बिहार गन्ना यंत्रीकरण योजना: 324 किसानों को मशीन खरीदने की अनुमति

Published on: 06-Mar-2026
Updated on: 06-Mar-2026

बिहार में गन्ना खेती को अधिक आधुनिक, किफायती और लाभकारी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। गन्ना उद्योग विभाग द्वारा संचालित गन्ना यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत 324 किसानों को कृषि मशीनरी खरीदने के लिए परमिट जारी किए गए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गन्ना उत्पादन में मशीनों के उपयोग को बढ़ावा देना, मजदूरी पर निर्भरता कम करना और खेती की कुल लागत घटाना है।

50–60 प्रतिशत सब्सिडी से किसानों को राहत  

विभागीय जानकारी के अनुसार, 300 से अधिक किसानों ने खेत की तैयारी से लेकर गन्ना कटाई तक उपयोग में आने वाली मशीनों की खरीद भी कर ली है। सरकार इन मशीनों की कीमत पर 50 से 60 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान कर रही है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार लागू इस योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने में आर्थिक सहयोग मिल रहा है, जिससे खेती अधिक व्यावहारिक और लाभदायक बन रही है।

11 प्रकार की मशीनों पर मिल रहा अनुदान

गन्ना उत्पादन को पूर्ण रूप से यंत्रीकृत बनाने के लिए योजना में कुल 11 प्रकार की कृषि मशीनों को शामिल किया गया है। इनमें डिस्क हैरो, हाइड्रॉलिक डिस्क हैरो, पावर वीडर, पावर टिलर, लैंड लेवलर, लेजर लेवलर, रोटावेटर, रैटून मैनेजमेंट डिवाइस, मिनी ट्रैक्टर (4WD), ट्रैक्टर माउंटेड हाइड्रॉलिक स्प्रेयर तथा शुगरकेन कटर प्लांटर शामिल हैं।

इन उपकरणों की सहायता से जुताई, भूमि समतलीकरण, बुवाई, छिड़काव और कटाई जैसे कार्य कम समय और कम लागत में पूरे किए जा सकते हैं। विभाग का मानना है कि मशीनों के उपयोग से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी सुधार होगा।

विभिन्न जिलों में आयोजित किए गए यंत्रीकरण कैंप

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक से अधिक किसानों तक जानकारी पहुंचाने के लिए फरवरी माह में राज्य की विभिन्न चीनी मिलों में विशेष यंत्रीकरण कैंप लगाए गए। 5 और 6 फरवरी को बगहा, लौरिया, मझौलिया, नरकटियागंज और हरिनगर की चीनी मिलों में कैंप आयोजित किए गए।

इसके बाद 9 और 10 फरवरी को सुगौली, सिधवलिया, विष्णु और प्रतापपुर चीनी मिलों में तथा 11 और 12 फरवरी को समस्तीपुर जिले की हसनपुर चीनी मिल में किसानों को योजना की जानकारी दी गई। 13 और 14 फरवरी को सीतामढ़ी जिले की रीगा चीनी मिल में भी कैंप आयोजित हुए। इन कैंपों के दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने मशीनों की अग्रिम बुकिंग कराई और कई किसानों ने मौके पर ही खरीद प्रक्रिया पूरी की। विभाग के अनुसार भविष्य में अन्य जिलों में भी ऐसे कैंप आयोजित किए जाएंगे।

विभाग की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजना

गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने बताया कि चयनित किसानों को मशीन खरीद के लिए परमिट जारी किए जा रहे हैं, जिससे वे सब्सिडी दर पर आधुनिक कृषि यंत्र प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि इस योजना से गन्ना खेती अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बनेगी। सरकार का लक्ष्य उत्पादन में तकनीकी सुधार लाना और किसानों को श्रम संकट से राहत दिलाना है। मशीनों के उपयोग से समय की बचत होगी और फसल की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा।

किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही योजना

बिहार सरकार की गन्ना यंत्रीकरण योजना राज्य के गन्ना उत्पादकों के लिए बड़ी राहत के रूप में सामने आई है। 50 से 60 प्रतिशत सब्सिडी और 11 प्रकार की मशीनों पर सहायता मिलने से खेती की लागत कम होगी और उत्पादन में वृद्धि की संभावना बढ़ेगी। आने वाले समय में योजना का विस्तार होने से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी गन्ना उद्योग विभाग कार्यालय, संबंधित चीनी मिल या जिला कृषि पदाधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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