खेती में लागत घटाने और काम को तेज बनाने के लिए आधुनिक तकनीक तेजी से अपनाई जा रही है। इसी दिशा में इलेक्ट्रिक रीपर मशीन किसानों के लिए एक उपयोगी विकल्प बनकर सामने आई है। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के खजरी खरिया गांव में इस मशीन का सफल प्रदर्शन किया गया, जहां किसानों ने इसकी कार्यक्षमता को नजदीक से समझा। अधिकारियों की मौजूदगी में गेहूं की कटाई करके दिखाया गया, जिससे किसानों में इस तकनीक को अपनाने के प्रति उत्साह बढ़ा।
इस मशीन की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम लागत और तेज कार्यक्षमता है। प्रदर्शन के दौरान बताया गया कि यह मशीन लगभग 10 रुपये के खर्च में एक एकड़ फसल की कटाई कर सकती है। साथ ही, यह करीब एक घंटे में एक एकड़ क्षेत्र की कटाई करने में सक्षम है, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होती है। छोटे और मध्यम किसानों के लिए यह एक किफायती विकल्प बन सकता है।
यह रीपर मशीन पूरी तरह बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर पर आधारित है, इसलिए इसमें डीजल या पेट्रोल की जरूरत नहीं होती। एक बार चार्ज करने पर यह मशीन 5 से 6 घंटे तक लगातार काम कर सकती है। इसकी बैटरी लगभग 5 घंटे में पूरी तरह चार्ज हो जाती है और रिमूवेबल होने के कारण इसे बदलना भी आसान है।
यह मशीन सिर्फ गेहूं तक सीमित नहीं है, बल्कि चना और मक्का जैसी फसलों की कटाई में भी उपयोगी है। यह जमीन से करीब एक इंच ऊपर से फसल काटती है, जिससे कटाई साफ-सुथरी और समान रहती है। इससे खेत में नुकसान कम होता है और अगली फसल के लिए जमीन जल्दी तैयार हो जाती है।
मशीन को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि किसान इसे आसानी से चला सके। इसमें कटर को ऑन-ऑफ करने, गति नियंत्रित करने और मशीन को चलाने के लिए सरल बटन और लीवर दिए गए हैं। कम तकनीकी जानकारी वाला किसान भी इसे आसानी से उपयोग कर सकता है।
इस इलेक्ट्रिक रीपर मशीन की कीमत लगभग 2.20 लाख रुपये बताई गई है। शुरुआती निवेश भले थोड़ा अधिक लगे, लेकिन लंबे समय में यह फायदेमंद साबित होता है। मजदूरी लागत में कमी और कम खर्च में बार-बार उपयोग की सुविधा इसे एक लाभकारी निवेश बनाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस मशीन के उपयोग से किसानों को कई फायदे मिलते हैं। मजदूरों की कमी की समस्या कम होती है, समय पर कटाई संभव होती है और फसल की गुणवत्ता बनी रहती है। इसके अलावा, कम लागत में अधिक उत्पादन से किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलती है। इलेक्ट्रिक रीपर मशीन खेती में तकनीकी बदलाव का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह किसानों का समय, श्रम और लागत तीनों बचाती है। आने वाले समय में इस तरह के आधुनिक कृषि उपकरण खेती को और अधिक लाभकारी और आसान बना सकते हैं।
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