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लंदन के बाद जर्मनी भेजा जैविक कटहल

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Massey Ferguson 1035DI

हेल्दी फूड हेल्दी सोसायटी कांसेप्ट कब गतिमान होने लगा है। लंदन के बाद जर्मनी भारत का ग्लूटेन मुक्त जैविक कटहल पाउडर और पैक्ट कटहल की  10.20 मीट्रिक टन मात्रा भेजी गई है। जैविक उत्पाद समुद्री मार्ग से बेंगलुरु से भेजे गए।

एपीई जैकफ्रूट फलादा एग्रो रिसर्च फाउंडेशन (पीएआरएफ ), बेंगलुरु के स्वामित्व वाली कंपनी है। कंपनी अफ्रीका से पंजीकृत किसानों के साथ जुड़ी हुई है जिनके पास करीब 12 सौ एकड़ कृषि भूमि है।  किसान इसमें औषधि और सुगंधित जड़ी बूटियां आम की प्यूरी, मसाले, नारियल कटहल आदि की खेती करते हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत के जैविक उत्पादों की विदेशों में भी मांग बढ़ने लगी है हाल ही में त्रिपुरा से लंदन 1.2 मीट्रिक टन ताजे कटहल का निर्यात किया गया था। यह कथन त्रिपुरा स्थित सहयोग एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से भेजी गई थी।

जैविक फसल उत्पादन में देश में 2020-21 में लगभग 3.49 मिलियन टन प्रमाणित जैविक उत्पादन किया है। उत्पादों में तिलहन, गन्ना, अनाज, बाजरा, कपास, दालें सुगंधित और औषधीय पौधे चाय, कॉफी, फल, मसाले, सूखे मेवे, सब्जियां एवं प्रशंसकृत खाद्य पदार्थ शामिल हैं।

गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के क्रम में आपको बताते चलें मध्यप्रदेश में जैविक प्रमाणीकरण के तहत सबसे ज्यादा खेती की जाती है। इसके बाद राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, उड़ीसा, सिक्किम और उत्तर प्रदेश का स्थान है।

साल 2020-21 में जैविक उत्पादों के निर्यात की कुल मात्रा 8.88 लाख मीट्रिक टन थी और जिसके जरिए 7078 करोड़ रुपये (104 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का निर्यात किया गया था।

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