भारत की प्रमुख इंजीनियरिंग कंपनियों में शामिल एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड (Escorts Kubota Limited) ने जून 2026 के लिए अपने एग्री मशीनरी बिजनेस की ट्रैक्टर बिक्री के आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी ने इस महीने कुल 13,695 ट्रैक्टरों की बिक्री दर्ज की, जो जून 2025 में बेचे गए 11,498 ट्रैक्टरों की तुलना में 19.1 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि दर्शाती है कि कंपनी की बाजार में पकड़ लगातार मजबूत हो रही है और किसानों के बीच इसके ट्रैक्टरों की मांग बनी हुई है।
जून 2026 के दौरान कंपनी ने भारतीय बाजार में 13,172 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह आंकड़ा 10,997 ट्रैक्टरों का था। इस प्रकार घरेलू बिक्री में 19.8 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के अनुसार, यह सकारात्मक प्रदर्शन थोक और खुदरा दोनों ही बाजारों में बेहतर मांग के कारण संभव हुआ है। किसानों की खरीदारी में बढ़ोतरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों के तेज होने से ट्रैक्टरों की बिक्री को अच्छा समर्थन मिला।
कंपनी का कहना है कि देश के कई राज्यों में खरीफ फसलों की बुवाई शुरू हो चुकी है, जिससे कृषि मशीनरी की मांग में तेजी आई है। हालांकि इस वर्ष मानसून की शुरुआत सामान्य से कुछ देर से हुई है, जिसके कारण कुछ क्षेत्रों में बुवाई की गति प्रभावित हुई है। इसके बावजूद जलाशयों में पर्याप्त जल उपलब्ध होने से किसानों को राहत मिली है और खेती-किसानी की गतिविधियां सुचारू रूप से जारी हैं। यही कारण है कि ग्रामीण बाजारों में ट्रैक्टरों की मांग अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि आने वाले महीनों में ट्रैक्टर उद्योग की दिशा काफी हद तक मानसून की प्रगति पर निर्भर करेगी। यदि वर्षा सामान्य रहती है तो कृषि गतिविधियों को और गति मिल सकती है। वहीं, कमजोर मानसून और एल नीनो (El Niño) जैसी मौसम संबंधी परिस्थितियां कृषि क्षेत्र के लिए चुनौती बन सकती हैं। इसके अलावा खरीफ फसलों की बुवाई की रफ्तार और खेती में बढ़ती इनपुट लागत भी आने वाले समय में ट्रैक्टर बाजार की मांग को प्रभावित कर सकती है। फिलहाल ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बुनियादी संकेतक स्थिर बने हुए हैं, लेकिन कंपनी का मानना है कि आगामी तिमाहियों में वृद्धि की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है।
घरेलू बाजार के साथ-साथ कंपनी ने निर्यात के मोर्चे पर भी वृद्धि दर्ज की है। जून 2026 में एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने 523 ट्रैक्टरों का निर्यात किया, जबकि जून 2025 में यह संख्या 501 ट्रैक्टरों की थी। इस तरह कंपनी के निर्यात में 4.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि घरेलू बाजार की तुलना में निर्यात वृद्धि सीमित रही, फिर भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कंपनी की उपस्थिति लगातार बनी हुई है।
यदि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) के प्रदर्शन पर नजर डालें तो कंपनी ने कुल 36,862 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में बेचे गए 30,581 ट्रैक्टरों की तुलना में 20.5 प्रतिशत अधिक है।
घरेलू बाजार में अप्रैल से जून 2026 के दौरान कंपनी ने 35,457 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 28,848 ट्रैक्टर बेचे गए थे। इससे घरेलू बिक्री में 22.9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज हुई। दूसरी ओर, निर्यात के मामले में कंपनी ने पहली तिमाही में 1,405 ट्रैक्टरों का निर्यात किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 1,733 ट्रैक्टरों की तुलना में 18.9 प्रतिशत कम रहा। इससे स्पष्ट है कि कंपनी की कुल वृद्धि का प्रमुख आधार घरेलू बाजार रहा है।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड (EKL) भारत की अग्रणी इंजीनियरिंग कंपनियों में से एक है, जिसे विनिर्माण क्षेत्र में लगभग आठ दशकों का अनुभव प्राप्त है। कंपनी का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसानों और ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करते हुए देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान देना है।
कंपनी मुख्य रूप से एग्री मशीनरी बिजनेस और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट बिजनेस के क्षेत्रों में कार्य करती है। इसके उत्पाद गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार और बेहतर लागत दक्षता के लिए जाने जाते हैं। एस्कॉर्ट्स कुबोटा लगातार नई तकनीकों के विकास, ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पाद तैयार करने और शेयरधारकों के लिए बेहतर मूल्य सृजित करने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देना और भारतीय किसानों को आधुनिक एवं भरोसेमंद मशीनरी उपलब्ध कराना है, ताकि खेती को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाया जा सके।