सरसों का एमएसपी बढ़ने से महंगा हुआ तेल

Published on: 01-Apr-2020

सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4200 से 4425 रुपए प्रति कुंतल होने की अधिकारिक घोषणा के साथ ही देशी खाद्य तेलों की कीमतों में उछाल आ गया है। विदेशों से आने वाले सस्ते तेलों की बाजार में मांग घटने और देशी तेलों की मांग बढ़ने से तिलहनी फसलों की कीमतें बढ गई हैं।सोयाबीन,सरसों एवं बिनौला तेल की मांग तेजी से बढ़ी है।इस बढ़त का कारण लॉकडाउन के समय में घर के राशन पानी में तेल की पर्याप्त खरीद को भी देखा जा रहा है। चीन से फैले कोरोना वायरस के बाद विदेशों से आयातित चीजों को लेकर उपभोक्ताओं में आशंका बनी है। विदित हो की एक अप्रैल से सरसों की नई एमएसपी दर लागू होंगी।

  mustard farming 

 लॉकडाउन के चलते विदेशों में मजबूती के रुख और रुपये के कमजोर होने के कारण सोयाबीन मिल डिलीवरी दिल्ली, सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम के भाव क्रमश:300 रुपये,200 रुपये और 230 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 8,900 रुपये,8,600 रुपये और 7,880 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। पामोलीन दिल्ली और पामोलीन कांडला के भाव पूर्व सप्ताहांत के बंद भाव के मुकाबले क्रमश: 250 रुपये और 200 रुपये का सुधार दर्शाते क्रमश: 8,050 रुपये और 7,350 रुपये क्विंटल पर बंद हुए।

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