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गर्मियों की हरी सब्जियां आसानी से किचन गार्डन मे उगाएं : करेला, भिंडी, घीया, तोरी, टिंडा, लोबिया, ककड़ी

गर्मियों की हरी सब्जियां आसानी से किचन गार्डन मे उगाएं : करेला, भिंडी, घीया, तोरी, टिंडा, लोबिया, ककड़ी

गर्मियों का मौसम हालांकि हर किसी को पसंद नहीं आता है लेकिन गर्मी के मौसम मे बनने वाली कुछ ऐसी सब्जियां हमें जरूर पसंद आती हैं। भारत के कई ऐसे इलाके हैं जहां पर गर्मियों के समय मे इन सभी सब्जियों की बड़े पैमाने पर खेती की जाती हैं और गर्मियों के मौसम मे इनकी बिक्री भी काफी तेजी पर होती है। गर्मियों की हरी सब्जियां हर जगह उपलब्ध भी नहीं हो पाती हैं। ऐसे मे हर समय गर्मी के मौसम मे बाजार से इन सब्जियों को लाने मे हम सभी को कई परेशानियां होती हैं। इन सभी परेशानियों का समाधान आप अपने घर के किचन के गार्डन के अंदर ही इन सभी सब्जियों को आसानी से लगा सकते हैं। तो आज हम आपको ऐसी ही कुछ अच्छी सब्जियों के बारे मे बताने वाले है, जिन्हें आप गर्मियों के समय मे अपने घर के गार्डन मे बड़ी ही आसानी से लगा सकते है । साथ ही साथ स्वादिष्ट ताजा सब्जी खाने का लुत्फ भी उठा सकते है । तो आईये जानते हैं गर्मियों की हरी सब्जियां जो आसानी से उगाई जा सकती हैं। 

किचन गार्डन में उगाई जाने वाली सब्जियां:

  1. करेला :

kerala करेले को तो आप सभी जानते ही होंगे लेकिन ,जितना यह कड़वा होता है अपने स्वाद मे उतना ही हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक भी होता है। गर्मियों के मौसम मे आप किचन के गार्डन मे करेले को बड़ी ही आसानी से उगा सकते है, इसे या तो आप बीज के द्वारा लगवा सकते है या फिर आप सीधे पौधे की रोपाई भी कर सकते है। 

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 तो चलिए चलिए अब हम आपको बताते है, की आप किस प्रकार गर्मियों की हरी सब्जियां में प्रथम करेली की सब्जी को अपने गार्डन मे उगा सकते है: -

  • सबसे पहले आपको मिट्टी तैयार करनी होगी करेले को उगाने के लिए।
  • इसके लिए आप 50% मिट्टी 30% खाद और 20% रेत डाल दीजिए।
  • उसके बाद आप अपने हाथों से बीज की बुवाई कर सकते है या फिर सीधे पौधे की रोपाई।
  • करेले को उगाने के लिए सबसे अच्छा समय फरवरी से लेकर मार्च माह तक का होता है।
  • किचन के गार्डन मे करेले को लगाने के लिए आप एक बड़े आकार के गमले का इस्तेमाल करें क्योंकि यह बेलदार सब्जी है।
  • करेले को गर्मी का मौसम सबसे ज्यादा पसंद आता है ऐसे मे आप ज्यादा पानी की सिंचाई ना करे।
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करेले को हमेशा कम पानी की आवश्यकता होती है,चाहे गर्मी का मौसम हो या सर्दी का आप केवल दो-तीन दिन में एक बार पानी जरूर सींचे। 

  1. गर्मियों की हरी सब्जियां : भिंडी

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 हर घर मे एक ऐसी सब्जी होती है, जो सबकी पसंदीदा होती है और वह है भिंडी। भिंडी हमारे शरीर को कई सारी बीमारियों से बचाती है और हमारे इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाए रखती है। भिंडी को भी आप अपने किचन के गार्डन मे काफी आसानी से लगा सकते है, जिसके लिए आपको कुछ टिप्स को जानना जरूरी होगा। भिंडी मे बहुत सारे विटामिन और कार्बोहाइड्रेट भी पाए जाते है जो हमारे शरीर मे कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह जैसी बीमारियों को कंट्रोल करने के काम आते हैं। 

