ठंड के कारण बर्बाद हो रही है, किसानों की फसलें, जाने कौन-कौन सी फसल को है नुकसान

ठंड के कारण बर्बाद हो रही है, किसानों की फसलें, जाने कौन-कौन सी फसल को है नुकसान

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इस बार सर्दियों ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड से लोग परेशान हैं। साथ ही, यह फसलों के लिए भी बेहद हानिकारक साबित हो रही हैं। किसान अपनी बर्बाद हो रही फसलों को लेकर बेहद परेशान हैं। किसान इस भारी ठंड में भी दिन-रात जागते हुए अपनी फसलों की निगरानी कर रहे हैं। लेकिन फिर भी पाला फसलों को बर्बाद कर रहा है। उत्तर भारत में ज्यादातर नुकसान आलू की फसल को हुआ है। लेकिन अभी एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। पाले से इस बार फूलों वाली खेती पर भी बेहद बुरा प्रभाव पड़ रहा है। मौजूदा समय में हो रही फूलों वाली फसलों को भी नुकसान हो सकता है। किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

फूलों वाली फसलों को हो रहा नुकसान

बहुत ज्यादा कोहरा और पाला पड़ने के कारण सभी फसलें ठंड की चपेट में आ रही हैं। लेकिन फूलों वाली फसल में झुलसा रोग हो रहा है, जो पूरी तरह से फूलों वाली फसल को बर्बाद कर रहा है। यह रोक लगने के बाद फसल पूरी तरह से सूख कर बर्बाद हो जाती है। कोहरा और पाला अधिक पड़ने से फसलें अधिक ठंड की चपेट में आ गई हैं। झुलसा रोग फसलों को अधिक चपेट में ले रहा है। झुलसा रोग लगने से फसलें सूख जाती हैं। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। सरसों व राई की फसल फूलों वाली फसल होती है। विशेषज्ञों का कहना है, कि इस सीजन में इन फसलों पर माहू कीट और सफेद गेरूई का असर दिख रहा है। इसका असर फूल पर भी पड़ता है और फूल सूख जाता है। इससे सरसों और राई का उत्पादन घट जाता है।

इस रोग की चपेट में आ रही चने की फसल

चने की फसल के लिए कटवा कीट और बुकनी रोग बहुत ही हानिकारक होता है। चने की फसल में यह दोनों ही रोग देखने को मिल रहे हैं। फूल आने के समय फसल सूखने से किसानों का उत्पादन शत प्रतिशत घट जाता है। इस समय यही स्थिति बनी हुई है। किसान अपनी पूरी की पूरी फसल बर्बाद होने के कारण बहुत ज्यादा समस्याओं का सामना कर रहे हैं और आगे चलकर उन्हें आर्थिक मंदी का सामना भी करना पड़ रहा है।

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आलू की फसलों को भी हो रहा नुकसान

आलू के लिए ज्यादा ठंड कभी भी सही नहीं रहती है और इस बार की ठंड के कारण इसका सीधा असर आलू की खेती पर देखा जा रहा है। कृषि एक्सपर्ट का कहना है, कि अगर अगले 15 दिन तक भी ऐसी ही कड़ाके की ठंड पड़ी तो आलू की फसल को और भी ज्यादा नुकसान होने का खतरा है।

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