fbpx

देश को आत्मनिर्भर बनाने में होगी कृषि व ग्रामीण क्षेत्र की अहम भूमिका, ई-प्लेटफार्म महत्वपूर्ण

0 2,673
Massey Ferguson 1035DI

कृषि क्षेत्र की बेहतरी व किसानों के समग्र विकास की दृष्टि से भारत सरकार दो अध्यादेश लाई हैं। अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है।केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इन रिफार्म्स के माध्यम से देश के 86 प्रतिशत छोटे किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कृषि प्रसंस्करण उद्यमियों से चर्चा की। श्री तोमर ने कहा कि सकारात्मक बदलाव व 1 लाख करोड़ रुपये के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड सहित अन्य उपायों से खेती के क्षेत्र में निजी निवेश के साथ ही नई पीढ़ी का आकर्षण भी बढ़ेगा।किसान आनलाइन प्लेटफार्म पर देश में कहीं भी, किसी को भी उपज बेच सकेंगे, जिससे उन्हें काफी अच्छे दाम मिल सकेंगे और आय बढ़ेगी।कृषि व ग्रामीण अर्थव्यवस्था भारत की बहुत बड़ी ताकत है, जो किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में खड़ी रहने में सक्षम है। कोविड संकट में भी यह साबित हुआ है।देश को आत्मनिर्भर बनाने में कृषि और ग्रामीण क्षेत्र की अहम् भूमिका रहेगी।

श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आत्मनिर्भर भारत बनाने की बात भले ही कुछ ही दिन पूर्व कही लेकिन पहले से ही उन्होंने इसकी बुनियाद रखना प्रारंभ कर दी थी। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में कृषि मंत्रालय, राज्य सरकारें और किसान सभी एक लक्ष्य रखते हुए समग्र प्रयत्न कर रहे हैं। इस लक्ष्य को प्राप्त करते कृषि और ग्रामीण क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन आएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना में किसानों के बैंक खातों में सीधे 93 हजार करोड़ रू. से ज्यादा राशि केंद्र सरकार ने जमा कराई है, जो खेती के क्षेत्र में पूरी दुनिया में अनूठा काम है। देश में 86 प्रतिशत छोटे किसान हैं, जो खुद निवेश करने की स्थिति में नहीं हैं, इन्हें लाभ पहुंचाने पर भारत सरकार का फोकस हैं। किसानों की अथक मेहनत की बदौलत ही भारत खाद्यान्न क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर है, बल्कि सरप्लस है।

उन्होंने कहा कि एक लाख करोड़ रू.के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के संबंध में कैबिनेट बैठक में निर्णय के मात्र महीने भर में प्रधानमंत्री जी ने फंड का शुभारंभ भी कर दिया। 10 हजार नए एफपीओ बनाने की बड़ी योजना भी सरकार ने शुरू की है। छोटे किसान इनसे जुड़ेंगे, जिससे उनकी ताकत बढ़ेगी, लागत घटेगी, उत्पादन वाल्यूम बढ़ेगा। किसानों को ई-प्लेटफार्म से भी काफी लाभ मिलेगा। श्री तोमर ने उद्यमियों से इसमें सहयोग का आग्रह किया। “कृषक उपज व्यापार व वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) अध्यादेश” तथा “मूल्‍य आश्‍वासन व कृषि सेवाओं के करारों के लिए किसानों का सशक्‍तिकरण व संरक्षण अध्‍यादेश” के संबंध में श्री तोमर ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति जी के हस्ताक्षर होने के साथ ही पूरे देश में ये दोनों अध्यादेश स्वमेव लागू हो चुके हैं, कोई संशय नहीं है।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की राष्ट्रीय कृषि परिषद् के सभापति श्री संजीव पुरी ने उद्यमियों की ओर से पूरे सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में केंद्र सरकार के ये रिफार्म्स ऐतिहासिक है, जो देश को नई दिशा देंगे। इनसे उत्पादन व उत्पादकता बढ़ेगी और विश्व बाजार में भारत प्रतिस्पर्धा कर सकेगा। उन्होंने अल्प समय में सरकार की ओर से काफी बड़े कदम उठाए जाने की सराहना की। आचार्य श्री बालकृष्ण ने कहा कि वन नेशन-वन मार्केट के लिए सरकार का यह क्रांतिकारी कदम है, जिसके अच्छे परिणाम भी आने लगे हैं। देश की आजादी के 74 वर्ष में जो नहीं हुआ, वह किसानों के लिए पिछले कुछ दिनों में हुआ है। कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने व कृषि उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए यह बहुत बड़ा कदम है। पीएम के नेतृत्व में खासतौर से कृषि क्षेत्र में अद्भुत काम हुआ है। राइस एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारी श्री अजय भालोतिया ने कहा कि देश में संचार क्रांति आने के कारण किसानों को अब उपज के सही भाव की जानकारी आसानी से हो जाती है। भारत सरकार ने ये अध्यादेश लागू करके किसानों को बरसों की गुलामी से वास्तविक आजादी दिला दी है। इससे धान उत्पादक किसानों की खुशहाली भी बढ़ेगी। दोहरे कर की मार भी समाप्त हो गई है। अब बिचौलिए नहीं है, कामन ई-प्लेटफार्म पर सीधे माल की खरीद-बिक्री होगी।

एग्री वेअरहाउसिंग के श्री अमित मुंडावाला ने कहा कि अध्यादेशों से कृषि क्षेत्र में नया भरोसा जागा है। गुजरात को-आपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के एमडी डा. आर.एस. सोढ़ी ने कहा कि अध्यादेशों से कृषि क्षेत्र में उदारता आई है। नए बदलावों से युवा कृषि से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे। बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन की एशिया हेड (कृषि) डा. पूर्वी मेहता ने कहा कि कृषि में इज आफ डूइंग बिजनेस की शुरूआत हुई है। इतनी गति से रिफार्म्स लाना ऐतिहासिक बात है। गुजरात के श्री पिरूज खम्बाटा ने रिफार्म्स को स्वागतयोग्य बताते हुए कहा कि इससे निश्चित रूप से किसानों की आय दोगुनी होगी। श्री त्रिकुमारन नागराजन, श्री अशोक शर्मा, श्री विजय कुमार वेंकटरामन, श्री अक्षय बेक्टर, श्री मयंक जालान, श्री पुनीत सिंह थिंड व श्री असीम पारेख ने भी विचार रखें।

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री परषोत्त्म रूपाला ने आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि किसानों की बेहतरी के लिए एक प्लेटफार्म पर सबको लाने का कार्य वेबिनार के जरिये किया गया है। कृषि मंत्रालय के सचिव श्री संजय अग्रवाल ने संचालन किया। बैठक में संयुक्त सचिव श्री पी.के. स्वाईं ने किसान हितैषी रिफार्म्स के संबंध में प्रजेन्टेशन दिया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

The maximum upload file size: 5 MB. You can upload: image, audio, document, interactive. Drop file here

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More