भारतीय कृषि में ट्रैक्टर केवल एक मशीन नहीं बल्कि किसान का सबसे भरोसेमंद साथी होता है। जब बात 50–55 एचपी श्रेणी के ट्रैक्टरों की आती है, तो स्वराज 855 एफई और जॉन डियर 5050 डी दोनों ही अपने-अपने सेगमेंट में दमदार दावेदार हैं। हालांकि दोनों की पावर रेंज लगभग समान है, लेकिन इंजन कैरेक्टर, वजन, गियरिंग, हाइड्रोलिक्स और उपयोगिता के मामले में इनके बीच स्पष्ट अंतर देखने को मिलता है, जो सीधे खेत के प्रदर्शन को प्रभावित करता है।
स्वराज 855 एफई का 3478 सीसी इंजन जॉन डियर 5050 डी के 2900 सीसी इंजन की तुलना में बड़ा है, जिसका सीधा फायदा भारी कार्यों में मिलता है। स्वराज का इंजन कम आरपीएम पर ज्यादा टॉर्क देता है, जिससे यह ट्रैक्टर गहरी जुताई, हैरो और भारी ट्रॉली ढुलाई जैसे कामों में बिना झटके लगातार काम कर पाता है। वहीं जॉन डियर 5050 डी का इंजन तकनीकी रूप से अधिक रिफाइंड है और हाई आरपीएम पर स्मूद परफॉर्मेंस देता है, जिससे यह हल्के से मध्यम कृषि कार्यों में ज्यादा फुर्तीला महसूस होता है।
अगर लंबे समय तक भारी लोड में काम करने की बात हो, तो स्वराज 855 एफई का बड़ा इंजन और वेट एयर क्लीनर इसे ज्यादा भरोसेमंद बनाता है। दूसरी ओर, जॉन डियर का कूलैंट कूल्ड सिस्टम और बेहतर थर्मल मैनेजमेंट इंजन को गर्म होने से बचाता है, जिससे लगातार ऑपरेशन में इंजन की लाइफ अच्छी रहती है।
यहां स्वराज 855 एफई एक स्पष्ट बढ़त बनाता है। 12 फॉरवर्ड और 3 रिवर्स गियर का विकल्प किसानों को हर तरह के काम के लिए सटीक स्पीड चुनने की आज़ादी देता है। चाहे रोटावेटर चलाना हो या ट्रॉली से ढुलाई, ज्यादा गियर का मतलब कम ईंधन में बेहतर आउटपुट।
इसके मुकाबले जॉन डियर 5050 डी में 8 फॉरवर्ड और 4 रिवर्स गियर दिए गए हैं, जो शहर के पास व्यावसायिक उपयोग और बार-बार रिवर्स ऑपरेशन के लिए अच्छे हैं, लेकिन स्पीड वेरायटी के मामले में स्वराज थोड़ा आगे निकल जाता है।
दोनों ट्रैक्टरों की पीटीओ पावर लगभग बराबर है—स्वराज में 42.9 HP और जॉन डियर में 42.5 HP। फर्क यहां फीचर्स का है। स्वराज का मल्टी-स्पीड और रिवर्स पीटीओ इसे ज्यादा बहुउपयोगी बनाता है, खासकर उन किसानों के लिए जो अलग-अलग तरह के इम्प्लीमेंट इस्तेमाल करते हैं।
जॉन डियर 5050 डी का इंडिपेंडेंट पीटीओ और इकॉनमी पीटीओ फीचर ईंधन बचाने में मदद करता है, खासकर थ्रेशर और स्प्रेयर जैसे उपकरणों में। यानी पीटीओ टेक्नोलॉजी के मामले में जॉन डियर ज्यादा एडवांस लगता है, जबकि स्वराज ज्यादा रग्ड और वर्सेटाइल है।
स्वराज 855 एफई की 2000 किलोग्राम लिफ्टिंग क्षमता इसे भारी इम्प्लीमेंट्स के लिए बेहतर बनाती है। ज्यादा वजन (2220 किलोग्राम) होने के कारण ट्रैक्टर जमीन पर मजबूत पकड़ बनाए रखता है, जिससे फिसलन कम होती है और ट्रैक्शन बेहतर मिलता है।
वहीं जॉन डियर 5050 डी की लिफ्टिंग क्षमता 1600 किलोग्राम है, जो अधिकांश सामान्य कार्यों के लिए पर्याप्त है, लेकिन बहुत भारी उपकरणों में स्वराज की तुलना में सीमित हो सकती है। हल्का वजन (1870 किलोग्राम) होने के कारण जॉन डियर ट्रांसपोर्ट और छोटे खेतों में ज्यादा फुर्तीला महसूस होता है।
दोनों ट्रैक्टर पावर स्टीयरिंग और ऑयल इमर्स्ड ब्रेक्स के साथ आते हैं, जिससे कंट्रोल और सेफ्टी दोनों बेहतर मिलती है। हालांकि जॉन डियर का टर्निंग रेडियस कम होने के कारण छोटे खेतों और तंग मोड़ों में चलाना थोड़ा आसान लगता है। स्वराज का भारी फ्रेम लंबे और सीधे ऑपरेशन में ज्यादा स्थिरता देता है।
स्वराज 855 एफई आमतौर पर जॉन डियर 5050 डी से थोड़ा सस्ता पड़ता है और कम मेंटेनेंस के लिए जाना जाता है। स्वराज 855 एफई ट्रैक्टर की कीमत भारतीय बाजार में लगभग 8.46 लाख रुपये से 8.81 लाख रुपये के बीच है। वहीं जॉन डियर की कीमत 8.66 से 9.02 लाख और 5 साल या 5000 घंटे की वारंटी इसे लॉन्ग-टर्म सिक्योरिटी के लिहाज से मजबूत बनाती है।
अगर आपकी प्राथमिकता भारी काम, मजबूत बॉडी, ज्यादा लिफ्टिंग और कम खर्च में ज्यादा दम है, तो स्वराज 855 एफई ज्यादा पावरफुल और प्रैक्टिकल विकल्प साबित होता है। लेकिन अगर आप आधुनिक टेक्नोलॉजी, स्मूद ऑपरेशन, बेहतर पीटीओ कंट्रोल और लॉन्ग वारंटी चाहते हैं, तो जॉन डियर 5050 डी एडवांस फीचर्स के मामले में बढ़त बनाता है।
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