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तो चलिए जानते है आप किस प्रकार भिंडी को अपने किचन के बाग बगीचे मे लगा सकते है :-

  • भिंडी को यदि आप गमले मे उगाना चाहते है तो इसके लिए आपको बड़ी साइज का गमला लेना होगा।
  • इसके बाद आप अच्छी क्वालिटी के भिंडी के बीजों को 3 इंच की गहराई तक गमले के अंदर बुवाई कर दें।
  • भिंडी के पौधे का बीज बोने के बाद आप गमले को ज्यादा देर तक कभी भी धूप मे ना रखें क्योंकि यह ज्यादा धूप सहन नहीं कर पाता है और पौधा मुरझा कर नष्ट हो जाता है।
  • जब भिंडी का पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए तो नियमित रूप से इसकी सिंचाई करें और पानी की बिल्कुल भी कमी ना आने दे।
  • कीड़े मकोड़ों और अन्य बीमारियों से बचाने के लिए भिंडी के पौधों पर समय समय पर कीटनाशकों का छिड़काव अवश्य करें।
  • भिंडी के पौधों को खाद देने के लिए आप अपने घर के अच्छी क्वालिटी वाले खाद का ही इस्तेमाल करें।
  • बीजों को अच्छे से अंकुरित होने के लिए आप थोड़ी देर पानी मे जरूर भिगो दें ताकि पौधे को विकसित होने मे ज्यादा समय ना लगे।
  1. घीया

गर्मियों की हरी सब्जियां : घीया [ghiya] 

 लौकी जिसे कई जगहों पर गिया के नाम से भी जाना जाता है। लौकी की सब्जी खाने मे बहुत ही स्वादिष्ट होती है। इसलिए हर किसी की पसंद यही होती है कि वह ताजा और फ्रेश लौकी की सब्जी खाएं। ऐसे मे लौकी हमारे शरीर के लिए भी काफी फायदेमंद होती हैं। 

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लौकी खाने से हमारा मस्तिष्क तनाव मुक्त रहता है और हृदय रोगी यानी कि मधुमेह रोगियों के लिए भी यह काफी लाभदायक साबित होती है। इसके अलावा लड़कियों में लौकी खाने से उनके बाल काले मोटे और घने होते हैं और सफेद बालों से भी छुटकारा मिल जाता। तो चलिए आज हम आपको बताते है ,की आप किस प्रकार लौकी को अपने घर के गार्डन में किस प्रकार लगा सकते हैं: -

  • इसके लिए सबसे पहले आप बड़े कंटेनर या गमले के अंदर मिट्टी का भराव कर लें और बीज को आधे इंच से ज्यादा गहराई मे ना लगाए।
  • आधे इंच की गहराई मे बीज को लगाने के बाद आप नियमित रूप से मिट्टी को पानी देते रहें और नमी बनाए रखें।
  • लौकी का बीज चार-पांच दिनों मे अंकुरित होने लगता है और इसके बाद पौधे मे विकसित होता है।
  • जब पौधा लग जाए तो उसके बाद आप यह जरूर ध्यान रखें कि लौकि को ज्यादा पानी ना डालें क्योंकि यह ज्यादा पानी के साथ सड़ने लगता है।
  • लौकी को ऊगाने के लिए सबसे अच्छा समय सितंबर से फरवरी के बीच मे होता है।
  • लौकी के पौधे को समय-समय पर अच्छी खाद और कीटनाशकों का अवश्य से छिड़काव करें।
  • पौधे की समय समय पर जरूर जांच कर देखें क्योंकि इन पर कीट पतंगे बहुत जल्दी लगने लग जाते हैं।
  1. तोरई :toori गर्मियों की हरी सब्जियां : तोरी

