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किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: ई-ट्रैक्टर खरीदने पर मिलेगी 5 लाख रुपये तक की सब्सिडी

Published on: 29-May-2026
Updated on: 29-May-2026

हरियाणा सरकार ने इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पर 5 लाख तक की सब्सिडी देने का ऐलान

हरियाणा सरकार खेती को आधुनिक और किफायती बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार किसानों के लिए इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों पर विशेष सब्सिडी योजना लाने की तैयारी कर रही है। सरकार का उद्देश्य किसानों को नई तकनीक से जोड़ना और खेती की बढ़ती लागत को कम करना है। 

अधिकारियों का मानना है, कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। इसी सोच के तहत सरकार ट्रैक्टर निर्माण कंपनियों के साथ लगातार चर्चा कर रही है, ताकि किसानों को कम कीमत में आधुनिक ई-ट्रैक्टर उपलब्ध कराए जा सकें।

सरकार की 45 HP ई-ट्रैक्टर को सस्ता बनाने की कोशिश

इस समय बाजार में उपलब्ध 45 हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई जा रही है। इतनी अधिक कीमत होने के कारण छोटे और मध्यम किसान इसे खरीदने में कठिनाई महसूस कर सकते हैं। यही वजह है कि हरियाणा सरकार ट्रैक्टर कंपनियों से कीमत कम करने की मांग कर रही है। 

सरकार चाहती है, कि कंपनियां करीब 2 लाख रुपये तक कीमत घटाएं। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो ट्रैक्टर की कीमत लगभग 13 लाख रुपये तक आ सकती है। इससे किसानों के लिए आधुनिक तकनीक वाला ट्रैक्टर खरीदना पहले की तुलना में आसान हो जाएगा।

सब्सिडी योजना से किसानों को मिलेगा अच्छा-खासा लाभ 

राज्य सरकार इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खरीदने वाले किसानों को 5 लाख रुपये तक की सब्सिडी देने पर विचार कर रही है। यदि ट्रैक्टर की कीमत 13 लाख रुपये तक आती है और उस पर 5 लाख रुपये की सहायता मिलती है, तो किसानों को यह ट्रैक्टर लगभग 8 लाख रुपये में मिल सकता है। 

यह योजना खासतौर पर छोटे और मध्यम किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकती है। खेती में बढ़ती लागत के बीच कम कीमत पर आधुनिक ट्रैक्टर मिलना किसानों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों को इस नई तकनीक का लाभ देना है।

डीजल खर्च में होगी बड़ी बचत

इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इनमें डीजल की जरूरत नहीं पड़ती। आज डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण किसानों का खेती खर्च लगातार बढ़ रहा है। पारंपरिक ट्रैक्टरों को चलाने में हर महीने काफी पैसा खर्च होता है, जबकि ई-ट्रैक्टर बिजली से चलते हैं और संचालन खर्च कम करते हैं। 

खेतों की जुताई, बुवाई और अन्य कृषि कार्यों में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर का इस्तेमाल लंबे समय में किसानों के लिए बचत का बड़ा साधन बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे खेती की कुल लागत में कमी आएगी और किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद और जरूरी 

डीजल ट्रैक्टरों से निकलने वाला धुआं और कार्बन उत्सर्जन पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। इसके विपरीत इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर प्रदूषण मुक्त माने जाते हैं और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं। यदि किसान बड़ी संख्या में ई-ट्रैक्टर अपनाते हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदूषण कम हो सकता है। 

इससे गांवों का वातावरण बेहतर होगा और लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। सरकार अब खेती को हरित और टिकाऊ बनाने की दिशा में काम कर रही है, और इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर उसी पहल का अहम हिस्सा माने जा रहे हैं।

आधुनिक खेती को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर किसानों को आधुनिक खेती की ओर तेजी से ले जाएंगे। नई तकनीक से लैस ये ट्रैक्टर खेती के कई कार्य कम समय और अधिक दक्षता के साथ कर सकते हैं। इससे किसानों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और उत्पादन में सुधार देखने को मिल सकता है। 

आधुनिक ई-ट्रैक्टरों में स्मार्ट फीचर्स भी दिए जा रहे हैं, जो खेती को आसान और बेहतर बनाते हैं। आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में डिजिटल और इलेक्ट्रिक तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ने की संभावना है।

सरकार का कंपनियों से लगातार संवाद 

इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों को किसानों के लिए सस्ता और सुलभ बनाने के लिए सरकार और ट्रैक्टर कंपनियों के बीच लगातार चर्चा जारी है। सरकार चाहती है कि कंपनियां किसानों के हित में कीमतों में कमी करें, ताकि अधिक किसान इस तकनीक को अपना सकें। 

बातचीत में इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है कि ट्रैक्टर की गुणवत्ता और तकनीकी सुविधाओं से कोई समझौता न हो। सरकार का लक्ष्य किसानों को टिकाऊ और भरोसेमंद तकनीक उपलब्ध कराना है। यदि यह योजना सफल रहती है, तो अन्य राज्य भी इसी तरह की योजनाएं शुरू कर सकते हैं।

किसानों के लिए बदलाव का नया दौर

विशेषज्ञों का मानना है, कि यह योजना हरियाणा के किसानों के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। संभावित 2 लाख रुपये की कीमत कटौती और 5 लाख रुपये की सब्सिडी मिलाकर किसानों को लगभग 7 लाख रुपये तक का सीधा फायदा मिल सकता है। इससे किसानों के लिए आधुनिक तकनीक अपनाना आसान होगा। 

इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खेती को सस्ता, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आने वाले समय में यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो हरियाणा कृषि क्षेत्र में इलेक्ट्रिक तकनीक अपनाने वाला अग्रणी राज्य बन सकता है।

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