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जानिए प्रगतिशील किसान श्री नवीन यादव जी से कैसे बिना रासायनिक खाद के अच्छा उत्पादन ले सकते हैं.

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Mahindra Kisan Mahotsav

आज हमने बनारस जिले के हथियार खुर्द गांव के प्रगतिशील किसान श्री नवीन जी से बात की, हमने उनसे जाना कैसे वो बिना रासायनिक खाद के भी अच्छा उत्पादन ले सकते हैं.

आइये बताते है उनसे मेरीखेती.कॉम की टीम की क्या बात हुई.

मेरीखेती.कॉम टीम: नमस्कार नवीन जी, मेरीखेती.कॉम टीम आपका स्वागत करती है. आप हमारे किसान भाइयों को कुछ अपने बारे में बताइये.

नवीन जी:  मेरा सभी किसान भाइयों को नमस्कार. में मेरीखेती.कॉम की टीम का भी आभार व्यक्त करता हूँ की जो काम आप लोग कर रहे हैं उससे किसानों को ज्यादा से ज्यादा फायदा होगा और कम लागत में अधिक उपज मिलेगी. जैसे की सभी किसान भाई जानते हैं मेरीखेती.कॉम किसानों के द्वारा ही चलाया जाने वाली वेबसाइट है.

में आपको बताना चाहूंगा की में अपने चाचा जी श्री सतीश यादव ( फौजी) से ही खेती के बारे में ज्यादा जाना हूँ. वही हमें खेती की नई-नई तकनीकी को प्रयोग में लेने के लिए उत्साहित करते हैं. उन्होंने ही हमें जैविक खेती करने को हमें प्रोत्साहित किया.

मेरीखेती.कॉम : आपने इसकी शुरुआत कैसे की ?

नवीन जी : मेने इसको शुरू करने में बस 500 रुपये खर्च किये थे यानि में 500 रुपये के बीज खरीद के लाया था लौकी और काशीफल के उनको मेने गाय के मूत्र में ४-५ घंटे के लिए भिगो दिया और उसके बाद पंखें की हवा में २-३ घंटे के लिए सूखा दिया. उसके बात मेने इसे ३ बिस्सा खेत में लगा दिया और २ बिस्सा खेत में लौकी को लगा दिया.

मेरीखेती.कॉम: आपने खेत की तयारी कैसे की?

नवीन जी: मेने घर पर ही जीवामृत बनाया किशन चन्द्रा जी से में बहुत प्रभावित हूँ. मेने उनसे ही प्रभावित होकर देसी कीटनाशक बनाया था. खेत में पानी के साथ देकंपोज़र को मेने खेत में पानी के साथ डाला जिसमे गोमूत्र, गुड़ और बहुत सारे पेड़ों की पत्तियां मिला के मेने बनाया था. मेने कीटनाशक भी देसी गाय की छाछ से मेने कीटनाशक बनाया है जिसको में खेत में कड़ी फसल में प्रयोग करते हैं.

मेरीखेती.कॉम : आपकी फसल और रासायनिक फसल में क्या फर्क है?

नवीन जी: में अभी अपनी फसल को पूरा समय दे रहा हूँ और अपनी और रासायनिक फसल में जो फर्क है वो आप उसको टेस्ट के बाद ही पता चलेगा लेकिन हाँ आप उसके रंग और प्राकृतिक रूप से भी महसूस कर सकते हैं. घर में जो महिलाएं खाना बनती है वो समझ सकती है की जैविक सब्जी को पकने में समय नहीं लगता है और उसका स्वाद अलग ही होता है. आज में जब अपनी सब्जी को आढ़त पर ले जाता हूँ तो सबसे पहले मेरी फसल बिकती है. लोग इन्तजार करते हैं मेरी फसल का. पहले मुझे विश्वास ही नहीं होता था की जैविक फसल की इतनी मांग है.

मेरीखेती.कॉम : आप मेरीखेती.कॉम के किसानों के लिए आप क्या कहना चाहेंगें ?

नवीन जी: में सबसे पहले तो मेरीखेती.कॉम की टीम को धन्यवाद देना चाहूंगा जिन्होंने किसानो को एक ऐसी जगह दी हैं जहाँ सभी किसान एक दूसरे के सहयोग से समस्याओं का समाधान पा जाते हैं. दूसरा में किसानों को कहना चाहूंगा की अपनी आप को और अपनी आने वाली पीढ़ी को बचाने के लिए हमें जैविक खेती को अपनाना चाहिए जिससे हम भयानक से भयानक बिमारियों से बच सकें जैसे कैंसर, शुगर, जोड़ों के दर्द, हाई BP आदि से बच सकें और अपने बच्चों को एक आदर्श जीवन दे सकें.

मेरीखेती.कॉम : धन्यवाद नवीन जी आपने हमें समय दिया और हमारे किसानों के लिए आपने अपने बिचार साझा किये.

नवीन जी: धन्यवाद सर मेरी आपकी टीम और मेरीखेती को बहुत बहुत धन्यवाद आप ऐसे ही किसानों को जागरूक करते रहें और उन्हें आगे बढ़ने को प्रोत्साहित करते रहें.

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