भारत के कई इलाकों जैसे उत्तर प्रदेश और बिहार में तोरई की सब्जी बहुत ही चाव से बनाई और परोसी जाती है। तोरी की सब्जी बहुत ही ज्यादा स्वादिष्ट और लाभदायक भी होती हैं। इसके अंदर विटामिन ए, विटामिन सी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और मिनरल फाइबर जैसे कई सारे फायदेमंद पोषक तत्व होते है। हालांकि तोरई की खेती पूरे देश मे होती हैं लेकिन इसे आप अपने घर के गार्डन बगीचे मे भी बड़ी ही आसानी से लगा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि, आप किस प्रकार तोरी की सब्जी को अपने घर मे लगा सकते हैं :-
  • इसके लिए आप सबसे पहले एक बड़ा गमला लेवे और उसके अंदर खाद ,उर्वरक और मिट्टी को अच्छे से डाल दें।
  • अब बीजों को आधे से 1 इंच के भीतर भीतर मिट्टी के अंदर इसकी बुवाई कर दें।
  • तोरई के पौधे को फलदार बनने में 40 से 45 दिनों का समय लगता है , ऐसे मे आप इसकी नियमित रूप से सिंचाई करना ना भूलें।
  • घर के बगीचे मे लगाने वाले पौधे जैसे तोरी के लिए आप कभी भी रासायनिक खाद उर्वरकों का इस्तेमाल ना करें।
  • कीटों और अन्य बीमारियों से बचाने के लिए सप्ताह मे दो तीन बार अच्छे से छिड़काव करें।
  • एक बार तोरई का पौधा बड़ा हो जाने के बाद आप इसे ज्यादा पानी ना देवे क्योंकि ज्यादा पानी के प्रति तोरई का पौधा काफी संवेदनशील माना जाता है।
  • तोरई को उगाने के लिए सबसे अच्छा समय फरवरी से मार्च माह के मध्य मे होता है।
  1. गर्मियों की हरी सब्जियां : टिंडा

गर्मियों की हरी सब्जियां : टिंडा [tinda] 

 उत्तरी भारत के कई सारे इलाकों मे टिंडे गर्मियों की सबसे अच्छी सब्जी मानी जाती है ,और काफी स्वादिष्ट भी होती है। हम आपको बता देते है, कि टिंडे का मूल स्थान भारत ही है। भिंडी की सब्जी बनाने के लिए इसके कच्चे फलों का इस्तेमाल किया जाता है ना कि इसके पके हुए फलों का। टिंडे के पके हुए फलों मे बीज काफी बड़े और अंकुरित होते हैं ।लेकिन आप इसे अपने घर के बगीचे में बड़े ही आसानी से लगा सकते हैं और ताजा और फ्रेश सब्जी का लुफ्त उठा सकते हैं। तो चलिए जानते तो चलिए जानते है, कि आप किस प्रकार टिंडे की सब्जी को लगा सकते हैं :-

  • टिंडे को लगाने के लिए सबसे अच्छी मिट्टी रेतीली दोमट मिट्टी मानी जाती है, जिसे आप अपने बड़े से गमले मे खाद के साथ तैयार कर लेवे।
  • इसके बाद बीजों को 2 इंच की गहराई तक अंदर बुवाई कर ले और चार-पांच दिन तक पानी की सिंचाई करते रहे।
  • टिंडे का पौधा 1 सप्ताह के भीतर - भीतर अंकुरित हो जाता है।
  • एक बार पौधा बड़ा हो जाने पर आप इसकी नियमित रूप से अच्छे से सिंचाई करना ना भूलें और इसी के साथ-साथ कीटनाशकों का छिड़काव जरूर करें।
  • टिंडे की बीमारियों से बचने के लिए आप खाद्य उर्वरक का इस्तेमाल जरूर करें और साथ ही साथ समय-समय पर इसकी जांच भी करें।
  • टिंडे की सब्जी को लगाने के लिए सबसे अच्छा समय मार्च से अप्रैल माह के बीच मे होता है।
  1. गर्मियों की हरी सब्जियां : लोबिया

Lobia 

 लोबिया की फली बहुत ही ज्यादा स्वादिष्ट होती है, जिसे भारत के कई इलाकों मे सब्जी के रूप मे भी बनाते है। भारत के कई राज्यों में लोबिया की खेती बड़े पैमाने पर होती है, लेकिन यदि आप अपने घर पर छोटी सी बागबानी करना चाहते हैं, तो आप बड़ी ही आसानी से लोबिया को अपने घर के गार्डन मे लगा सकते है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हमारे शरीर के लिए काफी लाभदायक भी होती है। यह हमें कई प्रकार की हृदय संबंधी और जोड़ों मे दर्द होने जैसी परेशानियों से छुटकारा दिलाती है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि इसे आप कहीं पर भी लगा सकते है अपने घर के आंगन मे छत मे।

