भारतीय ट्रैक्टर बाजार ने सितंबर 2025 में एक बार फिर अपनी मजबूती दिखाई है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) द्वारा जारी नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2025 में देशभर में कुल 64,785 ट्रैक्टरों की रिटेल बिक्री दर्ज की गई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष यानी सितंबर 2024 में दर्ज 62,527 यूनिट की तुलना में 3.61% की सालाना वृद्धि को दर्शाता है। यह वृद्धि दर्शाती है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, खरीफ फसल के बाद की मांग और आगामी रबी सीजन की तैयारी ने ट्रैक्टर बाजार को मजबूती दी है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड (ट्रैक्टर डिवीजन) ने एक बार फिर अपनी बादशाहत कायम रखी। कंपनी ने सितंबर 2025 में 15,515 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो पिछले वर्ष 2024 के 14,767 यूनिट की तुलना में सितंबर 2025 में 5.07% की वृद्धि है। इसके साथ ही महिंद्रा ने सितंबर 2025 में 23.95% बाजार हिस्सेदारी प्राप्त की, जो पिछले वर्ष सितंबर 2024 की तुलना में 0.33% की वृद्धि को दर्शाती है। कंपनी का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि महिंद्रा ब्रांड किसानों के बीच अपनी विश्वसनीयता और तकनीकी मजबूती के चलते लगातार शीर्ष पर बना हुआ है।
स्वराज ट्रैक्टर कंपनी ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी पकड़ मजबूत रखी। सितंबर 2025 में स्वराज डिवीजन ने 11,559 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जो पिछले वर्ष 2024 के 11,018 यूनिट की तुलना में 4.91% की वृद्धि है। कंपनी की बाजार हिस्सेदारी सितंबर 2025 में 17.84% रही, जो 2024 की तुलना में 0.22% अधिक है। स्वराज ट्रैक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी मजबूती, टिकाऊपन और ईंधन दक्षता के लिए प्रसिद्ध हैं, जिसके चलते कंपनी ने लगातार अपना स्थान बनाए रखा है।
TAFE ट्रैक्टर कंपनी ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी ने सितंबर 2025 में 7,943 यूनिट्स बेचे, जो सितंबर 2024 के 7,287 यूनिट्स की तुलना में सितंबर 2025 में 9.00% की उल्लेखनीय वृद्धि है। सितंबर 2025 में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 12.26% रही, जो पिछले वर्ष के 11.65% से 0.61% अधिक है। यह वृद्धि बताती है कि TAFE के ट्रैक्टर, विशेषकर Massey Ferguson ब्रांड, किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
सोनालिका ट्रैक्टर कंपनी ने सितंबर 2025 में 7,756 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की। हालांकि यह पिछले वर्ष 2024 के 8,114 यूनिट्स की तुलना में सितंबर 2025 में -4.41% की गिरावट है, फिर भी कंपनी ने सितंबर 2025 में 11.97% बाजार हिस्सेदारी के साथ उद्योग में अपना मजबूत स्थान बनाए रखा है। Sonalika के ट्रैक्टर अपनी आधुनिक तकनीक, बेहतर पावर और किसानों की बदलती जरूरतों के अनुरूप फीचर्स के लिए जाने जाते हैं।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड ट्रैक्टर कंपनी ने भी सितंबर 2025 में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी ने 6,692 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले वर्ष 2024 की तुलना में सितंबर 2025 में 5.99% की वृद्धि है। सितंबर 2025 में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 10.33% रही, जो 2024 के 10.10% से सितंबर 2025 में 0.23% अधिक है। Escorts Kubota ने हाल के वर्षों में अपने उन्नत तकनीकी मॉडल्स और बेहतर आफ्टर-सेल्स सर्विस के कारण किसानों का भरोसा जीता है।
जॉन डियर ट्रैक्टर कंपनी ने सितंबर 2025 में 4,814 ट्रैक्टरों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले वर्ष 2024 के 4,815 यूनिट्स के लगभग बराबर है। इसमें सितंबर 2025 में -0.02% की मामूली गिरावट रही। सितंबर 2025 में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 7.43% रही, जो 2024 के 7.70% से थोड़ी कम है। हालांकि गिरावट मामूली है, लेकिन जॉन डियर के ट्रैक्टर अपनी प्रीमियम क्वालिटी, उन्नत फीचर्स और उच्च प्रदर्शन क्षमता के कारण बड़े किसानों और कॉर्पोरेट फार्मिंग में लोकप्रिय बने हुए हैं।
आयशर ट्रैक्टर (Eicher Tractors) सितंबर 2025 में भी स्थिर प्रदर्शन किया। कंपनी ने सितंबर 2025 में 3,851 यूनिट्स बेचे, जो पिछले वर्ष 2024 के 3,806 यूनिट्स से सितंबर 2025 में 1.18% की वृद्धि है। हालांकि, सितंबर 2025 में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी थोड़ी घटकर 5.94% पर आ गई, जबकि 2024 में यह 6.09% थी। आईशर ट्रैक्टर अपने किफायती मॉडल्स और ईंधन दक्षता के लिए किसानों की पहली पसंद बने हुए हैं।
सीएनएच इंडस्ट्रियल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (New हॉलैंड ट्रैक्टर कंपनी) ने सबसे तेज़ वृद्धि दर्ज की। कंपनी ने सितंबर 2025 में 3,140 यूनिट्स बेचे, जो पिछले वर्ष 2024 के 2,520 यूनिट्स की तुलना में सितंबर 2025 में 24.60% की जबरदस्त वृद्धि है। सितंबर 2025 में न्यू हॉलैंड की बाजार हिस्सेदारी 4.85% रही, जो पिछले वर्ष से 0.82% अधिक है। यह वृद्धि कंपनी के उन्नत मॉडल्स और किसानों के बीच बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।
अन्य ब्रांड्स (Others) ने सितंबर 2025 में 3,515 यूनिट्स बेचे, जो पिछले वर्ष 2024 के 3,886 यूनिट्स की तुलना में सितंबर 2025 में 9.55% की गिरावट है। सितंबर 2025 में इस श्रेणी की बाजार हिस्सेदारी 5.43% रही, जो 2024 के 6.21% से घट गई।
कुल मिलाकर देखा जाए तो सितंबर 2025 में भारतीय ट्रैक्टर उद्योग ने स्थिर और सकारात्मक रुझान दिखाया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से खरीफ सीजन की बेहतर उपज, रबी बुवाई की तैयारियों, और सरकारी योजनाओं जैसे – पीएम किसान योजना, कृषि यंत्र सब्सिडी योजनाओं और ग्रामीण अवसंरचना में सुधार – के कारण संभव हुई है।
कृषि क्षेत्र में मैकेनाइजेशन (यंत्रीकरण) के बढ़ते रुझान और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार ने भी ट्रैक्टर बिक्री को सहारा दिया है। आने वाले महीनों में रबी फसलों की बुवाई और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आय को देखते हुए ट्रैक्टर उद्योग में मजबूत मांग जारी रहने की संभावना है।