किसानों के लिए बड़ी राहत: ट्रैक्टर और सिंचाई पंपों के लिए अब डीजल की नहीं होगी कमी

Published on: 05-Jun-2026
Updated on: 05-Jun-2026

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खरीफ सीजन से पहले राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। खेती-किसानी के दौरान डीजल की कमी से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने ट्रैक्टरों और सिंचाई पंपों के लिए निर्बाध डीजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा है कि कृषि कार्यों में किसी भी तरह की रुकावट स्वीकार नहीं की जाएगी और किसानों को समय पर डीजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता होगी।

खरीफ सीजन को देखते हुए सरकार हुई सतर्क

खरीफ का मौसम किसानों के लिए बेहद अहम माना जाता है क्योंकि इसी समय खेतों की तैयारी, बुवाई और सिंचाई का काम बड़े स्तर पर किया जाता है। यदि इस दौरान डीजल की कमी हो जाए तो खेती का पूरा काम प्रभावित हो सकता है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में किसानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए उनकी जरूरतों को समय पर पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने खाद्य विभाग, जिला प्रशासन और तेल कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की सप्लाई लगातार बनी रहे ताकि किसान बिना किसी बाधा के खेती कार्य कर सकें।

डीजल आपूर्ति में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी जिले या क्षेत्र में डीजल की आपूर्ति बाधित होती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि खेतों की जुताई, बुवाई और सिंचाई जैसे कार्य समय पर पूरे होना जरूरी हैं और इसके लिए डीजल की उपलब्धता सबसे अहम है।

सरकार चाहती है कि किसानों को पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और कृषि कार्यों के लिए उन्हें आसानी से ईंधन मिल सके।

ड्रम और जरीकेन में फ्यूल पर रोक, लेकिन किसानों को राहत

राज्य सरकार ने 22 मई 2026 को प्रदेश के 2516 पेट्रोल पंपों पर ड्रम और जरीकेन में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगाने का फैसला किया था। इस निर्णय का उद्देश्य फ्यूल की कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर नियंत्रण करना है।

हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि कृषि कार्यों के लिए किसानों को इस नियम में विशेष छूट दी जाएगी। यानी ट्रैक्टरों और सिंचाई पंपों के संचालन के लिए किसानों को आवश्यक डीजल उपलब्ध कराया जाएगा। इस फैसले से खरीफ सीजन के दौरान किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है और खेती के काम प्रभावित नहीं होंगे।

राज्य में पर्याप्त मात्रा में मौजूद है पेट्रोल और डीजल

राज्य सरकार के अनुसार छत्तीसगढ़ में फिलहाल पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में लगभग 4 करोड़ 3 लाख लीटर पेट्रोल और 5 करोड़ 55 लाख लीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है।

इसके अलावा 24 मई 2026 को राज्य को नई खेप के रूप में करीब 23 लाख 33 हजार लीटर पेट्रोल और 62 लाख 40 हजार लीटर डीजल प्राप्त हुआ है। इससे यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में ईंधन की कमी की कोई संभावना नहीं है।

जिला प्रशासन को दिए गए विशेष निगरानी निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी जिला प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में डीजल आपूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी करें। सरकार चाहती है कि जिला स्तर पर बेहतर समन्वय बनाकर किसानों तक समय पर डीजल पहुंचाया जाए।

सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि खरीफ सीजन के दौरान कृषि जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की मेहनत और समय पर खेती कार्यों की सफलता ही राज्य की आर्थिक मजबूती का आधार है। इसलिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी कि किसानों को डीजल की उपलब्धता में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

किसानों को मिलेगा सीधा फायदा

सरकार के इस फैसले से छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। समय पर डीजल उपलब्ध होने से ट्रैक्टरों के जरिए खेतों की जुताई और सिंचाई पंपों का संचालन बिना रुकावट जारी रहेगा। इससे खरीफ फसलों की बुवाई समय पर हो सकेगी और किसानों की उत्पादन क्षमता में भी सुधार देखने को मिलेगा।

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