ये भी पढ़े: कटाई के बाद अप्रैल माह में खेत की तैयारी (खाद, जुताई ..) तो चलिए जानते हैं, कि आप किस प्रकार लोबिया की सब्जी को अपने घर मे लगा सकते हैं :-

  • इसको लगाने के लिए सबसे पहले आप मिट्टी को अच्छी तरह से तैयार कर लीजिए खाद और उर्वरक के साथ।
  • अब इसके अंदर लोबिया के बीजों को लगा दीजिए और इसकी नियमित रूप से सिंचाई करते रहे।
  • जब लोबिया का पौधा विकसित हो जाए तो उसको प्रति सप्ताह दिन मे दो से तीन बार पानी जरूर डालें।
  • लोबिया मे कई सारी अलग-अलग बीमारियां होती हैं जो मौसम के परिवर्तन और कीट पतंगों के कारण लग जाती हैं।
  • इन बीमारियों और कीट पतंगों से बचने के लिए आप समय-समय पर कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव अवश्य करें।
  • जब इसकी फलियां पूर्ण रूप से विकसित हो जाती हैं तो इसे आप अपने हाथों द्वारा तोड़ लें और उसके बाद आप इसकी सब्जी या फिर किसी भी प्रकार की औषधि रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • सबसे अच्छा समय लोबिया को लगाने के लिए सितंबर से नवंबर माह के बीच का होता है।
  1. गर्मियों की हरी सब्जियां : ककड़ी

गर्मियों की हरी सब्जियां ककड़ी kakdi 

 दरअसल, ककड़ी की उत्पत्ति हमारे देश भारत से ही हुई है और यह तोरई के समान सब्जी बनाने के काम मे आती हैं। खासकर गर्मियों के समय मे ककड़ी का सेवन करना हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि यह हमारे शरीर में डिहाइड्रेशन की कमी को पूर्ण करती हैं। इसी के साथ साथ यह हमारे मस्तिष्क को तनावमुक्त रखती है, और  कोलेस्ट्रॉल और उच्च रक्तचाप को भी सामान्य रखती है। ककड़ी की स्वादिष्ट सब्जी हर किसी की पसंदीदा होती है, ऐसे में हर कोई इसे अपने घर के अंदर बगीचे में लगाना जरूर पसंद करेगा। तो चलिए जानते हैं, कि आप किस प्रकार ककड़ी की सब्जी को अपने बगीचे में लगा सकते हैं :-

  • ककड़ी को लगाने के लिए आप सबसे पहले एक बड़े आकार का गमला लें और उसमें ककड़ी के बीजों के अंकुरण के लिए अच्छी खाद और मिट्टी तैयार कर लेवे।
  • मिट्टी तैयार हो जाने के बाद आप इसमें ककड़ी के बीज को लगा देवें और उसको चार-पांच दिनों तक नियमित रूप से थोड़ा-थोड़ा पानी देवे।
  • ककड़ी के बीज को अंकुरित होने मे 1 सप्ताह का समय लगता है उसके बाद आप ककड़ी को नियमित रूप से पानी जरूर देवे।
  • ककड़ी की बेल थोड़ी लंबी हो सकती हैं इसके लिए आप इसे किसी दीवार या फिर घर की छत पर भी लगा सकते हैं।
  • इसमें कई सारी बीमारियां और फलियों के सड़ने की परेशानी आ सकती हैं ऐसे मे आप इस पर समय-समय पर कीटनाशकों और उर्वरकों का छिड़काव करें।
  • ककड़ी को जरूरत से ज्यादा पानी ना देवे क्योंकि यह कम पानी में भी अच्छे से विकसित हो जाती हैं।
  • पौधे के पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद ककड़ी को 40 से 50 दिन का समय लगता है फलियों को तैयार करने मे।
अतः जैसा कि हमने आपको ऊपर इन सात सब्जियों के बारे मे बताया है जिन्हें आप गर्मियों के मौसम मे बड़ी ही आसानी से लगा सकते हैं। इन सब्जियों को लगाने के लिए आपको जितनी भी जानकारियां जाननी थी वह सभी हमने ऊपर बता दी हैं और इसके अलावा आप इसे अपने घर पर आसानी से लगा सकते हैं।

