अब अपनी बंजर और बेकार पड़ी भूमि से भी किसान कमा सकते हैं पैसा, यहां करें आवेदन

1

सरकार किसानों की आय को बढ़ाने के लिए समय-समय पर प्रयास करती रहती है। इसके लिए सरकार किसानों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाती है, जिनके द्वारा किसान लाभान्वित हो पाएं। सरकार किसानों को लोन मुहैया कारवाने से लेकर कई योजनाओं के माध्यम से सब्सिडी भी प्रदान करती है, ताकि किसान जल्द से जल्द अपनी आय दोगुनी कर पाएं।

इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए अब राजस्थान सरकार ने किसानों को सौर ऊर्जा (Solar Energy; Saur Urja) से जोड़ने के लिए योजना शुरू की है। इसके तहत सरकार ने जयपुर में ‘सौर कृषि आजीविका योजना पोर्टल(Saur Krishi Ajivika Yojna) लॉन्च किया है। पोर्टल लॉन्च के दौरान राज्य ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से किसान अपनी खाली और बेकार पड़ी जमीन और बंजर खेतों में सोलर प्लांट (Solar Plant) लगाकार बिजली उत्पन्न कर सकते हैं, साथ ही इस बिजली को बेंच सकते हैं। इसके लिए सरकार जमीनों के मालिक और किसानों को विद्युत् वितरण कंपनी के साथ जोड़ रही है।

ये भी पढ़ें: किसान के खर्चो में कमी करने के लिए सबसे अच्छा उपाय है सोलर एनर्जी पर निर्भरता

सरकार ने सौर कृषि योजना पोर्टल किया लॉन्च

सरकार ने यह पोर्टल इसलिए लॉन्च किया है ताकि किसानों और जमीन मालिकों को उनकी जमीन में सौर ऊर्जा संयत्रों को स्थापित करने में किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। यह पोर्टल किसानों और जमीन मालिकों को सौर ऊर्जा संयत्रों को स्थापित करने में हर प्रकार की मदद करेगा। इस पोर्टल की मदद से सौर ऊर्जा कंपनियां सीधे किसानों और जमीन मालिकों से संपर्क साध सकेंगी, साथ ही इस पोर्टल के माध्यम से जमीन को लीज में लेने की प्रक्रिया भी बेहद आसान हो जायेगी, जिससे किसान और ऊर्जा कंपनियों के अधिकारियों को भी ज्यादा परेशान होने की जरुरत नहीं पड़ेगी।

इसके साथ ही सरकार ने बताया है कि पोर्टल में किसानों के लिए खेती बाड़ी से सम्बंधित अन्य जानकरियां भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। नए पोर्टल पर विजिट करने के लिए किसान भाई www.skayrajasthan.org.in पर जा सकते हैं और इसी के माध्यम से किसान भाई अपना आवेदन प्रेषित कर सकते हैं।

सरकार ने बताया है कि सौर कृषि योजना के अंतर्गत यदि कोई किसान अपनी जमीन में सौर ऊर्जा सयंत्र स्थापित करना चाह रहा है तो सरकार के द्वारा उसे पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत 30 प्रतिशत तक की सब्सिडी उपलब्ध करवाई जाएगी।

ये भी पढ़ें: पीएम कुसुम योजना में पंजीकरण करने का दावा कर रहीं फर्जी वेबसाइट : नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की एडवाइजरी

अगर राजस्थान में जमीनों की बात करें तो यहां पर बहुत सारी जमीनें पानी के आभाव में पूरी तरह से बंजर हो गईं हैं। ज्यादातर मिट्टी रेतीली है, जहां पर हर मौसम में खेती करना बेहद मुश्किल काम है, इसके साथ ही राजस्थान की बेहद गर्म जलवायु खेती के अनुकूल नहीं है। जिसके कारण राजस्थान में बहुत सारी जमीनें अनुपयोगी पड़ी हुई हैं, जिनका कोई उपयोग नहीं है। ऐसे में इन बेकार पड़ी जमीनों का इस्तेमाल सौर कृषि योजना के अंतर्गत सौर सयंत्र लगाने में किया जा सकता है। जिससे किसानों और जमीन मालिकों की आय बढ़ सकती है।

अगर आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले कुछ सालों में राजस्थान में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांति हुई है। अभी भारत में राजस्थान राज्य सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नंबर 1 स्थान रखता है। वर्तमान में राजस्थान में 142 गीगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होता है, अब बहुत सारी सरकारी और निजी कंपनियां सौर ऊर्जा से माध्यम से बिजली उत्पादन के लिए राजस्थान की खाली पड़ी जमीन में दिलचस्पी ले रही हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. AcceptRead More