भारत की अग्रणी ऑटोमोबाइल और कृषि उपकरण निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस ने जून 2026 के ट्रैक्टर बिक्री के आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी ने इस दौरान घरेलू और निर्यात बाजारों को मिलाकर कुल 59,935 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जो जून 2025 में बेचे गए 53,392 ट्रैक्टरों की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि कृषि क्षेत्र में ट्रैक्टरों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है और महिंद्रा किसानों की पहली पसंद बनी हुई है।
महिंद्रा ने जून 2026 में भारतीय बाजार में 58,177 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि जून 2025 में यह आंकड़ा 51,769 ट्रैक्टरों का था। इस प्रकार कंपनी ने घरेलू बाजार में 12 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की। यह बढ़ोतरी बताती है कि देशभर में कृषि गतिविधियों में तेजी और किसानों का आधुनिक कृषि मशीनरी की ओर बढ़ता रुझान कंपनी की बिक्री को लगातार मजबूती दे रहा है।
कंपनी के अनुसार, खरीफ सीजन की शुरुआत के बीच किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से उर्वरक सब्सिडी को लगातार जारी रखने और स्थानीय स्तर पर किसानों के लिए लागू किए जा रहे सहायता कार्यक्रमों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। इन प्रयासों के कारण किसानों पर बढ़ते खर्च का दबाव कुछ हद तक कम हुआ है, जिससे ट्रैक्टरों और अन्य कृषि मशीनरी की खरीद को समर्थन मिला है।
हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों द्वारा एल नीनो (El Niño) के प्रभाव की आशंका जताई जा रही है, लेकिन कंपनी का मानना है कि फिलहाल इसके वास्तविक असर का आकलन करना जल्दबाजी होगी। यदि मानसून सामान्य रहता है और सरकारी सहायता जारी रहती है, तो खरीफ सीजन के दौरान कृषि गतिविधियां बेहतर बनी रह सकती हैं।
महिंद्रा ने जून 2026 में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी ने इस महीने 1,758 ट्रैक्टरों का निर्यात किया, जबकि जून 2025 में यह संख्या 1,623 ट्रैक्टरों की थी। इस तरह निर्यात में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि महिंद्रा के ट्रैक्टरों की मांग केवल भारत ही नहीं, बल्कि विदेशी बाजारों में भी लगातार बढ़ रही है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) के दौरान महिंद्रा का प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा। इस अवधि में कंपनी ने घरेलू और निर्यात बाजारों को मिलाकर कुल 1,58,041 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 1,34,089 ट्रैक्टरों का था। इस प्रकार पहली तिमाही में कुल बिक्री 18 प्रतिशत बढ़ी।
घरेलू बाजार में अप्रैल से जून 2026 के दौरान कंपनी ने 1,52,426 ट्रैक्टर बेचे, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 1,29,199 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई थी। इससे घरेलू बिक्री में 18 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं, निर्यात के क्षेत्र में भी कंपनी ने सकारात्मक प्रदर्शन किया। पहली तिमाही के दौरान महिंद्रा ने 5,615 ट्रैक्टरों का निर्यात किया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 4,890 ट्रैक्टरों का निर्यात हुआ था। इस तरह निर्यात बिक्री में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस के अध्यक्ष वीजय नाकरा ने कंपनी के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जून 2026 में घरेलू बाजार में 58,177 ट्रैक्टरों की बिक्री के साथ कंपनी ने पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि एल नीनो की संभावित परिस्थितियों का प्रभाव अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाएं, विशेष रूप से उर्वरक सब्सिडी और स्थानीय स्तर पर दिए जा रहे सहयोगात्मक कदम, खरीफ सीजन के दौरान किसानों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को काफी हद तक कम करने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी ने निर्यात बाजार में 1,758 ट्रैक्टरों की बिक्री दर्ज की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है।
महिंद्रा ग्रुप की स्थापना वर्ष 1945 में हुई थी और आज यह दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय औद्योगिक समूहों में शामिल है। कंपनी के 100 से अधिक देशों में लगभग 3.24 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। महिंद्रा भारत में फार्म इक्विपमेंट, यूटिलिटी व्हीकल, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में अग्रणी स्थान रखती है। ट्रैक्टर उत्पादन के मामले में कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता मानी जाती है।
इसके अलावा महिंद्रा की मजबूत मौजूदगी नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट जैसे कई क्षेत्रों में भी है। कंपनी पर्यावरण, सामाजिक उत्तरदायित्व और बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस के सिद्धांतों पर विशेष ध्यान देते हुए ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने और शहरी जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। महिंद्रा का लक्ष्य आधुनिक तकनीक, नवाचार और टिकाऊ विकास के माध्यम से किसानों, ग्राहकों और समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।