आज के समय में किसान केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहकर ही नहीं, बल्कि कृषि से जुड़े अन्य व्यवसाय शुरू करके भी अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। कई ऐसे व्यवसाय हैं जिन्हें कम निवेश में शुरू किया जा सकता है और इनमें मुनाफा भी काफी अच्छा मिलता है। खास बात यह है कि इन कामों को खेती के साथ आसानी से किया जा सकता है। पशुपालन, पोल्ट्री, मछली पालन और मधुमक्खी पालन जैसे व्यवसाय ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। सरकार भी किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इन व्यवसायों पर लोन और सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध करा रही है। आइए जानते हैं खेती के साथ शुरू किए जा सकने वाले ऐसे 5 फायदे वाले व्यवसायों के बारे में।
Dairy Farming किसानों के लिए सबसे लाभदायक व्यवसायों में से एक माना जाता है। किसान अच्छी नस्ल की गाय या भैंस पालकर दूध उत्पादन का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इसकी शुरुआत छोटे स्तर पर दो गाय या दो भैंस से भी की जा सकती है। दूध की लगातार बढ़ती मांग के कारण डेयरी व्यवसाय ग्रामीण क्षेत्रों में कमाई का अच्छा माध्यम बन चुका है।
यदि किसान बड़े स्तर पर डेयरी फार्म शुरू करना चाहते हैं, तो बैंक और कई सरकारी संस्थाएं इसके लिए लोन सुविधा भी प्रदान करती हैं। कई योजनाओं के तहत डेयरी व्यवसाय के लिए 5 लाख से 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए आधार कार्ड, बिजली बिल, एनओसी, फोटो और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। सत्यापन पूरा होने के बाद पशुओं की संख्या और डेयरी के आकार के अनुसार ऋण मंजूर किया जाता है। सरकार की ओर से कई योजनाओं में सब्सिडी का भी लाभ दिया जाता है।
Beekeeping खेती के साथ किया जाने वाला एक बेहतरीन व्यवसाय माना जाता है। इसमें कम जगह और कम लागत में अच्छी कमाई की जा सकती है। शहद की बढ़ती मांग के कारण मधुमक्खी पालन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का अच्छा साधन बन चुका है।
केंद्र और राज्य सरकारें इस व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। “मीठी क्रांति” जैसी योजनाओं के तहत कृषि और उद्यान विभाग किसानों को प्रशिक्षण और सहायता प्रदान करते हैं। किसानों को मधुमक्खियों के पालन के लिए बॉक्स भी उपलब्ध कराए जाते हैं। National Bee Board और NABARD ने मिलकर मधुमक्खी पालन के लिए फाइनेंसिंग योजनाएं भी शुरू की हैं। इस व्यवसाय पर सरकार 80 से 85 प्रतिशत तक सब्सिडी देती है, जिससे किसान कम लागत में इसे शुरू कर सकते हैं।
Fish Farming भी किसानों के लिए तेजी से बढ़ता हुआ व्यवसाय है। बाजार में मछली के मांस और तेल की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे यह व्यवसाय लाभदायक बन गया है। यदि किसान के पास तालाब है तो वहां आसानी से मछली पालन किया जा सकता है। जिन किसानों के पास तालाब नहीं है, वे टैंक बनाकर भी इस व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं।
कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला यह व्यवसाय सरकार द्वारा भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मछली पालकों को बैंकों के माध्यम से क्रेडिट कार्ड सुविधा दी जाती है, जिसके जरिए बिना गारंटी के 1.60 लाख रुपये तक का ऋण लिया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर 3 लाख रुपये तक का लोन भी उपलब्ध कराया जाता है। आधुनिक तकनीक अपनाकर किसान इस व्यवसाय से बेहतर कमाई कर सकते हैं।
अंडे और चिकन की बढ़ती मांग के कारण Poultry Farming तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। गांवों से लेकर शहरों तक लोग इसे व्यवसाय के रूप में अपना रहे हैं। इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए ज्यादा तकनीकी जानकारी की जरूरत नहीं होती, लेकिन उचित जगह और साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी होता है।
पोल्ट्री फार्म के लिए पर्याप्त जगह और बिजली की व्यवस्था होना जरूरी है। माना जाता है कि एक मुर्गी के लिए कम से कम एक वर्ग फुट जगह होनी चाहिए। यदि जगह थोड़ी अधिक हो, तो अंडों और चूजों के नुकसान की संभावना कम हो जाती है। इस व्यवसाय के लिए बैंक आसानी से लोन उपलब्ध कराते हैं और NABARD की सहायता से वित्तीय मदद भी ली जा सकती है।
सरकार भी पोल्ट्री व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी प्रदान करती है। सामान्य वर्ग को लगभग 25 प्रतिशत और अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को 35 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ दिया जाता है। इससे छोटे किसान भी आसानी से इस व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं।
Goat Farming भी किसानों के लिए कम लागत वाला और फायदे का व्यवसाय है। इसे बहुत कम पूंजी में शुरू किया जा सकता है और इसके रखरखाव में भी ज्यादा खर्च नहीं आता। बकरियां झाड़ियों, पेड़ों की पत्तियों और घास पर आसानी से अपना भोजन कर लेती हैं, जिससे चारे पर खर्च कम होता है।
बकरी पालन मुख्य रूप से दूध और मांस उत्पादन के लिए किया जाता है। किसान अपनी जरूरत और बाजार की मांग के अनुसार नस्ल का चयन कर सकते हैं। कई राज्य सरकारें बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए सहायता और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह व्यवसाय रोजगार और अतिरिक्त आय का अच्छा साधन बनता जा रहा है।
खेती के साथ कृषि आधारित व्यवसाय शुरू करना किसानों के लिए अतिरिक्त आय का मजबूत स्रोत बन सकता है। डेयरी, बकरी पालन, मुर्गी पालन, मछली पालन और मधुमक्खी पालन जैसे व्यवसाय कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाले विकल्प हैं। सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी और लोन सुविधाओं के कारण किसान आसानी से इन व्यवसायों की शुरुआत कर सकते हैं। सही योजना और मेहनत के साथ किसान इन व्यवसायों से अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत बना सकते हैं।
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