घरेलू ट्रैक्टर सेल्स रिपोर्ट सितंबर 2025: 45.39% की बढ़ोतरी, 1,46,180 यूनिट्स बिकीं

Published on: 07-Oct-2025
Updated on: 07-Oct-2025

सितंबर 2025 भारतीय ट्रैक्टर उद्योग में शानदार उछाल

भारत के घरेलू ट्रैक्टर उद्योग ने सितंबर 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 45.39% की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है। यह वृद्धि ग्रामीण मांग में तेजी, बेहतर मानसूनी वर्षा और खरीफ सीजन के अंतर्गत बढ़ी कृषि गतिविधियों का नतीजा है।

उद्योग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 में कुल थोक बिक्री (wholesale volumes) 1,46,180 यूनिट्स तक पहुंच गई, जो सितंबर 2024 के 1,00,542 यूनिट्स की तुलना में लगभग 45 हजार यूनिट्स अधिक है। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और किसान नई तकनीक व आधुनिक ट्रैक्टरों की ओर तेजी से अग्रसर हैं।

महिंद्रा एंड महिंद्रा बना मार्केट लीडर

महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप ने सितंबर 2025 में अपनी बादशाहत बरकरार रखी। कंपनी ने कुल 64,946 (2025) यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की 43,201 (2024) यूनिट्स की तुलना में 50.33% की वृद्धि है। महिंद्रा का मार्केट शेयर भी 42.97% (2024) से बढ़कर 44.43% (2025) हो गया, यानी लगभग 1.46 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी।

कंपनी की सफलता का मुख्य कारण उसका मजबूत डीलर नेटवर्क, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी पहुंच और वित्तीय संस्थानों से आसान लोन उपलब्धता है। इसके साथ ही, महिंद्रा के ट्रैक्टरों की भरोसेमंद परफॉर्मेंस और कम रखरखाव लागत ने किसानों का विश्वास बनाए रखा है।

TAFE ग्रुप की शानदार बढ़त

TAFE ग्रुप ने भी बाजार में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। कंपनी की बिक्री सितंबर 2025 में 27,530 यूनिट्स रही, जो पिछले वर्ष के 17,984 (2024) यूनिट्स से 53.08% अधिक है। TAFE का मार्केट शेयर 17.89% (2024) से बढ़कर 18.83% (2025) हो गया, जिससे यह उद्योग में दूसरे स्थान पर रही।

कंपनी ने मध्यम हॉर्सपावर (mid-horsepower) ट्रैक्टरों की मांग को भुनाने में सफलता पाई है और विभिन्न राज्यों में अपनी बिक्री नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया है।

सोनालिका की बिक्री में वृद्धि, पर मार्केट शेयर में गिरावट

सोनालिका ट्रैक्टर्स ने सितंबर 2025 में 17,971 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25.59% (2025) अधिक है। हालांकि, कंपनी का मार्केट शेयर 14.23%(2024) से घटकर 12.29% (2025) पर आ गया, जो शीर्ष ब्रांड्स में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।

यह दर्शाता है कि भले ही सोनालिका की बिक्री बढ़ी हो, लेकिन उद्योग औसत वृद्धि से यह पीछे रह गई। बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और नए मॉडल्स की देरी से लॉन्चिंग इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

Escorts Kubota की स्थिर और प्रभावशाली ग्रोथ

एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने सितंबर 2025 में 17,803 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की 11,985 (2024) यूनिट्स से 48.54% (2025) अधिक रही।

कंपनी का मार्केट शेयर भी 11.92% (2024) से बढ़कर 12.18% (2025) तक पहुंचा। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि कंपनी ने यूटिलिटी और उच्च हॉर्सपावर (High HP) ट्रैक्टर सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत रखी है।

अन्य प्रमुख ब्रांड्स का प्रदर्शन

जॉन डियर (John Deere) ने सितंबर 2025 में 9,240 यूनिट्स बेचे, जो 31.92% (2025) की वृद्धि दर्शाता है। हालांकि बिक्री बढ़ने के बावजूद मार्केट शेयर 6.97% (2024) से घटकर 6.32% (2025) हो गया।

न्यू हॉलैंड (New Holland) ने सितंबर 2025 में 6,825 यूनिट्स बेचे, जो 51.57% (2025) की बढ़त रही। इसका मार्केट शेयर भी 4.48%(2024) से बढ़कर 4.67% (2025) हो गया।

छोटे ब्रांड्स में भी प्रदर्शन मिला-जुला रहा 

VST Tillers Tractors ने सितंबर 2025 में 357 यूनिट्स बेचे, जो 33.21% की वृद्धि है, पर मार्केट शेयर मामूली घटकर 0.24% (2025) रह गया।

इंडो फार्म ने सितंबर 2025 में 402 यूनिट्स बेचे, जो 17.89% (2025) की वृद्धि है, जबकि मार्केट शेयर थोड़ा घटा।

ड्यूज-फ़ार ने सितंबर 2025 में 56.36% की वृद्धि के साथ 86 यूनिट्स बेचे और अपने छोटे सेगमेंट में स्थिर प्रदर्शन किया। 

कैप्टन ट्रैक्टर्स ने सितंबर 2025 में 240 यूनिट्स बेचकर 73.91% (2025) की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की, जबकि Preet Tractors ने सितंबर 2025 में 8.94% (2025) की वृद्धि के साथ 475 यूनिट्स की बिक्री की।

वहीं सितंबर 2025 में ACE एकमात्र ऐसा निर्माता रहा जिसकी बिक्री में गिरावट देखी गई – बिक्री 4.09% (2025) घटकर 305 यूनिट्स रही और मार्केट शेयर भी कम हुआ।

सितंबर 2025 का महीना भारतीय ट्रैक्टर उद्योग के लिए अत्यंत सकारात्मक रहा। अधिकांश कंपनियों ने मजबूत वृद्धि दर्ज की, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की पुनः सक्रियता और खरीफ सीजन की सफलता को दर्शाता है।

महिंद्रा और TAFE जैसे दिग्गजों ने अपनी स्थिति और मजबूत की है, जबकि सोनालिका और जॉन डियर को प्रतिस्पर्धा में थोड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

आगामी रबी सीजन और सरकार की कृषि योजनाओं से ट्रैक्टर उद्योग में अक्टूबर और नवंबर के महीनों में भी मजबूत बिक्री की उम्मीद की जा रही है। इससे यह स्पष्ट है कि भारत में कृषि मशीनीकरण की गति अब पहले से कहीं अधिक तेज़ हो चुकी है।

श्रेणी