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जैविक खेती

जानिए क्या है नए ज़माने की खेती: प्रिसिजन फार्मिंग

नमस्कार किसान भाइयो, आज हम मेरीखेती.कॉम में आपसे कुछ नई तकनीकी पर आधारित खेती की बात करेंगें. भाइयों अपने देश में जिस तरह से खेती होती है उससे आप सभी परचित हो. यहाँ आपको ज्ञान बांटने की जरूरत नहीं है. आज हम Precision farming के बारे में बात…

नीलहरित शैवाल: खाद का बेहतर विकल्प

फसलों की पैदावार बढ़ाने में रासायनिक खादों का योगदान किसी से छिपा नहीं है. इन्हीं के इस्तेमाल से भारत में हरित क्रांति आई, लेकिन अंधाधुंध केमिकल खाद के इस्तेमाल से कई समस्याएं पैदा हुईं. दूसरी ओर खाद के मूल्यों में लगातार इजाफा हो रहा है.…

जैविक खेती क्या है, जैविक खेती के फायदे

भारत कृषि प्रधान देश है यह तथ्य हर कोई जानता है। इतना ही नहीं यहां के नागरिकों की खेती पर निर्भरता भी 80 फ़ीसदी के आसपास है। हरित क्रांति के शुरुआती दौर यानी 1960 से पूर्व यहां परंपरागत और जैविक खेती ही की जाया करती थी लेकिन बढ़ती आबादी…

लॉकडाउन मैं जमकर हुई फसलों की बुवाई

ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई लाक डाउन के दौरान काफी बढ़ी है।फुर्सत के समय में किसानों ने गर्मियों की फसलों की बुवाई एवं खेत की तैयारी में पूरा समय दिया है। चावल: पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 25.29 लाख हेक्टेयर की तुलना में इस बार…

खेतों में खड़ी फसलों में किन बातों का रखें ध्यान

जैसा कि देखा जा रहा है कि इस बार ज्‍यादातर गेहूं उत्पादक प्रांतों में औसत तापमान विगत अनेक वर्षों के औसत तापमान से कम है,अतः गेहूं की कटाई कम-से-कम 10-15 दिन आगे बढ़ने की संभावना है।ऐसी दशा में किसान यदि 20 अप्रैल तक भी गेहूं की कटाई…

कमजोर जमीन में औषधीय पौधों की खेती

खुशबूदार औषधीय पौधों की समूचे विश्व में मांग रहती है। इसका कारण यह है कि इनका प्रयोग कई तरह की औषधियों एवं मेकअप आदि के सामान बनाने में होता है। बाजार में इनकी मांग के चलते किसानों को इनकी खेती से अच्छी आय होती है। ध्यान रखने वाली बात…

उत्तर प्रदेश में जैविक खेती से बढ़ी किसानों की आमदनी

अपनी खेती, अपनी खाद, अपना बीज, अपना स्वाद। जैविक खेती कृषि की ऐसी पद्धति है, जिसमें पर्यावरण को स्वच्छ प्राकृतिक संतुलन को कायम रखते हुए भूमि, जल एवं वायु को प्रदूषित किये बिना दीर्घकालीन व स्थिर फसल उत्पादन प्राप्त किया जाता है। इस…

गंभीर रोगों की दवा हैं जंगली पौधे

पशुओं में दुग्ध बढ़ाने और नीरोग रखने में काम आते हैं ये पौधे खरपतवार समझकर किसान ब्रज में खत्म कर रहे हैं इन जंगली बूटियों को। ब्रज अंचल हो या अन्य क्षेत्रीय वनौषधियां यहां खत्म होती जा रही हैं। पशुओं के रोग हों या मानव स्वास्थ्य…

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