भारतीय किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड ने अपने प्रीमियम ट्रैक्टर पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए Kubota MU4502 और Kubota MU5002 ट्रैक्टर बाजार में उतारे हैं। 45 एचपी और 50 एचपी की क्षमता वाले ये दोनों ट्रैक्टर आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रदर्शन और उन्नत सुविधाओं के साथ पेश किए गए हैं। कंपनी का मानना है कि ये नए मॉडल 41-50 एचपी श्रेणी में उसकी स्थिति को और मजबूत करेंगे, क्योंकि यह भारतीय ट्रैक्टर उद्योग के सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है।
इन दोनों ट्रैक्टरों की सबसे बड़ी विशेषता इनकी 8 साल की ट्रांसफरेबल वारंटी है। कंपनी का दावा है कि भारतीय ट्रैक्टर उद्योग में पहली बार किसी मॉडल के साथ इस तरह की वारंटी पेश की गई है।
इस वारंटी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यदि कोई किसान भविष्य में ट्रैक्टर बेचता है, तो निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत वारंटी का लाभ नए मालिक को भी मिल सकेगा। इससे ट्रैक्टर की रीसेल वैल्यू बढ़ने की संभावना है। कंपनी का कहना है कि यह पहल उत्पाद की गुणवत्ता, मजबूती और लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन के प्रति उसके विश्वास को दर्शाती है।
Kubota MU4502 और MU5002 में कंपनी ने KQP4 जापानी इंजन का इस्तेमाल किया है। यह इंजन बेहतर प्रदर्शन के साथ ईंधन दक्षता और टिकाऊपन का भी संतुलन बनाए रखने में सक्षम है।
आधुनिक तकनीक से लैस यह इंजन खेतों में लंबे समय तक लगातार काम करने के लिए तैयार किया गया है। कंपनी का दावा है कि इसकी जापानी इंजीनियरिंग किसानों को बेहतर उत्पादकता और विश्वसनीय प्रदर्शन प्रदान करेगी।
दोनों ट्रैक्टरों में 12 फॉरवर्ड और 4 रिवर्स गियर वाला मल्टी-स्पीड सिंक्रोमेश गियरबॉक्स दिया गया है। यह सुविधा किसानों को अलग-अलग कृषि कार्यों के अनुसार उपयुक्त गति चुनने की आजादी देती है।
चाहे खेत की जुताई करनी हो, बुवाई करनी हो या फिर ढुलाई का काम करना हो, यह गियरबॉक्स विभिन्न परिस्थितियों में बेहतर नियंत्रण और सुचारू संचालन सुनिश्चित करता है।
इन ट्रैक्टरों में Pompa Lift with DSS (Dual Stabilizer Spring) Technology का इस्तेमाल किया गया है। यह तकनीक असमान खेतों में भी कृषि उपकरणों को स्थिर बनाए रखने में मदद करती है।
कंपनी के अनुसार, यह तकनीक उपकरणों को एक समान गहराई पर काम करने में सहायता करती है, जिससे जुताई, बुवाई और अन्य कृषि कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होता है। इससे किसानों को बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
कंपनी ने MU4502 और MU5002 को केवल एक साधारण ट्रैक्टर के रूप में नहीं, बल्कि एक मल्टी-यूटिलिटी मशीन के रूप में विकसित किया है।
इन ट्रैक्टरों का उपयोग सुपर सीडर, सीड ड्रिल, पोटैटो प्लांटर, मिनी राउंड बेलर और कल्टीवेटर जैसे कई कृषि उपकरणों के साथ किया जा सकता है। इसके अलावा, इनका इस्तेमाल धान, गेहूं, मक्का, दलहन और सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों की खेती में भी किया जा सकता है।
खेती के अलावा, ये ट्रैक्टर ढुलाई और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी उपयुक्त हैं।
इन दोनों ट्रैक्टरों में रिवर्स पीटीओ की सुविधा भी दी गई है, जो इन्हें और अधिक उपयोगी बनाती है।
यह सुविधा विशेष रूप से रोटावेटर और स्ट्रॉ रीपर जैसे उपकरणों के साथ काम करते समय काफी फायदेमंद साबित होती है। इससे किसानों को कृषि कार्यों को अधिक प्रभावी और कम समय में पूरा करने में मदद मिलती है।
कंपनी ने इन ट्रैक्टरों को डिजाइन करते समय किसानों की सुविधा को प्राथमिकता दी है। इनमें फुली कवर्ड फ्लैट-डेक प्लेटफॉर्म, प्रीमियम बकेट सीट, सस्पेंडेड पैडल और डबल-एक्टिंग पावर स्टीयरिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं।
इसके अलावा, ट्रैक्टर के सभी कंट्रोल्स को एर्गोनॉमिक तरीके से डिजाइन किया गया है, जिससे लंबे समय तक काम करने के दौरान चालक को कम थकान महसूस होती है।
MU4502 और MU5002 में फुल एलईडी लाइटिंग सिस्टम दिया गया है, जो रात के समय बेहतर रोशनी प्रदान करता है। इससे कम रोशनी में भी खेतों में सुरक्षित तरीके से काम करना आसान हो जाता है।
वहीं, बैलेंसर शाफ्ट तकनीक इंजन के कंपन को कम करने में मदद करती है। इससे लंबे समय तक ट्रैक्टर चलाने के दौरान चालक को अधिक आराम मिलता है और काम की दक्षता भी बढ़ती है।
MU4502 और MU5002 के लॉन्च के बाद कंपनी के प्रीमियम यूटिलिटी ट्रैक्टर पोर्टफोलियो में अब MU4201, MU4501, MU4502, MU5002 और MU5502 जैसे मॉडल शामिल हो गए हैं।
कंपनी भारत में फार्मट्रैक, पावरट्रैक और कुबोटा ब्रांड के माध्यम से विभिन्न श्रेणियों के ट्रैक्टर उपलब्ध करा रही है, जिससे किसानों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार विकल्प चुनने का अवसर मिलता है।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर निखिल नंदा के अनुसार, 41-50 एचपी श्रेणी भारतीय ट्रैक्टर बाजार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसी वजह से कंपनी इस सेगमेंट को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि नए ट्रैक्टरों को विशेष रूप से प्रगतिशील किसानों, अपने पुराने ट्रैक्टर को अपग्रेड करने वाले ग्राहकों और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से जुड़े लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
वहीं, कंपनी के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर अकीरा काटो का कहना है कि इन दोनों ट्रैक्टरों में जापानी इंजीनियरिंग और आधुनिक तकनीक का बेहतरीन संयोजन देखने को मिलेगा, जिससे किसानों को बेहतर प्रदर्शन, अधिक टिकाऊपन और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
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