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गौशालाओं के लिए बड़ा ऐलान! CM मोहन यादव आज जारी करेंगे ₹66.74 करोड़ की राशि

Published on: 17-Sep-2026
Updated on: 17-Sep-2026
गौशालाओं के लिए बड़ा ऐलान! CM मोहन यादव आज जारी करेंगे ₹66.74 करोड़ की राशि
पशुपालन पशुपालन

गौशालाओं के खातों में आएंगे ₹66.74 करोड़

मध्यप्रदेश की पंजीकृत और संचालित गौशालाओं के लिए 17 सितंबर 2026 का दिन महत्वपूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर से प्रदेश की गौशालाओं के लिए 66 करोड़ 73 लाख 81 हजार 160 रुपये की अनुदान राशि ऑनलाइन जारी करेंगे। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से संबंधित गौशालाओं के बैंक खातों में सीधे अंतरित की जाएगी। जुलाई 2026 माह के लिए निर्धारित यह अनुदान प्रदेश में गौशालाओं में व्यवस्थापित 5 लाख 40 हजार 305 गोवंश के भरण-पोषण और बेहतर व्यवस्थापन के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार के इस कदम से गौशाला संचालकों को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।

DBT के जरिए सीधे गौशालाओं के खातों में पहुँचेगी राशि

मुख्यमंत्री द्वारा जारी की जाने वाली अनुदान राशि ऑनलाइन डीबीटी के माध्यम से संबंधित गौशालाओं के बैंक खातों में पहुंचेगी। इससे भुगतान की प्रक्रिया सीधे गौशाला संचालकों के खातों तक होगी और निर्धारित राशि का उपयोग गोवंश के भरण-पोषण तथा व्यवस्थापन में किया जा सकेगा। जुलाई माह के लिए निर्धारित अनुदान का यह वितरण प्रदेश की पंजीकृत एवं संचालित गौशालाओं के लिए किया जा रहा है। सरकार की ओर से गोवंश के संरक्षण के साथ-साथ उनकी देखरेख और आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

हर गोवंश के लिए ₹40 प्रतिदिन का अनुदान

मध्यप्रदेश में पंजीकृत और संचालित गौशालाओं में व्यवस्थापित गोवंश के लिए सरकार की ओर से प्रतिदिन 40 रुपये प्रति गोवंश की दर से अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। इसी व्यवस्था के तहत जुलाई 2026 की अनुदान राशि अब जारी की जा रही है। पहले यह दैनिक अनुदान 20 रुपये प्रति गोवंश था, जिसे बढ़ाकर 40 रुपये किया गया है। इस बढ़ोतरी का उद्देश्य गौशालाओं में रखे गए गोवंश के लिए चारे, भरण-पोषण और रखरखाव से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता देना है।

5.40 लाख से ज्यादा गोवंश को मिलेगा लाभ

17 सितंबर को जारी होने वाली राशि से प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं में व्यवस्थापित 5 लाख 40 हजार 305 गोवंश के लिए सहायता उपलब्ध होगी। अनुदान की राशि का उपयोग गोवंश के भोजन, देखरेख और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर किया जाना है। सरकार द्वारा ऑनलाइन माध्यम से राशि अंतरित किए जाने से भुगतान संबंधित गौशालाओं के बैंक खातों में सीधे पहुंचेगा। इससे गौशाला संचालकों को गोवंश के दैनिक भरण-पोषण से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक मदद मिलेगी।

प्रदेश में 3,214 से ज्यादा गौशालाएं संचालित

मध्यप्रदेश में वर्तमान में 3,214 से अधिक पंजीकृत गौशालाएं संचालित होने की जानकारी दी गई है। इन गौशालाओं में 6.6 लाख से अधिक गोवंश के संरक्षण और भरण-पोषण की व्यवस्था की जा रही है। सरकार की ओर से पंजीकृत गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के बेहतर व्यवस्थापन को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। अनुदान व्यवस्था के माध्यम से गौशालाओं की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वहां संरक्षित गोवंश की देखभाल की व्यवस्था बनी रहे।

चारे और रखरखाव के लिए बढ़ाया गया अनुदान

राज्य सरकार ने गौशालाओं में रखे जाने वाले गोवंश के लिए मिलने वाले दैनिक अनुदान को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गोवंश प्रतिदिन कर दिया है। इस राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से गोवंश के चारे, भरण-पोषण और रखरखाव से जुड़ी आवश्यकताओं में किया जाता है। अनुदान की राशि बढ़ाए जाने से गौशालाओं को प्रतिदिन होने वाले खर्च को पूरा करने में अतिरिक्त सहायता मिलती है। जुलाई 2026 के लिए इसी बढ़ी हुई दर के आधार पर अनुदान राशि जारी की जा रही है।

स्वावलंबी गौशाला नीति से आत्मनिर्भरता पर जोर

मध्यप्रदेश में गौशालाओं को अधिक व्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वावलंबी गौशाला नीति यानी कामधेनु निवास लागू की गई है। इस नीति के तहत बड़ी क्षमता वाली गौशालाओं के विकास और बेहतर व्यवस्थापन पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल गोवंश के संरक्षण तक सीमित न रहकर गौशालाओं को ऐसी व्यवस्थाओं से जोड़ना है, जिससे वे लंबे समय तक अपने संचालन के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने की दिशा में आगे बढ़ सकें। सरकार बड़ी क्षमता वाली गौशालाओं के विकास को भी नीति के तहत प्रोत्साहित कर रही है।

5,000 गोवंश वाली गौशालाओं को 125 एकड़ तक भूमि

स्वावलंबी गौशाला नीति के तहत कम से कम 5,000 गोवंश रखने वाली गौशालाओं को 125 एकड़ तक शासकीय भूमि सहित अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया है। इस व्यवस्था के जरिए बड़े स्तर पर गोवंश संरक्षण के लिए आवश्यक स्थान और संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर है। सरकार का लक्ष्य गौशालाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ उन्हें स्वावलंबी दिशा में आगे बढ़ाना है। ऐसे में 17 सितंबर को इंदौर से 66.74 करोड़ रुपये से अधिक के अनुदान का ऑनलाइन वितरण गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण और व्यवस्थापन के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता के रूप में देखा जा रहा है।

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