इस राज्य में गेंदे की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए 70% प्रतिशत अनुदान

Published on: 20-Nov-2023

बिहार सरकार की तरफ से किसानों के लिए कई सारी योजनाऐं चलाई जा रही हैं। सरकार गेंदे के फूलों की खेती करने के लिए अनुदान प्रदान कर रही है। सरकार की तरफ से कृषकों को इस फूल की खेती करने के लिए 70 फीसद तक का अनुदान भी दिया जा रहा है। गेंदे के फूल का उपयोग पूजा पाठ से लेकर सजावट के कार्यों में किया जाता है। ये फूल दिखने में काफी ज्यादा खूबसूरत होता है। इस फूल की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए बिहार राज्य की सरकार कृषकों को अनुदान प्रदान कर रही है। बिहार सरकार ने गेंदे के फूलों की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए एक नवीन योजना तैयार की है। इसके अंतर्गत गेंदे के फूलों की खेती के लिए सरकार की तरफ से 70 फीसद तक अनुदान दिया जा रहा है। गेंदे के फूलों की खेती काफी फायदेमंद है। इन फूलों की हर वक्त मांग बनी रहती है। इन फूलों को स्वागत समारोह, शादी-विवाह, धार्मिक अनुष्ठानों एवं सजावट में इस्तेमाल किया जाता है।

बिहार सरकार 70 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान करेगी

बिहार सरकार का कहना है, कि किसानों को गेंदे के फूलों की खेती से ज्यादा धनराशि मिलेगी। इसके साथ ही इससे प्रदेश में लोगों को कार्य भी मिलेगा।किसान इस योजना के अंतर्गत एक एकड़ में गेंदे के फूलों की खेती करने के लिए 40,000 रुपये खर्च करेंगे। सरकार 28,000 रुपये अथवा 70 प्रतिशत खर्चा अनुदान के तौर पर प्रदान करेगी।

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बिहार में बढ़ेगा फूलों की खेती का रकबा

किसानों को इस योजना का फायदा प्राप्त करने के लिए संबंधित जनपद के उद्यान विभाग/कृषि विभाग में आवेदन करना पड़ेगा। कृषकों को आवेदन के साथ-साथ भूमि पट्टा, खाद, बीज और अन्य सामग्री की खरीद का दस्तावेज जमा करना होगा। सरकार का यह मानना है, कि बिहार में गेंदे के फूलों की खेती इस योजना से बढ़ेगी। इससे कृषकों की आमदनी में काफी बढ़ोतरी होगी और राज्य में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। 

ध्यान रखने योग्य बातें

गेंदे के फूलों की खेती के लिए दोमट मृदा सबसे उपयुक्त मानी जाती है। इसकी खेती के लिए 6-8 घंटे की धूप आवश्यक है। गेंदे के फूल की खेती करने के लिए प्रति एकड़ के अनुरूप लगभग 10 टन खाद की आवश्यकता होती है। साथ ही, गेंदे के फूलों की खेती के लिए प्रति एकड़ 100 किलोग्राम यूरिया, 50 किलोग्राम डीएपी एवं 50 किलोग्राम पोटाश की भी आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त गेंदे के फूल की खेती के लिए सिंचाई की उत्तम व्यवस्था भी होनी चाहिए।

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