दिवाली पर मोदी सरकार का तोहफा: GST राहत से ट्रैक्टर सस्ते, किसानों को मिलेगा ₹63,000 तक का लाभ

Published on: 23-Sep-2025
Updated on: 23-Sep-2025

कृषि यंत्रों पर कम टैक्स, आधुनिक खेती की राह बनेगी आसान 

देश के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब ट्रैक्टरों और कृषि उपकरणों की कीमतों में सीधी कमी देखने को मिलेगी, क्योंकि केंद्र सरकार ने इन पर लगने वाली जीएसटी दरों में बदलाव किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्र निर्माताओं के साथ बैठक कर यह स्पष्ट किया कि 22 सितंबर 2025 से जीएसटी दरों को घटाकर 12 प्रतिशत से 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

GST Reforms in Agriculture Sector: किसानों को मिलेगा सीधा फायदा

इस बदलाव से ट्रैक्टरों की कीमतें पहले की तुलना में काफी कम हो जाएंगी। मंत्री ने यह भी कहा कि इस राहत का पूरा फायदा किसानों तक पहुँचना चाहिए और कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसानों को वास्तविक छूट मिले। इस बदलाव से ट्रैक्टरों की कीमतों में 23,000 रुपये से लेकर 63,000 रुपये तक की कमी आएगी।

ट्रैक्टर श्रेणी अनुसार कीमतों में कमी | GST कटौती के बाद सस्ते हो गए ट्रैक्टर

अगर हम श्रेणी के अनुसार अनुमानित मूल्य कटौती (New GST Rate) की बात करें तो –

  • 35 एचपी ट्रैक्टर: ₹41,000 तक सस्ता
  • 45 एचपी ट्रैक्टर: ₹45,000 तक सस्ता
  • 50 एचपी ट्रैक्टर: ₹53,000 तक सस्ता
  • 75 एचपी ट्रैक्टर: ₹63,000 तक सस्ता
  • कॉम्पैक्ट (बागवानी) ट्रैक्टर: ₹23,000 तक सस्ता

इन श्रेणियों के हिसाब से अब किसानों को अपनी जरूरत और क्षमता के अनुसार ट्रैक्टर चुनने में आसानी होगी और लागत में भारी कमी आएगी।

किराए पर कृषि यंत्र लेने वाले किसानों को लाभ

इस फैसले से केवल ट्रैक्टर खरीदने वाले किसानों को ही नहीं, बल्कि उन किसानों को भी लाभ होगा जो सीधे तौर पर कृषि यंत्र नहीं खरीद सकते और किराए पर इस्तेमाल करते हैं। कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) के माध्यम से किराए पर उपलब्ध मशीनरी भी अब सस्ती होगी। छोटे और सीमांत किसान अब रोटावेटर, थ्रेशर, हार्वेस्टर और पावर टिलर जैसी मशीनें कम दाम पर किराए पर ले सकेंगे।

सरकार का उद्देश्य: कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा

सरकार का उद्देश्य केवल टैक्स में राहत देना नहीं है, बल्कि कृषि यंत्रीकरण को गति देना भी है। भारत जैसे देश में जहां कृषि अभी भी परंपरागत तरीकों से जुड़ी है, वहां उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग बेहद जरूरी है। मंत्री चौहान ने कहा कि खेती की लागत घटाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए ट्रैक्टर और उपकरण हर किसान की पहुंच में होने चाहिए।

कृषि यंत्र निर्माता संगठनों का समर्थन

इस उच्च स्तरीय बैठक में देश की बड़ी कृषि मशीनरी और ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनियों के संगठन शामिल हुए।

  • ट्रैक्टर एंड मशीनीकरण एसोसिएशन (TMA)
  • एग्रीकल्चर मशीनरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (AMMA)
  • ऑल इंडिया कंबाइन हार्वेस्टर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (AICMA)
  • पावर टिलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (PTAI)

इन सभी ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया और आश्वासन दिया कि जीएसटी कटौती का लाभ किसानों तक सीधे पहुँचाया जाएगा।

चुनौतियों के बीच किसानों को राहत

यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब खेती जलवायु परिवर्तन, बढ़ती लागत, श्रमिकों की कमी और उत्पादन पर दबाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ट्रैक्टर और उपकरणों की कीमतों में यह कमी किसानों को नई ताकत और राहत देगी। आधुनिक उपकरणों के उपयोग से खेतों में कार्यकुशलता बढ़ेगी, समय बचेगा और उपज में सुधार आएगा।

रबी सीजन से पहले सस्ती मशीनरी

यह उम्मीद की जा रही है कि आगामी रबी सीजन से पहले किसानों को सस्ती मशीनरी मिलने लगेगी। इससे बुवाई, कटाई, जुताई और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य तेजी और कम लागत में पूरे हो पाएंगे। लंबे समय से किसान महंगे उपकरणों की वजह से आधुनिक खेती की ओर कदम नहीं बढ़ा पा रहे थे, लेकिन अब यह बाधा काफी हद तक दूर हो जाएगी।

किसानों की प्रगति और देश की खाद्य सुरक्षा

सरकार का यह कदम न केवल किसानों को राहत देगा बल्कि कृषि क्षेत्र को मजबूती और देश की खाद्य सुरक्षा को भी सहारा देगा। इससे छोटे, सीमांत और बड़े सभी किसान आधुनिक तकनीक का लाभ उठाकर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना पाएंगे।

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