ICAR ने विकसित की नींबू की नई किस्म, तीसरे ही साल लग जाते हैं फल - Meri Kheti

ICAR ने विकसित की नींबू की नई किस्म, तीसरे ही साल लग जाते हैं फल

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बागवानी खेती करने वाले किसानों के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (इंडियन काउंसिल आफ एग्रीकल्चरल रिसर्च यानि ICAR) एक अच्छी खबर लेकर आया है। पिछले कई सालों से ICAR नींबू (Lemon) की नई किस्में विकसित करने की कोशिश कर रहा था, जिसमें इस संस्थान को अंततः सफलता मिल गई है।

ICAR के कृषि वैज्ञानिकों ने नींबू के फल में एसिड और रस की मात्रा को ध्यान में रखते हुए नींबू की एक नई किस्म विकसित है। कृषि वैज्ञानिकों ने इस नई किस्म को ‘थार वैभव(Thar Vaibhav) नाम दिया है। थार वैभव नींबू की किस्म को सेंट्रल हॉर्टिकल्चरल एक्सपेरिमेंट स्टेशन (Central Horticultural Experiment Station (ICAR-CIAH)), वेजलपुर, गोधरा, गुजरात में विकसित किया गया है।

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कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, इस थार वैभव नींबू की किस्म की कई विशेषताएं हैं-

सिर्फ 3 साल बाद ही आने लगते हैं पेड़ में फल

नींबू की यह किस्म एक तरह की एसिड लाइम किस्म है, इसके पौधे को लगाने के बाद मात्र 3 साल में ही फल लगने शुरू हो जाते हैं। नींबू के इस पेड़ में बेहद पास-पास फल लगते हैं, जिससे उत्पादन ज्यादा होता है। इसके फल गोलाकार होते हैं, साथ ही आकर्षक पीले और चिकने छिलके वाले होते हैं, एक फल में 6 से 8 बीज होते हैं।

एक पौधे में होगा इतना उत्पादन

यह पेड़ अन्य नींबू के पेड़ों के मुकाबले जल्द ही फल देने लगता है, इसके एक गुच्छे में 3 से 9 नींबू तक लगते हैं। ‘थार वैभव’ किस्म के नींबू के फल में रस की मात्रा 49 प्रतिशत तक हो सकती है, साथ ही अम्लता 6.84 प्रतिशत तक होती है। नींबू की इस किस्म का एक पेड़ एक मौसम में कम से कम 60 किलो नींबू का उत्पादन कर सकता है।

कृषि वैज्ञानिकों ने इस फल के बारे में बताया है कि ये फल गर्मियों में तैयार हो जाते हैं। इन दिनों भारत में एसिड लाइम के उत्पादक ऐसे फलों की मांग करते हैं, उनकी मांग को देखते हुए बाजार में ऐसे फलों की डिमांड बढ़ सकती है।

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कोरोना काल में बढ़ी थी ऐसे नींबू की मांग

देश में जब कोरोना चरम पर था तब डॉक्टरों ने लोगों को ज्यादा से ज्यादा Vitamin C के सेवन की सलाह दी थी, क्योंकि Vitamin C लोगों के भीतर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में कारगर होता है, और इसलिए लोगों ने इस दौरान Vitamin C का भरपूर सेवन किया, चाहे वह गोली के रूप में हो या नींबू और संतरे जैसे फलों के रूप में। कोरोना के बाद से लोगों के बीच Vitamin C को लेकर जागरूकता आई है और बाजार में नींबू की खपत बढ़ गई है। ऐसे में यदि किसान इस नई किस्म की खेती करते हैं तो वो 3 साल में ही उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं और ‘थार वैभव’ नींबू को बेचकर अपनी आमदनी तेजी से बढ़ा सकते हैं।

‘थार वैभव’ के साथ ही ICAR के वैज्ञानिक नींबू की और भी नई किस्में विकसित करने पर काम कर रहे हैं, जिनमें नींबू का उत्पादन भी ज्यादा मात्रा में हो और नींबू में रस की मात्रा भी ज्यादा हो, ताकि इस प्रकार की नई किस्म से मार्केट में बढ़ी हुई डिमांड को पूरा किया जा सके। फिलहाल कृषि वैज्ञानिक ‘थार वैभव’ को लेकर भी विश्लेषण करेंगे कि यह किस्म किसानों के बीच लोकप्रिय हो पाती है या नहीं।

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