देश के कई हिस्से इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोगों का दिन में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। खासतौर पर राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में हालात ज्यादा गंभीर हैं। कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के अनुसार 28 अप्रैल के बाद उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आंधी और बारिश की संभावना के चलते लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली-एनसीआर में गर्मी के साथ-साथ प्रदूषण ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है और दिन के समय तेज लू चलने के आसार हैं।
हवा की गुणवत्ता भी चिंताजनक बनी हुई है। लोनी में AQI 353 तक पहुंच गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। गर्मी और प्रदूषण का यह संयोजन बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए खासतौर पर खतरनाक साबित हो रहा है।
गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर यह है कि 28 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
28 अप्रैल को तापमान में गिरावट के साथ हल्की बारिश हो सकती है और अधिकतम तापमान करीब 41 डिग्री तक आ सकता है। 29 और 30 अप्रैल को बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे मौसम कुछ सुहावना हो सकता है। 30 अप्रैल तक तापमान घटकर करीब 38 डिग्री तक पहुंचने की उम्मीद है। मई की शुरुआत में मौसम साफ रहेगा, लेकिन तापमान नियंत्रित रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में मौसम इस समय दोहरे रूप में देखने को मिल रहा है। एक ओर तेज गर्मी और लू का असर है, वहीं दूसरी ओर आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
खजुराहो और रतलाम में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच चुका है, जबकि भोपाल में भी तेज गर्मी दर्ज की गई है। हालांकि 27 से 30 अप्रैल के बीच कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं (40–50 किमी/घंटा) की संभावना है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है।
भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूल 30 अप्रैल तक बंद कर दिए गए हैं। साथ ही, लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। किसानों को हल्की सिंचाई करने और पशुपालकों को पशुओं को छायादार स्थान पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्थान में गर्मी अपने चरम पर है। बाड़मेर में तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। वहीं जैसलमेर में भी पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा कोटा और चित्तौरगढ़ में भी तापमान 45 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। दिन के साथ-साथ रात में भी गर्म हवाओं का असर बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से राजस्थान में मौसम बदलने की संभावना है।
28 से 30 अप्रैल के बीच राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश हो सकती है। जयपुर और अलवर में हल्की बारिश का अलर्ट है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। हाल ही में बीकानेर, अजमेर और भीलवाड़ा में धूल भरी आंधी चली, जिससे थोड़ी राहत महसूस की गई।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के लिए भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। असम, मेघालय और त्रिपुरा में तेज तूफान और भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश और असम में 30 अप्रैल के आसपास बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं बिहार, झारखण्ड और पश्चिम बंगाल में भी तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ आंधी आने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल से उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट शुरू हो सकती है। मध्य भारत में 29 अप्रैल से 2–3 डिग्री की कमी आएगी, जबकि पूर्वी भारत में 30 अप्रैल तक 3–5 डिग्री तक तापमान कम होने की संभावना है। गुजरात और महाराष्ट्र में भी महीने के अंत तक गर्मी धीरे-धीरे कम होने लगेगी। देश में इस समय मौसम का दोहरा असर देखने को मिल रहा है—एक तरफ तेज गर्मी और लू, तो दूसरी तरफ कई क्षेत्रों में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना। आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन तब तक सतर्क रहना और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
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