मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना आज राज्य की महिलाओं के लिए एक मजबूत आर्थिक सहारा बन चुकी है। इस योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को हर महीने सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभकारी साबित हुई है। अब इस योजना की 36वीं किस्त को लेकर लाखों महिलाओं को इंतजार है, जो जल्द ही उनके खातों में ट्रांसफर की जा सकती है।
लाड़ली बहना योजना की किस्त आमतौर पर हर महीने 10 से 15 तारीख के बीच जारी की जाती है। इसी क्रम में यह उम्मीद की जा रही है कि मई 2026 की 36वीं किस्त भी 15 मई से पहले जारी हो सकती है। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस किस्त की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। कई बार त्योहारों या विशेष अवसरों के चलते किस्त निर्धारित समय से पहले भी जारी कर दी जाती है, जिससे महिलाओं को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
हाल ही में 12 अप्रैल 2026 को योजना की 35वीं किस्त जारी की गई थी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीहोर जिले के आष्टा से इस राशि का वितरण किया था। उस दौरान राज्य की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में कुल 1836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई थी। यह आंकड़ा इस योजना की व्यापकता और प्रभाव को दर्शाता है, जिससे स्पष्ट होता है कि यह योजना कितने बड़े स्तर पर महिलाओं को लाभ पहुंचा रही है।
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत मई 2023 में की गई थी, और इसकी पहली किस्त 10 जून 2023 को जारी की गई थी। प्रारंभ में महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह दिए जाते थे, जिसे बाद में अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 1250 रुपये कर दिया गया। इसके बाद नवंबर 2025 से इस राशि में 250 रुपये की और वृद्धि की गई, जिससे अब पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह मिल रहे हैं। इस प्रकार महिलाएं सालाना 18,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं, जो उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद कर रही है।
लाड़ली बहना योजना (CM Ladli Bahna) में सामान्य हितग्राही महिलाओं के अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। ऐसी महिलाओं को प्रति माह 900 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि समाज के कमजोर वर्ग की महिलाओं को भी वित्तीय सहायता मिल सके। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना के दायरे में लाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए।
लाड़ली बहना योजना का लाभ केवल मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी महिलाओं को दिया जाता है। इसमें विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं शामिल हैं। योजना के लिए आयु सीमा 21 से 60 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके अलावा महिला के पास स्वयं का बैंक खाता होना चाहिए, जो आधार से लिंक हो और उसमें डीबीटी (Direct Benefit Transfer) सक्रिय हो। साथ ही समग्र पोर्टल पर आधार सत्यापन भी अनिवार्य है, जिससे लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से महिलाओं तक पहुंच सके।
कुछ विशेष परिस्थितियों में महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाता। जिन परिवारों की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है या जो आयकरदाता हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं माने जाते। इसके अलावा जिन परिवारों के पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि है या चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) है, उन्हें भी इस योजना से बाहर रखा गया है। सरकारी नौकरी या पेंशन प्राप्त करने वाले परिवारों की महिलाएं भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकतीं। आवेदन के लिए समग्र आईडी, परिवार समग्र आईडी, आधार कार्ड, बैंक खाता, पंजीकृत मोबाइल नंबर और e-KYC व DBT सक्रिय होना अनिवार्य है।
महिलाएं आसानी से यह जांच सकती हैं कि उनका नाम लाभार्थी सूची में शामिल है या नहीं। इसके लिए उन्हें योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा और “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद समग्र आईडी या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज कर सर्च करना होता है। स्क्रीन पर लाभार्थियों की सूची दिखाई देगी, जिसमें महिलाएं अपना नाम देख सकती हैं। यदि नाम सूची में सक्रिय है, तो अगली किस्त निर्धारित तारीख पर सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। यह प्रक्रिया सरल और पारदर्शी है, जिससे हर लाभार्थी आसानी से अपनी स्थिति जान सकता है।
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