गमले में अदरक उगाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ाएं - Meri Kheti

गमले में अदरक उगाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ाएं

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सर्दियों के सीजन में समुचित आहार एवं व्यायाम नहीं करने की स्थिति में शीघ्र रोगग्रसित हो सकते हैं, परंतु फिलहाल घर पर ही अदरक (Ginger; Adrak) की तरह जड़ी बूटी उत्पादित करके स्वयं प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं, साथ ही सेहतमंद जीवन व्यतीत किया जा सकता है। भारत में शीत लहर आरंभ होने के साथ धीरे-धीरे हवा में कंपकपाहट में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। सर्दियों के मौसम में लोग ज्यादातर बीमारियों के चंगुल में फंस जाते हैं। बुखार, सर्दी-जुकाम, इस मौसम में सामान्य सी बात हो चुकी है। ऐसी समस्त समस्याओं से आपको अदरक से बनी चाय ही बचा सकती है। बतादें, कि अदरक एक प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक है, इसका उपयोग आयुर्वेदिक दवाएं बनाने के लिए किया जाता है। इसमें जिंक, आयरन, कैल्शियम के साथ-साथ विटामिंस प्रचूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो कि किसी बीमारिओं से बचाने में बेहद सहायक होते हैं।

मुख्य चीज यह है, कि फिलहाल स्वस्थ्य रहने हेतु आपको बाजार के अदरक पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, क्योंकि अब आप अपने घर पर ही बहुत सुगमता से इसको उत्पादित कर सकते हैं। दरअसल, अदरक का गृह उत्पादन बेहद ही आसान है। इसके हेतु आपको कोई अतिरिक्त व्यय करने की आवश्यकता नहीं होगी। वर्तमान में इसका बीज या अदरक के टुकड़े से भी आप 1 से 2 किलो तक अदरक की हार्वेस्टिंग ले आसानी से ले सकते हो। जिसकी विधि हम आपको आगे इस लेख में बताने जा रहे हैं।

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कौनसी जगह अदरक की बागवानी के लिए सही है

यदि हम अदरक की बागवानी के बारे में बात करें तो, उसके लिए जगह एक महत्वपूर्ण विषय है। अदरक की बागवानी ऐसी जगह की जानी चाहिए जहां सीधी धूप पर्याप्त मात्रा में मिल सके। यदि आप चाहें तो घर की छत, बालकनी अथवा आप खिड़की के आसपास भी गमला रखकर उगाया जा सकता है। अदरक के कंटेनर को शेड में स्थापित करें, जिसकी वजह से सर्द हवा एवं पाले का प्रत्यक्ष प्रभाव पौधे पर ना पड़े। क्योंकि बहुत बार अत्यधिक सर्दी के कारण हार्वेस्टिंग बेकार भी हो सकती है।

किस प्रकार करें प्लांटर को तैयार

अदरक की बागवानी करने हेतु सर्व प्रथम गमला स्थापित करना होगा। अगर आपको अच्छा लगे तो घर पर ही किसी पुरानी बाल्टी या कंटेनर का भी उपयोग कर सकते हैं। इसमें बागवानी मृदा अथवा साधारण मिट्टी के साथ कोकोपीट, वर्मीकंपोस्ट तथा गोबर से बनी खाद का मिश्रण डाल दें। एक बात का विशेष ख्याल रखें कि मृदा अत्यधिक नम या फिर गीली ना हो।

अदरक का बीज कैसे लगाएं

गमला तैयार करने के उपरांत आप 2 से 3 इंच का अदरक का टुकड़ा रसोई से लायें। पौधे के सुगम उत्पादित होने के लिए आप अदरक के टुकड़े को अंकुरित करके लगाएं। इसके बाद अदरक का टुकड़ा गमले में मिट्टी के भीतर लगाएं और उसके बाद थोड़ा सा जल भी छिड़क दें। यदि आप दिए गए विधि द्वारा अदरक का बीजारोपण करते हैं, तो आपको अति शीघ्र ही पैदावार मिलने के आसार हैं।

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इस प्रकार करें देखरेख

अदरक का गमला पूर्ण रूप से व्यवस्थित करने के उपरांत इसको प्रत्यक्ष रूप से धूप वाले स्थान पर रख दें, जिससे पौधे को शीघ्रता से बढ़ने में सहायता मिल सके। समय समय पर अपने पौधे की जाँच करते रहें, इसमें कोई कीड़े-मकोड़े, रोग एवं जलन तो नहीं लगे। अगर ऐसी स्थिति है, तो नींबू पानी का घोल बनाकर के पौधे पर छिड़काव कर सकते हैं। पौधे में जल आवश्यकतानुसार ही डालें, यदि जरूरत से ज्यादा जल ड़ाल दिया तो पौधा एवं अदरक में गलाव लग जाता है। सर्दियों के दिन प्रत्येक सप्ताह में 2 बार जल का छिड़काव किया जा सकता है।

मात्र 25 दिनों में अदरक की कटाई कर सकते हैं

बतादें, कि यदि आपने पौधे की बेहतरीन तरीके से देखभाल की है। हालाँकि, मौसम भी अदरक की बागवानी हेतु काफी अनुकूल ही रहेगा। इस वजह से 25 दिन के अंतराल में ही अदरक की काफी बेहतरीन कटाई ली जा सकती है। इस प्रकार से स्वयं भी मात्र एक अदरक के टुकड़े से आप काफी उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। इसके माध्यम से आपको बेहद कम व्यय करके अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ा सकते हैं।

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