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फूलगोभी विटामिन और आमदनी भरपूर

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गोभी का फूल शोरबा, सूप, अचार और सब्जी सभी में प्रयुक्त होता है। इसमें विटामिन बी प्रचुर मात्रा में होने के आलावा अन्य सब्जियों के सापेक्ष प्रोटीन भी प्रचुर होता है। गोभी की इतनी किस्में प्रचलित हैं कि किसान अब साल भर इसकी खेती करने लगे हैं। अगेती किस्में लगाने से बाजार में कीमत ठीक मिलती है इसलिए यह ध्यान देने वाली बात है। इसकी खेती के लिए बलुई बेहतर जल निलासी वाली मिट्टी अच्छी रहती है।

किस्में

अगेती किस्में 60 से 80 दिन में फूल बनने लगता है। इनकी पौध मध्य जून से जुलाई के प्रथम सप्ताह तक लगाई जा सकती है। बीज करीब 700 ग्राम पति हैक्टेयर लगता है तथा उपज 400 कुंतल प्रति हैक्टेयर तक मिलती है। इनमें पूसा, कुंवारी, दीपाली, अर्ली, पंत गोभी 2 व 3, पटना, पूसा सिन्थेटिक, पूसा कार्तिकी, सेल 327 व 328 साहित अनेक किस्में क्षेत्रीय आधार पर मौजूद हैं।

मध्यम किस्में तैयार होने में 90 से 100 दिन लेती हैं। इनकी पौध मध्य अगस्त में डाली जाती है। इनसे उपज 200 से 300 कुंतल प्रति हैक्टेयर तक मिलती है। पूसा हाइब्रिड 2, अर्ली स्नोबाल, पंजाब जाएन्ट, पन्त शुभ्रा, कल्यानपुर, इम्प्रूब्ड जापानीज, हिसार 114, एस 1, नरेन्द्र 1 एवं अन्य कई उन्नत प्राईबेट कंपनियों की किस्में बाजार में मौजूद हैं।

पिछेती किस्में तैयार होने में 100 से 120 दिन का समय लेती हैं। इन्हें अक्टूबर में लगाया जाता है। बीज तरीक आधा किलोग्राम व उपज 300 कुंतल तक मिलती है। स्नोबाल 16, पूसा स्नोबाल 1 व 2, के 1, दानिया, स्नोकिंग, पूसा सिंथेटिक, विश्वभारती आदि किस्में उपयुक्त् पाई गई हैंं।

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