भारत के ट्रैक्टर उद्योग ने अगस्त 2025 में जबरदस्त प्रदर्शन किया। इस महीने घरेलू बिक्री का आंकड़ा 64,297 यूनिट्स तक पहुंच गया, जबकि अगस्त 2024 में यह संख्या 50,134 यूनिट्स थी। यानी साल-दर-साल तुलना में 28.25% की शानदार उछाल देखने को मिली। यह उछाल मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों में मजबूत मांग, खरीफ सीजन की सक्रिय बुवाई और त्योहारों से पहले डीलरों द्वारा स्टॉकिंग बढ़ाने के चलते संभव हुआ।
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने 26,201 यूनिट्स की बिक्री की, 27.70% की ग्रोथ के साथ पहला स्थान बरकरार रखा। हालांकि, इसकी बाजार हिस्सेदारी 40.93% से घटकर 40.75% रह गयी है।
टैफे (TAFE) समूह ने 10,977 यूनिट्स बेचे और 33.10% की वृद्धि के साथ अपनी हिस्सेदारी 16.45% (2024) से बढ़कर 17.07% (2025) कर ली।
सोनालीका (Sonalika) ने 8,323 यूनिट्स बेचे और 28.18% की वृद्धि दर्ज की। बाजार हिस्सेदारी लगभग स्थिर रही (12.94%)।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा (Escort Kubots) ने 7,902 यूनिट्स बेचे, 26.57% की वृद्धि के बावजूद इसका मार्केट शेयर 12.29% पर सिमट गया।
जॉन डियर (John deere) ने 5,916 यूनिट्स की बिक्री की, 24.03% वृद्धि के साथ। इसकी हिस्सेदारी 9.51% (2024) से घटकर 9.20% (2025) हो गई , जो 0.31% की गिरावट है।
न्यू हॉलैंड (New Holland) ने 3,330 यूनिट्स बेचे और 43.47% की जोरदार वृद्धि दर्ज की, जिससे इसकी हिस्सेदारी 4.63% (2024) से बढ़कर इस साल 5.18% (2025) हो गया, यानी 0.55% की बढ़ोतरी हुई।
छोटे ब्रांड्स का प्रदर्शन मिश्रित रहा। वीएसटी, प्रीत और इंडो फार्म जैसी कंपनियों की बिक्री बढ़ी तो सही, लेकिन बाजार हिस्सेदारी में गिरावट आई।
छोटे निर्माताओं में वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स ने अगस्त 2025 में 342 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8.57% ज्यादा रही। इसके बावजूद कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 0.10% घट गई और यह 0.63% (2024) से घटकर 0.53% (2025) पर आ गई।
प्रीत ट्रैक्टर्स ने अगस्त 2025 में 339 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.87% कम रही। इस गिरावट के चलते कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 0.70% (2024) से घटकर 0.53% (2025) पर आ गई, यानी 0.17% की कमी आई।
इंडो फार्म ने इस अवधि में 338 यूनिट्स बेचे, जो साल-दर-साल आधार पर 4.97% की वृद्धि को दर्शाता है। इसके बावजूद, कंपनी का मार्केट शेयर अगस्त 2024 के 0.64% से घटकर 0.53% (2025) हो गया, जो 0.12% की गिरावट है।
ACE ट्रैक्टर्स ने 274 यूनिट्स की बिक्री की और 26.85% की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की। हालांकि, कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 0.43% पर स्थिर रही और पिछले वर्ष की तुलना में इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ।
ड्यूज-फ़ार (Deutz-Fahr) ने 148.72% की जबरदस्त वृद्धि के साथ अपनी हिस्सेदारी दोगुनी से ज्यादा कर ली। इसकी बाजार हिस्सेदारी पिछले साल 0.08% से बढ़कर अगस्त 2025 में 0.15%, हो गयी, जो 0.07 प्रतिशत अंकों की वृद्धि है।
कैप्टन ट्रैक्टर्स (Captain Tractors) ने 14.29% की गिरावट दर्ज की, जिससे इसका मार्केट शेयर 0.40% पर आ गया। इसकी बाजार हिस्सेदारी 0.60% (2024) से घटकर 0.40% (2025) हो गई, जो 0.20 प्रतिशत अंकों की तेज गिरावट को दिखाता है ।
अगस्त 2025 भारतीय ट्रैक्टर उद्योग के लिए बेहद सकारात्मक साबित हुआ। अधिकांश कंपनियों ने डबल-डिजिट ग्रोथ हासिल की, खासकर टैफे और न्यू हॉलैंड जैसे ब्रांड्स ने अपनी हिस्सेदारी मजबूत की। हालांकि, जॉन डियर और एस्कॉर्ट्स जैसी कंपनियों को अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। छोटे ब्रांड्स को प्रतिस्पर्धा के बीच टिके रहने के लिए नवाचार और आक्रामक रणनीतियों की जरूरत होगी।
अगर यह रफ्तार जारी रही तो आगामी महीनों में त्योहारी सीजन और रबी की तैयारियों के चलते ट्रैक्टर बाजार और भी तेजी पकड़ सकता है। सरकार की कृषि-समर्थक नीतियाँ, ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार और किसानों की आय में बढ़ोतरी इस सेक्टर की ग्रोथ को और मजबूती प्रदान करेगी। आने वाले समय में भारत का ट्रैक्टर उद्योग न सिर्फ घरेलू मांग बल्कि निर्यात बाजार में भी नई ऊंचाइयां छू सकता है।