कार्बन क्रेडिट फाइनेंस प्रोजेक्ट से किसानों को क्या और कैसे फायदा मिलेगा?

By: Merikheti
Published on: 23-Dec-2023

कार्बन क्रेडिट फाइनेंस प्रोजेक्ट लघु यानी छोटे कृषकों को कार्बन बाजारों से अतिरिक्त वित्तीय सहायता हासिल करने में मदद करके बीएचजीवाई परियोजना की समर्थन समयावधि के बाद भी वृक्षों की लगातार देखभाल सुनिश्चित करने में सहायता करेगा। ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) ने Intellecap और ACORN (Rabobank) की मदद से, झारखंड में 1 लाख रुपए से ज्यादा कृषकों को लाभ पहुंचाने के लिए कार्बन क्रेडिट फाइनेंस प्रोजेक्ट का अनावरण किया है।  यह पहल राज्य के उन समस्त कृषकों को लक्षित करती है, जिन्हें 2018 से बिरसा हरित ग्राम योजना के अन्तर्गत समर्थन हांसिल हुआ है। बतादें, कि रबोबैंक एसीओआरएन प्लेटफॉर्म में उनके एकीकरण की सुविधा प्रदान की गया है। प्रमुख तौर पर महिलाएं, जिन्होंने मनरेगा की बिरसा हरित ग्राम योजना (बीएचजीवाई) के अंतर्गत झारखंड सरकार के समर्थन से 1 लाख से ज्यादा एकड़ ग्रामीण जमीन पर फलों के बगीचे एवं स्थानीय लकड़ी के वृक्ष लगाए हैं। आपकी जानकारी के लिए बतादें, कि इन कृषकों को आगामी 15-20 वर्षों में कार्बन हटाने का फायदा मिलेगा।

झारखंड़ में बीएचजीवाई परियोजना की पहल हुई

यह प्रोजेक्ट लघु कृषकों को कार्बन बाजारों से अलावा वित्तीय मदद हासिल करने में सहयोग करके बीएचजीवाई परियोजना की समर्थन अवधि के उपरांत भी वृक्षों की निरंतर देखरेख निर्धारित करती है। उल्लेखनीय तोर से, इसमें कृषकों के लिए कोई भी जोखिम नहीं है अथवा उनके या सरकार की तरफ से कोई जरूरी निवेश नहीं है। परियोजना की डिजाइन का आरंभ झारखंड सरकार के समर्थन में कार्यान्वयन हिस्सेदारों के सहयोग से दिसंबर 2022 में प्रारंभ हुई थी।

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इंटेलकैप के प्रबंध निदेशक "कृषि एवं जलवायु" ने इसको लेकर क्या कहा है ? 

इंटेलकैप के प्रबंध निदेशक-कृषि और जलवायु, संतोष के. सिंह ने कहा, "हम छोटे किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें जलवायु स्मार्ट कृषि में परिवर्तित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जलवायु वित्त, मुख्य तौर पर कार्बन वित्त का समर्थन करके, परियोजना इस परिवर्तन को लाभदायक और जलवायु लचीली कृषि प्रथाओं में सक्षम बनाती है। हम उस पारिस्थितिकी तंत्र पर भी ध्यान दे रहे हैं, जो इसे प्राप्त करने के लिए आवश्यक है। साथ ही, मंच छोटे किसानों की मदद के लिए सरकारी एजेंसियों, निवेशकों और कॉर्पोरेट्स के साथ काम करता है।"

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यह परियोजना किसानों को समुचित भुगतान के सिद्धांत पर निर्धारित की गई है, जिसमें उत्पन्न कार्बन क्रेडिट राजस्व का 80% सीधे कृषकों के खातों में स्थानांतरित किया जाएगा। कार्बन क्रेडिट के अतिरिक्त, हिस्सेदार भारत सरकार के ग्रीन क्रेडिट प्लेटफॉर्म तथा अन्य वैश्विक जैव विविधता प्लेटफार्मों के जरिए से कृषकों को अतिरिक्त फायदा प्रदान करने के मार्ग तलाशेंगे। परियोजना का उद्देश्य वृक्षारोपण का समुचित रखरखाव निर्धारित करना, लघु कृषकों की आय को प्रोत्साहन देना एवं स्थानीय रोजगार के अवसर उत्पन्न करना है।

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