किसानों को राहत: गुणवत्ता नियमों में ढील, खरीद स्लॉट सुनिश्चित

Published on: 09-Apr-2026
Updated on: 09-Apr-2026

राजस्थान सरकार का सराहनीय निर्णय

राजस्थान में गेहूं खरीद को लेकर किसानों की बढ़ती समस्याओं को देखते हुए सरकार ने अहम फैसला लिया है। अब बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित गेहूं को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जाएगा। 

साथ ही, गुणवत्ता मानकों में नरमी और हर किसान के लिए खरीद स्लॉट तय करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

कोटा स्थित सर्किट हाउस में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में गेहूं खरीद की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि मामूली गुणवत्ता खामियों के कारण बड़ी मात्रा में गेहूं को अस्वीकार किया जा रहा है। यह भी सामने आया कि मौसम की मार झेल रहे किसानों को तकनीकी कारणों से अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बैठक में दिए गए अहम निर्देश

बैठक के दौरान सांसद ओम बिरला और मंत्री हीरालाल नागर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गेहूं खरीद में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी खरीद केंद्र पूरी क्षमता से संचालित हों और कोई भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे। 

उन्होंने गुणवत्ता जांच में अनावश्यक सख्ती से बचने, समय पर स्लॉट उपलब्ध कराने और प्रक्रिया को तेज व पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। साथ ही भंडारण और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।

बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित गेहूं पर राहत

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित गेहूं की भी MSP पर खरीद की जाएगी। इसके लिए गुणवत्ता मानकों में आवश्यक ढील देने के निर्देश केंद्र स्तर पर भेज दिए गए हैं और जल्द ही औपचारिक आदेश जारी होने की संभावना है। इससे प्रभावित किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

हर किसान की उपज खरीदी जाएगी

अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी खरीद केंद्र पूरी क्षमता से कार्य करें और किसी भी किसान को बाहर न रखा जाए। हर किसान को खरीद के लिए स्लॉट उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे तय समय पर उपज की बिक्री हो सके और मंडियों में भीड़ नियंत्रित रहे।

अतिरिक्त बारदाने की व्यवस्था

व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने अगले सात दिनों में अतिरिक्त बारदाने की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा छुट्टियों में भी वेयरहाउस खुले रखने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे रैक की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि परिवहन में देरी न हो।

मामूली खामियों पर गेहूं रिजेक्ट नहीं होगा

बैठक में यह मुद्दा भी सामने आया कि कई जगहों पर दानों के हल्के कालेपन या सफेदी के कारण गेहूं को अस्वीकार किया जा रहा है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बरती जाए और किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।

मंडियों का दौरा कर लिया जायजा

बैठक के बाद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मंडियों का दौरा कर जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया। किसानों ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी उपज बेचने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन रिजेक्शन और स्लॉट की कमी के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि अब प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा।

किसानों के लिए विशेष सुविधाएं लागू

किसानों की सुविधा के लिए कुछ विशेष प्रावधान भी किए जा रहे हैं। बुजुर्ग किसानों को बायोमेट्रिक प्रक्रिया में छूट दी जाएगी, जिससे उनके परिवार के सदस्य उनकी ओर से औपचारिकताएं पूरी कर सकें। 

निजी वेयरहाउस का उपयोग कर भंडारण क्षमता बढ़ाई जाएगी और स्लॉट बुकिंग के साथ ही तुलाई का समय पहले से निर्धारित किया जाएगा।

सरकार का राहतभरा कदम

कुल मिलाकर, यह निर्णय किसानों के लिए राहत देने वाला साबित हो सकता है। इससे न केवल मौसम से प्रभावित फसल को उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि खरीद प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और तेज होगी। उम्मीद है कि इन कदमों से किसानों की समस्याएं कम होंगी और उन्हें उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिल सकेगा।

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