जानें जेट्रोफा से क्या-क्या बनता है और इसकी खेती कैसे करें

Published on: 18-Jul-2023

आपकी जानकारी के लिए बतादें कि जेट्रोफा की खेती के लिए उष्णकटिबंधीय जलवायु की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही इसकी खेती हेतु आपको ऐेसे खेत की आवश्यकता पड़ेगी। जहां पानी की निकासी अच्छी हो। यह पौधा शुष्क इलाकों में ज्यादा होता है। आज तक आपने किसानों को आम पारंपरिक फसलों की खेती करते हुए देखा होगा। वहीं, थोड़े बहुत किसानों को सब्जी की खेती करते हुए देखा होगा। परंतु, फिलहाल आपको किसान डीजल की खेती करते नजर आऐंगे। सामान्यतः इस पौधे का नाम जेट्रोफा है। परंतु, सामान्य बोलचाल की भाषा में इसे डीजल का पौधा कहा जाता है। दरअसल, इस पौधे के बीजों से बायोडीजल निकाला जाता है। किसानों को इसको इसका समुचित भाव मिलता है।

जेट्रोफा की खेती किस प्रकार की जाती है

जेट्रोफा की खेती के लिए उष्णकटिबंधीय जलवायु की आवश्यकता पड़ती है। साथ ही, जेट्रोफा की खेती के लिए आपको ऐेसे खेत की आवश्यकता पड़ेगी जहां पानी की समुचित निकासी की व्यवस्था हो। ये पौधा शुष्क इलाकों में ज्यादा होता है। मतलब कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान के इलाकों और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सो में इसकी खेती बेहतरीन ढ़ंग से होती है। जेट्रोफा के पौधे को सीधे तौर पर खेत में नहीं लगाया जाता है। सबसे पहले इसकी नर्सरी तैयार की जाती है। उसके बाद इसके पौधों को खेत में रोपा जाता है। इसकी खेती के साथ सबसे विशेष बात यह होती है, कि एक बार इसे खेत में लगा दिया जाए तो यह तीन से चार सालों तक फसल प्रदान करती है।

जेट्रोफा के बीजों से किस प्रकार डीजल बनता है

जेट्रोफा के पौधों से डीजल के बनने की प्रक्रिया बेहद सघन है। दरअसल, सबसे पहले जेट्रोफा के पौधे के बीजों को फलों से अलग करना पड़ता है। इसके उपरांत बीजों को काफी बेहद ढ़ंग से साफ किया जाता है। उसके बाद इन्हें एक मशीन के अंदर डाला जाता है। जहां से कि इसका तेल निकलता है। यह प्रक्रिया बिल्कुल उसी तरह की होती है, जैसे कि सरसों से तेल निकालने की प्रक्रिया होती है। ये भी पढ़े: महंगी तार फैंसिंग नहीं, कम लागत पर जानवर से ऐसे बचाएं फसल, कमाई करें डबल

जेट्रोफा की मांग में बढ़ोत्तरी

डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों की वजह से भारत सहित संपूर्ण विश्व में इसकी मांग बढ़ी है। भारत सरकार भी इसकी खेती में किसानों की सहायता कर रही है। इसलिए, यदि भारतीय किसान इसकी बड़े स्तर पर खेती करते हैं, तो यह उन्हें पारंपरिक फसलों की तुलना में अधिक मुनाफा देगी। आज के दौर में किसानों को लीक से हटकर फसलों का उत्पादन करना काफी मुनाफा दिला सकता है। किसानों को जेट्रोफा जैसी फसल भी उगानी चाहिए। किसानों को बाजार में मांग और आपूर्ति के अनुसार फसलों का उत्पादन करना चाहिए।

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