गन्ना किसानों के लिए बड़ी खबर: रेटून मैनेजर और कटर प्लांटर की लॉटरी जारी

Published on: 13-Feb-2026
Updated on: 13-Feb-2026

राज्य के गन्ना उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी सूचना सामने आई है। कृषि विभाग ने ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल के माध्यम से शुगरकेन रेटून मैनेजर और शुगरकेन कटर प्लांटर पर सब्सिडी हेतु आवेदन करने वाले किसानों की लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली है। लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह महत्वपूर्ण अपडेट है। विभाग द्वारा बताया गया है कि निर्धारित अवधि में आवेदन करने वाले पात्र किसानों का चयन पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड और पारदर्शी लॉटरी सिस्टम से किया गया है। अब किसान ऑनलाइन माध्यम से अपना नाम चयन सूची में देख सकते हैं।

ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन

मध्यप्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ई-कृषि यंत्र अनुदान (e krashi yantra) पोर्टल संचालित कर रही है। इसी पोर्टल के जरिए शुगरकेन रेटून मैनेजर और शुगरकेन कटर प्लांटर जैसे यंत्रों पर अनुदान दिया जाता है। इन मशीनों की मदद से गन्ना किसानों को खेत की तैयारी, कटाई और रेटून फसल प्रबंधन में सुविधा मिलती है, जिससे श्रम लागत कम होती है और उत्पादन क्षमता बढ़ती है।

ऐसे देखें चयन सूची में अपना नाम

लॉटरी परिणाम जारी होने के बाद किसान निम्न स्टेप्स अपनाकर अपनी स्थिति चेक कर सकते हैं:

  • ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • “अनुदान स्थिति” या “लॉटरी परिणाम” विकल्प पर क्लिक करें।
  • अपना आवेदन क्रमांक या पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  • स्क्रीन पर चयन की स्थिति दिखाई दे जाएगी।

यदि किसान का नाम चयनित सूची में है, तो आगे की आवश्यक प्रक्रिया और दिशा-निर्देश भी पोर्टल पर उपलब्ध होंगे।

कितनी मिलेगी सब्सिडी? जानें अनुदान का प्रतिशत

कृषि विभाग के नियमों के अनुसार इन यंत्रों पर अनुदान यंत्र की तय लागत के आधार पर दिया जाता है। विभिन्न श्रेणियों के किसानों के लिए सब्सिडी दर अलग-अलग हो सकती है।

  • सामान्य वर्ग के किसानों को लगभग 40% से 50% तक अनुदान मिलता है।
  • अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को 50% से 60% तक सब्सिडी का लाभ दिया जाता है।

अनुदान की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है। सटीक अनुदान राशि जानने के लिए किसान पोर्टल पर उपलब्ध कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं। अंतिम स्वीकृत राशि की जानकारी लॉगिन के बाद जारी किए गए स्वीकृति पत्र में स्पष्ट होती है।

अनुदान प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया

चयनित किसानों को विभाग द्वारा निर्धारित समय के भीतर संबंधित कृषि यंत्र खरीदना होगा। इसके बाद किसान को खरीद बिल और अन्य आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। दस्तावेज अपलोड करने के बाद कृषि विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन पूर्ण होने पर अनुदान राशि सीधे किसान के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और डिजिटल माध्यम से संचालित की जाती है।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे नियमित रूप से पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी आवेदन स्थिति की जांच करते रहें। किसी भी प्रकार की गलत जानकारी या बिचौलियों से सावधान रहें। यदि किसी प्रकार की समस्या आती है, तो किसान अपने जिले के कृषि विभाग कार्यालय या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य आधुनिक कृषि यंत्रों के माध्यम से गन्ना उत्पादन लागत कम करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

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