्थिर और दमदार महसूस होता है। लंबे समय तक लगातार काम करने में महिंद्रा का इंजन ज्यादा भरोसेमंद माना जाता है।
आयशर 485 की पीटीओ पावर लगभग 38.3 एचपी है, जो रोटावेटर, कल्टीवेटर और हल जैसे सामान्य उपकरणों के लिए उपयुक्त है।
महिंद्रा 575 डीआई इस मामले में आगे निकलता है, क्योंकि इसकी पीटीओ पावर 39.8 एचपी है। ज्यादा पीटीओ पावर होने के कारण यह ट्रैक्टर सुपर सीडर, स्ट्रॉ रीपर, मल्चर और थ्रेशर जैसे भारी उपकरणों को ज्यादा आसानी से चला पाता है। अगर आपका काम ज्यादा मशीन-आधारित है, तो महिंद्रा स्पष्ट रूप से मजबूत विकल्प बनता है।
आयशर 485 में 8 फॉरवर्ड और 2 रिवर्स गियर दिए गए हैं। इसमें सिंगल या ड्यूल क्लच का विकल्प मिलता है और ट्रांसमिशन सरल होने के कारण नए ड्राइवरों के लिए इसे चलाना आसान रहता है।
महिंद्रा 575 डीआई में 8 फॉरवर्ड और 3 रिवर्स/ 12 फॉरवर्ड और 3 रिवर्स गियर मिलते हैं। ज्यादा गियर होने से खेत, सड़क और ढुलाई के अलग-अलग कामों के लिए सही स्पीड चुनना आसान हो जाता है। इसके अलावा, इसमें पावर स्टीयरिंग स्टैंडर्ड मिलती है, जिससे लंबे समय तक काम करने पर भी थकान कम होती है।
आयशर 485 की लिफ्टिंग क्षमता 1650 किलोग्राम है, जो इसे मध्यम से भारी उपकरण उठाने में सक्षम बनाती है। यह फीचर छोटे और मध्यम किसानों के लिए काफी उपयोगी है।
महिंद्रा 575 डीआई की लिफ्टिंग क्षमता 1600 किलोग्राम है, लेकिन इसका हाइड्रोलिक सिस्टम ज्यादा स्मूथ और सटीक माना जाता है। लगातार भारी उपकरणों के साथ काम करते समय इसका नियंत्रण बेहतर महसूस होता है।
आयशर 485 का कुल वजन लगभग 2140 किलोग्राम है। यह ट्रैक्टर हल्का होने के कारण ईंधन की बचत करता है और संकरे खेतों में आसानी से घूम जाता है।
महिंद्रा 575 डीआई वजन 1860 किलोग्राम और बॉडी स्ट्रक्चर के मामले में ज्यादा मजबूत है। भारी बॉडी होने से यह ढुलाई और कठिन मिट्टी में जुताई के दौरान ज्यादा स्थिर रहता है, जिससे पहियों की पकड़ बेहतर बनी रहती है।
आयशर 485 की एक्स-शोरूम कीमत लगभग 6.96 लाख से 7.25 लाख रुपये के बीच है, जो इसे बजट-फ्रेंडली विकल्प बनाती है।
महिंद्रा 575 डीआई की एक्स-शोरूम कीमत करीब 7.28 लाख से 7.58 लाख रुपये है। कीमत ज्यादा जरूर है, लेकिन इसके बदले आपको ज्यादा पावर, बेहतर पीटीओ और मजबूत परफॉर्मेंस मिलती है।
अगर आप कम बजट में भरोसेमंद, कम ईंधन खपत वाला और सामान्य खेती के कामों के लिए ट्रैक्टर चाहते हैं, तो आयशर 485 आपके लिए बेहतर विकल्प है। लेकिन यदि आपका काम भारी कृषि उपकरणों, ठेके पर खेती या ज्यादा ढुलाई से जुड़ा है और आप लंबे समय के लिए एक दमदार ट्रैक्टर चाहते हैं, तो महिंद्रा 575 डीआई ज्यादा मजबूत और टिकाऊ साबित होगा। अंत में, सही ट्रैक्टर वही है जो आपकी खेती की जरूरत, काम के प्रकार और बजट के अनुसार सबसे ज्यादा फायदा दे।
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