जानें किसान कैसे असली और नकली घी की पहचान करें

जानें किसान कैसे असली और नकली घी की पहचान करें

असली देसी घी को केवल देखने भर से ही समझा जा सकता है। उसका रंग थोड़ा पीला अथवा सुनहरा होता है। वहीं, शुद्ध असली घी कभी भी स्मूथ टेक्सचर में नहीं आएगा, उसकी बनावट एक दम दानेदार होती है। आजकल बाजार के अंदर असली देसी घी के नाम पर लोगों को केवल मिलावटी घी खिलाया जा रहा है। कभी उसमें डालडा मिलाया जाता है, तो कभी पाम ऑयल और अब तो देसी घी में नारियल का तेल तक मिटावट कर बेचा जा रहा है। दरअसल, नारियल का तेल काफी मीठा होता है एवं ठंडा होने पर सहजता से घी की भांति जम जाता है। इस वजह से मिलावटखोर देसी घी में नारियल का तेल मिश्रित कर विक्रय कर रहे हैं। इसी संदर्भ में यह सवाल उठता है, कि आखिर हम असली देसी घी की पहचान किस प्रकार करें। आइए आपको बताते हैं, कि किसान असली देसी घी की पहचान कैसे करते हैं। दरअसल, किसान शुरू से शुद्ध देसी घी बनाते और खाते आए हैं। इस वजह से वह अपने तरीकों से असली घी की पहचान तुरंत कर लेते हैं।

शुद्ध व असली देसी घी की क्या पहचान होती है

असली देसी घी देखने में ही समझ आ जाता है, उसका रंग थोड़ा पीला या फिर सुनहरा होता है। असली घी कभी भी स्मूथ टेक्सचर में नहीं आता है, उसका एक दम दानेदार टेक्सचर होता है। दरअसल, यह दाने उसके सुनहरे भाग के मुकाबले में थोड़े सफेद होते हैं। इसके साथ ही, इसमें विभिन्न प्रकार की सुगंध होगी। हालांकि, वर्तमान में मिलावट खोर हर प्रकार की नकल करने लग गए हैं, घी को असली दिखाने के लिए इसमें सुगंध और प्रीजर्वेटिव्स का उपयोग करते हैं। इन प्रीजर्वेटिव्स के चलते यह नकली घी लंबे समय के लिए स्टोर करके रखे जा सकते हैं। गांव देहात में लोग अधिकांश शुद्ध देशी-घी का ही सेवन किया करते हैं। यह भी पढ़ें: खुशखबरी : तेलों की कीमतों में होने वाली है 10 रुपये तक की गिरावट

नकली घी को किस तरह पहचाना जा सकता है

आज हम आपको कई ऐसे तरीके बताएंगे जिनके जरिए से आप सहजता से नकली देसी घी की पहचान कर सकते हैं। यदि आपको यह लगता है, कि आपके घर में उपस्थित देसी घी नकली है, तो सर्वप्रथम आप एक चम्मच घी लेलें। उसे अपनी हथेली पर डालें व कुछ समय तक प्रतीक्षा करें, जिससे कि वह पिघल जाए। यदि आपका घी जल्दी पिघल गया है, तो इसका अर्थ घी असली है। परंतु, यदि इसे पिघलने में काफी देर लग रही है, तो समझ लीजिए कि इसमें मिलावट हुई है। क्योंकि, शुद्ध एवं असली देसी घी को शरीरिक तापमान के संपर्क में आते ही पिघलने में अधिक वक्त नहीं लगता है।

घी में नारियल के तेल की मिलावट का पता कैसे करें

देसी घी में नारियल के तेल की पहचान करना काफी मुश्किल काम होता है। दरअसल, नारियल का तेल देसी घी की भाँति ही जम कर सफेद हो जाता है एवं पिघलने पर पारदर्शी रहता है। ऐसे में घी में उपस्थित नारियल के तेल की जाँच करने का एकमात्र तरीका है, उस तरीके को डबल-बॉयलर मेथड के नाम से जाना जाता है। इसमें आपको सर्वप्रथम एक पैन में जल डाल कर गर्म करना होगा, इसके पश्चात उसके ऊपर दूसरे बाउल में घी रख कर गर्म करना होगा। जैसे ही घी पिघले इसे एक कंटेनर में निकाल कर कुछ देर के लिए फ्रिज में रख दें। यदि घी में नारियल का तेल की मिलावट होगी तो आप देखेंगे कि घी और नारियल का तेल भिन्न-भिन्न परत में जमे मिलेंगे।