मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया है कि अब किसान बिना फार्मर रजिस्ट्रेशन के भी सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेच सकेंगे। यह फैसला खास तौर पर उन किसानों के लिए फायदेमंद है जिन्हें रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में परेशानी हो रही थी।
इस निर्णय के बाद किसान पहले की तरह सीधे सरकारी खरीद केंद्रों पर अपना गेहूं बेच पाएंगे। इससे उन्हें अनावश्यक कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और समय की बचत भी होगी। साथ ही, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आय सुरक्षित रहेगी।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि गेहूं बेचने आने वाले किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए पानी, पंखा और छाया (छाजन) जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
Food and Civil Supplies Department, Uttar Pradesh के अनुसार, 20 अप्रैल तक 42,000 से अधिक किसानों से करीब 2.38 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
इसके अलावा, लगभग 4.77 लाख किसानों ने गेहूं की बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है। राज्य भर में 5400 से ज्यादा सरकारी क्रय केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे किसानों को नजदीक ही अपनी फसल बेचने की सुविधा मिल रही है।
यह फैसला किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब बिना रजिस्ट्रेशन के भी गेहूं बेचने की सुविधा मिलने से प्रक्रिया आसान होगी, समय बचेगा और ज्यादा किसान सरकारी योजनाओं का लाभ उठा पाएंगे। खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह कदम काफी मददगार साबित होगा।
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