उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देते हुए खरीफ और रबी सीजन में हुए नुकसान की भरपाई के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) के तहत राज्य सरकार ने 122.28 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि वितरित करने का निर्णय लिया है। यह राशि उन किसानों को दी जाएगी जिनकी फसलें प्रतिकूल मौसम जैसे सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि या अत्यधिक बारिश के कारण प्रभावित हुई थीं। इस पहल का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को संभालना और उन्हें भविष्य के लिए सुरक्षित बनाना है। सरकार का यह निर्णय किसानों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे उन्हें नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी और उनकी आय में स्थिरता आएगी।
सरकार द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 4 मई 2026 को शाम 4 बजे प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया जाएगा। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हो सके। इस कार्यक्रम को विशेष रूप से डिजिटल और “वन-क्लिक” प्रणाली के माध्यम से संचालित किया जाएगा, ताकि किसानों को बिना किसी परेशानी के उनका पैसा मिल सके। यह पहल डिजिटल इंडिया के तहत सरकारी सेवाओं को सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खरीफ 2025 सीजन के लिए कुल 730.04 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित की गई थी। इसमें से 624.88 करोड़ रुपये पहले ही किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। अब शेष 105.16 करोड़ रुपये की राशि 4 मई को जारी की जाएगी। वहीं, रबी 2025-26 सीजन के लिए 17.11 करोड़ रुपये की बची हुई राशि भी इसी दिन किसानों को दी जाएगी। इस प्रकार दोनों सीजन को मिलाकर कुल 122.28 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे जाएंगे। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि किसी भी किसान को उसका हक समय पर मिल सके।
यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने किसानों को राहत प्रदान की है। इससे पहले 21 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खरीफ 2025 के लिए 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि 2.51 लाख किसानों को वितरित की थी। यह वितरण भी डिजिटल माध्यम से किया गया था, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज बनी रही। इस तरह की पहल यह दर्शाती है कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और उन्हें समय पर आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017-18 से लेकर 2025-26 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (pm Fasal Bima Yojana) के तहत 67.86 लाख किसानों को कुल 5755.68 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दी जा चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि यह योजना किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में काम कर रही है। इस योजना के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद मिल रही है और उनकी आय को स्थिर बनाए रखने में सहायता मिल रही है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को ग्राम पंचायत स्तर पर लागू किया गया है, जिससे अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके। खरीफ सीजन में धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, उड़द, मूंग, अरहर, मूंगफली, सोयाबीन और तिल जैसी फसलों को बीमा कवर दिया जाता है। वहीं रबी सीजन में गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी और आलू जैसी फसलों को शामिल किया गया है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि लगभग सभी प्रमुख फसलों को सुरक्षा प्रदान की जाए और किसानों को किसी भी प्रकार के नुकसान की स्थिति में सहायता मिल सके।
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना पड़ता है। खरीफ फसलों के लिए बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत
प्रीमियम लिया जाता है, जबकि रबी फसलों के लिए यह 1.5 प्रतिशत निर्धारित है। वहीं नकदी फसलों के लिए अधिकतम 5 प्रतिशत प्रीमियम तय किया गया है। बाकी प्रीमियम का भार केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर उठाती हैं। इस कारण यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी बेहद लाभकारी बन जाती है, क्योंकि उन्हें कम लागत में व्यापक सुरक्षा मिलती है।
प्राकृतिक आपदाएं जैसे सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि और अत्यधिक बारिश किसानों के लिए बड़ी चुनौती होती हैं। ऐसी परिस्थितियों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभर रही है। 4 मई को होने वाला यह भुगतान कार्यक्रम लाखों किसानों के लिए राहत लेकर आएगा और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा। यह योजना न केवल वर्तमान नुकसान की भरपाई करती है, बल्कि किसानों को भविष्य में भी जोखिम से बचाने में मदद करती है। सरकार की यह पहल किसानों के जीवन में स्थिरता और सुरक्षा लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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