भारत सरकार ने किसान और उपभोक्ताओं की मदद के लिए नई योजना की शुरुआत की

भारत सरकार ने घरेलू बाजार के अंदर महंगाई में उछाल को देखते हुए आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमतों को सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाया है। इसके अंतर्गत सरकार ने आटे के भाव को सस्ता करने पर अपना ध्यान केन्द्रित किया है। केंद्रीय उपभोक्ता एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सोमवार को नई दिल्ली में 27.50 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर ‘भारत आटा’ नाम से एक नवीन भारत आटा योजना जारी की है। इस योजना का प्रमुख लक्ष्य देश के गरीब एवं कमजोर वर्गों को समुचित दरों पर गेहूं का आटा मुहैय्या कराना है। उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भारत ब्रांड के तहत गेहूं के आटे की बिक्री हेतु 100 मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाई है। यह आटा 27.50 रुपये प्रति किलोग्राम की एमआरपी पर मुहैय्या कराया जाएगा। ‘भारत’ ब्रांड आटा की खुदरा बिक्री से बाजार में समुचित मूल्यों पर सप्लाई बढ़ेगी। साथ ही, इस महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ की कीमतों में लगातार गिरावट लाने में मदद मिलेगी।

भारत आटा यहाँ से खरीद सकते हैं

भारत आटा क्रमशः 10 किलोग्राम और 30 किलोग्राम के पैकेट में मुहैय्या कराया जाऐगा। साथ ही, यह केंद्रीय भंडार, नेफेड एवं एनसीसीएफ के समस्त फिजिकल और मोबाइल आउटलेट पर उपलब्ध होगा। साथ ही, इसका विस्तार बाकी सहकारी/खुदरा दुकानों तक किया जाएगा।

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ओपन मार्केट सेल स्कीम से आप क्या समझते हैं

ओपन मार्केट सेल स्कीम [ओएमएसएस (डी)] के अंतर्गत 2.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं 21.50 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से अर्ध-सरकारी और सहकारी संगठनों मतलब कि केंद्रीय भंडार, एनसीसीएफ और नैफेड को आटा में तब्दील करने और इसकी जनता में बिक्री करने के लिए आवंटित किया गया है। श्री गोयल ने इस उपलक्ष्य में कहा है, कि केंद्र सरकार के हस्तक्षेप से जरूरी वस्तुओं की कीमतें स्थिर हो गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि विगत दिनों में टमाटर और प्याज के भाव कम करने के लिए विभिन्न कदम उठाए गए थे। इसके अलावा उपभोक्ताओं को सहूलियत प्रदान करने के लिए केंद्र द्वारा केंद्रीय भंडार, नेफेड और एनसीसीएफ के जरिए से 60 रुपये प्रति किलो की कीमत पर भारत दाल भी मुहैय्या कराई जा रही है।

पीएम मोदी किसानों की मदद करना चाहते हैं - पीयूष गोयल

इसी कड़ी में उन्होंने आगे कहा कि इन समस्त प्रयासों से किसानों को भी काफी लाभ पहुँचा है। श्री गोयल ने कहा कि कृषकों की पैदावार को केंद्र द्वारा खरीदा जा रहा है। साथ ही, इसके बाद उपभोक्ताओं को समुचित दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने अधिक जोर देकर यह कहा कि केंद्र के हस्तक्षेप से विभिन्न वस्तुओं की कीमतें स्थिर हो गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विजन उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों की भी सहायता करने का है।