बकरी पालन लोन योजना: किसानों को बकरी पालन पर मिलेगी 50 लाख का लोन

Published on: 19-Jan-2026
Updated on: 19-Jan-2026

किसानों को बकरी पालन के लिए बैंक से मिलेगा 50 लाख तक लोन 

किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से सरकार लगातार कई प्रकार की योजनाएं चला रही है, जिनमें बकरी पालन योजना (Bakri Palan Yojana) सबसे अधिक प्रभावशाली मानी जा रही है। बदलते समय में खेती-किसानी के साथ पशुपालन एक मजबूत और स्थायी विकल्प बनकर उभरा है। खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए बकरी पालन ऐसा व्यवसाय है, जिसे कम संसाधनों में शुरू किया जा सकता है और जिससे अच्छी आमदनी प्राप्त की जा सकती है। बकरी पालन न केवल आर्थिक मजबूती प्रदान करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करता है। यह व्यवसाय गांवों से हो रहे पलायन को रोकने में भी सहायक साबित हो सकता है।

कम लागत में शुरू होने वाला लाभदायक व्यवसाय

यदि आप कम पूंजी में कोई ऐसा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, जिसमें जोखिम कम हो और मुनाफे की संभावना ज्यादा हो, तो बकरी पालन आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। बकरी पालन के लिए बहुत अधिक जमीन या भारी-भरकम ढांचे की जरूरत नहीं होती। थोड़ी सी सही योजना, उचित नस्ल का चयन, संतुलित आहार और समय-समय पर पशु चिकित्सा देखभाल से यह व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ सकता है। सरकार और बैंक दोनों की मदद से अब बकरी पालन शुरू करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। सही प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर यह व्यवसाय लंबे समय तक स्थायी आय का स्रोत बन सकता है।

बकरी पालन के लिए 50 लाख रुपये तक का बैंक लोन

अब बकरी पालन व्यवसाय (Goat Farming Loan Yojana) शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक का बैंक लोन लिया जा सकता है। कई सरकारी और निजी बैंक इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाओं के तहत लोन उपलब्ध करा रहे हैं। लोन की राशि आपके प्रोजेक्ट के आकार, बिजनेस प्लान, फार्म की क्षमता और आपके क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करती है। छोटे स्तर पर शुरुआत करने वालों को कम राशि में भी सहायता मिल जाती है, जबकि बड़े स्तर पर फार्म खोलने वालों को ज्यादा लोन की सुविधा दी जाती है। इससे हर वर्ग का व्यक्ति अपने सामर्थ्य के अनुसार बकरी पालन शुरू कर सकता है।

कौन ले सकता है बकरी पालन लोन

बकरी पालन लोन (Goat Farming Loan) के लिए कुछ आवश्यक शर्तें तय की गई हैं। आवेदक का भारतीय नागरिक होना जरूरी है और उसकी आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। इसके साथ ही एक अच्छी और व्यवहारिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट होना अनिवार्य है, जिसमें लागत, लाभ, खर्च और आय का स्पष्ट विवरण हो। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाती है। इसके अलावा आवेदक के पास पशुपालन का अनुभव होना चाहिए या किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से बकरी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त होना चाहिए। SC, ST और OBC वर्ग के लोगों को विशेष सब्सिडी का लाभ दिया जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सहायता मिलती है।

किन बैंकों से मिलता है बकरी पालन लोन

भारत में कई बैंक बकरी पालन के लिए लोन उपलब्ध कराते हैं। IDBI बैंक 50 हजार से 50 लाख रुपये तक का लोन देता है, जिसमें जमीन या किसी गारंटी की आवश्यकता होती है। SBI भी बकरी पालन के लिए लोन प्रदान करता है, जहां अच्छी तरह से तैयार की गई प्रोजेक्ट रिपोर्ट अनिवार्य होती है। Canara Bank ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष योजनाओं के अंतर्गत बकरी पालन पर लोन और सब्सिडी की सुविधा देता है। इसके अलावा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाएं भी बकरी पालन के लिए ऋण उपलब्ध कराती हैं।

NABARD योजना के तहत लोन और सब्सिडी

NABARD सीधे लोन नहीं देता, बल्कि विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से बकरी पालन के लिए लोन और सब्सिडी उपलब्ध कराता है। NABARD योजना के तहत 25% से 35% तक की सब्सिडी दी जाती है। महिलाओं और SC/ST वर्ग के लाभार्थियों को अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। सब्सिडी की राशि सीधे बैंक को ट्रांसफर कर दी जाती है, जिससे लोन की कुल राशि कम हो जाती है और लाभार्थी पर वित्तीय बोझ घटता है। इससे ऋण चुकाने में भी काफी आसानी होती है।

बकरी पालन लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया

बकरी पालन लोन के लिए आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। SBI, IDBI जैसे बैंक अपनी वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा देते हैं। वहीं अन्य बैंकों की शाखा में जाकर ऑफलाइन आवेदन फॉर्म भी भरा जा सकता है। आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज संलग्न करने होते हैं। इसके बाद बैंक द्वारा आवेदक के दस्तावेजों और प्रोजेक्ट रिपोर्ट की जांच की जाती है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, यदि सब कुछ सही पाया जाता है, तो लोन स्वीकृत कर दिया जाता है।

लोन आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

बकरी पालन लोन के लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक खाता विवरण, जमीन के कागजात (यदि उपलब्ध हों) और एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट जरूरी होती है। इन दस्तावेजों के आधार पर बैंक आपकी पात्रता तय करता है और लोन की राशि निर्धारित करता है। सही और पूरे दस्तावेज होने से लोन स्वीकृति की प्रक्रिया तेज हो जाती है।

बकरी पालन व्यवसाय के मुख्य लाभ

बकरी पालन कम जमीन और कम लागत में शुरू किया जा सकता है। इससे दूध, मांस और जैविक खाद प्राप्त होती है, जिनकी बाजार में अच्छी मांग रहती है। यह ग्रामीण बेरोजगार युवाओं और किसानों के लिए रोजगार का बेहतरीन साधन है। सही नस्ल का चयन, संतुलित आहार और बेहतर प्रबंधन से मुनाफा कई गुना तक बढ़ाया जा सकता है। यह व्यवसाय जोखिम कम और लाभ अधिक देने वाला माना जाता है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम

बकरी पालन लोन और सब्सिडी योजनाएं किसानों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह योजना न केवल आर्थिक सशक्तिकरण करती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करती है। बकरी पालन के माध्यम से लोग अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अपना योगदान दे सकते हैं।

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