अब तक भारतीय खेती में डीज़ल ट्रैक्टरों का ही वर्चस्व रहा है, क्योंकि डीज़ल आसानी से उपलब्ध होता है और किसान वर्षों से इसे भरोसेमंद ईंधन के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे हैं। लेकिन बढ़ती ईंधन लागत, पर्यावरण से जुड़ी चिंताएं और आधुनिक खेती की बदलती ज़रूरतों ने ट्रैक्टर उद्योग को वैकल्पिक तकनीकों की ओर सोचने पर मजबूर कर दिया है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सोनालीका ट्रैक्टर्स ने भारतीय कृषि क्षेत्र में नई शुरुआत की है और भारत का पहला पूरी तरह खेती के लिए तैयार इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर – सोनालीका टाइगर इलेक्ट्रिक 4WD पेश किया है। यह ट्रैक्टर न सिर्फ लागत को कम करता है, बल्कि भविष्य की टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल खेती की राह भी दिखाता है।
सोनालीका टाइगर इलेक्ट्रिक को इलेक्ट्रो-मोबिलिटी की आधुनिक अवधारणा पर विकसित किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह ट्रैक्टर 100% समय पर 100% टॉर्क देता है, यानी जैसे ही आप एक्सेलरेशन देते हैं, पूरी ताकत तुरंत उपलब्ध हो जाती है। यह खासियत डीज़ल ट्रैक्टरों से इसे बिल्कुल अलग बनाती है। कम खर्च, कम शोर और बिना धुएं के काम करने की क्षमता इसे आने वाले समय का ट्रैक्टर साबित करती है।
इस इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर में जर्मन डिज़ाइन वाली E-Trac मोटर दी गई है, जो उच्च ऊर्जा दक्षता और बेहतर पावर डेंसिटी के लिए जानी जाती है। यह मोटर खेतों में स्थिर और भरोसेमंद प्रदर्शन देती है। सोनालीका टाइगर इलेक्ट्रिक की अधिकतम गति 24.93 किमी/घंटा है, जो छोटे और मध्यम खेतों के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इसमें 15 hp की पावर क्षमता दी गई है, जो दैनिक कृषि कार्यों को आसानी से संभालने में सक्षम है।
सोनालीका टाइगर इलेक्ट्रिक में 250–350 Ah की बैटरी क्षमता दी गई है। इसे सामान्य घरेलू चार्जिंग से लगभग 10 घंटे में फुल चार्ज किया जा सकता है, जबकि फास्ट चार्जिंग सुविधा से यह केवल 4 घंटे में चार्ज हो जाता है। इससे किसान अपने कार्य समय के अनुसार चार्जिंग को आसानी से मैनेज कर सकते हैं और खेत में बिना रुकावट काम कर सकते हैं।
गियरबॉक्स की बात करें तो इसमें 6 फॉरवर्ड + 2 रिवर्स गियर दिए गए हैं, जिससे खेत और सड़क दोनों पर काम करना आसान हो जाता है। ट्रैक्टर में आगे की ओर 5.00 x 12 साइज के फ्रंट टायर और पीछे की ओर 8.00 x 18 साइज के रियर टायर दिए गए हैं, जो खेतों में बेहतर पकड़ और संतुलन प्रदान करते हैं।
यह इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर 500 किलोग्राम की लिफ्टिंग क्षमता के साथ आता है, जिससे हल्के कृषि उपकरण और अटैचमेंट्स आसानी से चलाए जा सकते हैं। सुरक्षा और बेहतर नियंत्रण के लिए इसमें तेल में डूबे हुए ब्रेक्स दिए गए हैं, जो खेतों में काम करते समय ट्रैक्टर को संतुलित और सुरक्षित रखते हैं।
सोनालीका टाइगर इलेक्ट्रिक को किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है। इसमें XL साइज का चौड़ा ऑपरेटर प्लेटफॉर्म और 4-तरफा एडजस्ट होने वाली सीट दी गई है, जिससे लंबे समय तक काम करने पर भी थकान कम महसूस होती है। इसके साथ ही इसमें ट्विन बैरल हेडलाइट्स दी गई हैं, जो रात के समय बेहतर रोशनी और दृश्यता प्रदान करती हैं। बड़े आकार के मजबूत टायर खेत में बेहतर पकड़ और स्थिरता सुनिश्चित करते हैं।
सोनालीका टाइगर इलेक्ट्रिक कई ऐसे फायदे देता है, जो इसे पारंपरिक डीज़ल ट्रैक्टरों से अलग और बेहतर बनाते हैं। इसकी इको-फ्रेंडली E-Trac मोटर डीज़ल ट्रैक्टर की तुलना में लगभग 1/4 ईंधन खर्च में काम करती है। इसमें अधिक टॉर्क उपलब्ध होता है, जिससे उत्पादकता बढ़ती है। चूंकि इसमें घूमने वाले पार्ट्स बहुत कम हैं, इसलिए इसका मेंटेनेंस खर्च लगभग शून्य के बराबर होता है।
यह ट्रैक्टर बिना आरपीएम ड्रॉप के कई उपकरणों को चला सकता है, जिससे कार्य क्षमता बढ़ती है। शोर रहित संचालन के कारण किसान शांत वातावरण में काम कर सकते हैं और इसमें किसी तरह की गर्मी भी महसूस नहीं होती, जिससे लंबे समय तक काम करना ज्यादा आरामदायक बन जाता है।
कुल मिलाकर, सोनालीका टाइगर इलेक्ट्रिक भारतीय खेती के लिए एक नई सोच और नई दिशा का प्रतीक है। कम लागत, शून्य उत्सर्जन, कम रख-रखाव और आधुनिक तकनीक के साथ यह ट्रैक्टर आने वाले समय में खेती को ज्यादा किफायती, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि सोनालीका टाइगर इलेक्ट्रिक भविष्य की खेती की एक झलक है।
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